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Agra: बरहन बाईपास निर्माण पर बवाल, खेतों में उतरा बुलडोजर, किसानों के विरोध के आगे लौटे अफसर
Thu, 16 Jul 2026 12:27 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:27 PM IST
सार
बरहन-आंवलखेड़ा रोड पर प्रस्तावित बाईपास निर्माण के लिए पहुंचे अधिकारियों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने बिना मुआवजे और सहमति पत्र के जमीन अधिग्रहण का विरोध करते हुए काम रुकवा दिया।
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बुलडोजर। स्रोत : विभाग
- फोटो : 1
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विस्तार
आगरा के बरहन-आंवलखेड़ा रोड पर प्रस्तावित बाईपास निर्माण के लिए मिट्टी कार्य प्रारंभ कराने बुधवार को पहुंचे पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक अधिकारियों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों द्वारा बिना मुआवजे के जमीन अधिग्रहण करने का विरोध करने पर अधिकारी बिना कार्य किए बुलडोजर सहित वापस हो गए। बरहन कस्बे में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से 3.9 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। बुधवार को निर्माण से संबंधित कार्य के लिए बुलडोजर सहित पीडब्ल्यूडी एवं राजस्व टीम सहित उपजिलाधिकारी सुमित सिंह व तहसीलदार देवेंद्र सिंह एत्मादपुर मय पुलिस फोर्स के किसानों की जमीन अधिग्रहण करने पहुंच गए।
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राजस्व टीम द्वारा खेतों में चूना डालकर जैसे ही बुलडोजर से मिट्टी कार्य प्रारंभ कराया तभी किसानों ने बुलडोजर के सामने आकर विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि प्रशासन द्वारा सभी किसानों से सहमति पत्र नहीं लिए है और न किसी किसान को जमीन का मुआवजा दिया गया है। बिना मुआवजा और सहमति पत्र के प्रशासन जबरन जमीन अधिग्रहीत कर रहा है। इस दौरान किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों में काफी देर तक वार्ता होती रही किसानों की एक ही मांग थी कि मुआवजा देने के बाद ही जमीन अधिग्रहीत की जाए। वार्ता के दौरान खेतों में चूना डाल दिया गया तथा बुलडोजर से मिट्टी डालने का कार्य प्रारंभ भी हो गया। कार्य प्रारंभ हो जाने पर किसानों ने विरोध करना प्रारंभ कर दिया । विरोध में महिलाएं भी शामिल थीं जिनका कहना था कि बिना अनुमति के उनके खेत में कोई कैसे आ सकता है यह सरकार की मनमानी हैं।
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अगले हफ्ते से प्रारंभ होगी मुआवजा देने की कार्रवाई
वार्ता के दौरान एसडीएम सुमित सिंह किसानों को समझाने का प्रयास किया कि अगले हफ्ते से किसानों को मुआवजा देने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। इन दिनों खेत खाली होने के कारण मिट्टी का कार्य आसानी से हो जाएगा, इसलिए किसान कार्य को होने दें। लेकिन किसानों का स्पष्ट कहना था कि बिना मुआवजे के वह जमीन नहीं देंगे। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद अधिकारी बिना कार्य कराए वापस चले गए। उपजिलाधिकारी ने बताया कि किसानों की मांग पर अब मुआवजे की कार्रवाई के बाद जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। विरोध करने वाले किसानों में कौशलेश शर्मा, योगेश शर्मा , विवेक शर्मा , अनंत मोहन शर्मा , राकेश शर्मा , राम गोपाल शर्मा , उत्तम शर्मा , किशोर शर्मा , राजीव शर्मा , संजीव शर्मा , प्रमोद शर्मा , चेतन स्वरूप , विष्णु सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह , सत्यवीर सिंह , अखिलेश सिंह , धीरेंद्र सिंह आदि अनेक किसान मौजूद थे।
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राजस्व टीम द्वारा खेतों में चूना डालकर जैसे ही बुलडोजर से मिट्टी कार्य प्रारंभ कराया तभी किसानों ने बुलडोजर के सामने आकर विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि प्रशासन द्वारा सभी किसानों से सहमति पत्र नहीं लिए है और न किसी किसान को जमीन का मुआवजा दिया गया है। बिना मुआवजा और सहमति पत्र के प्रशासन जबरन जमीन अधिग्रहीत कर रहा है। इस दौरान किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों में काफी देर तक वार्ता होती रही किसानों की एक ही मांग थी कि मुआवजा देने के बाद ही जमीन अधिग्रहीत की जाए। वार्ता के दौरान खेतों में चूना डाल दिया गया तथा बुलडोजर से मिट्टी डालने का कार्य प्रारंभ भी हो गया। कार्य प्रारंभ हो जाने पर किसानों ने विरोध करना प्रारंभ कर दिया । विरोध में महिलाएं भी शामिल थीं जिनका कहना था कि बिना अनुमति के उनके खेत में कोई कैसे आ सकता है यह सरकार की मनमानी हैं।
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अगले हफ्ते से प्रारंभ होगी मुआवजा देने की कार्रवाई
वार्ता के दौरान एसडीएम सुमित सिंह किसानों को समझाने का प्रयास किया कि अगले हफ्ते से किसानों को मुआवजा देने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। इन दिनों खेत खाली होने के कारण मिट्टी का कार्य आसानी से हो जाएगा, इसलिए किसान कार्य को होने दें। लेकिन किसानों का स्पष्ट कहना था कि बिना मुआवजे के वह जमीन नहीं देंगे। करीब दो घंटे की जद्दोजहद के बाद अधिकारी बिना कार्य कराए वापस चले गए। उपजिलाधिकारी ने बताया कि किसानों की मांग पर अब मुआवजे की कार्रवाई के बाद जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। विरोध करने वाले किसानों में कौशलेश शर्मा, योगेश शर्मा , विवेक शर्मा , अनंत मोहन शर्मा , राकेश शर्मा , राम गोपाल शर्मा , उत्तम शर्मा , किशोर शर्मा , राजीव शर्मा , संजीव शर्मा , प्रमोद शर्मा , चेतन स्वरूप , विष्णु सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह , सत्यवीर सिंह , अखिलेश सिंह , धीरेंद्र सिंह आदि अनेक किसान मौजूद थे।
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