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UP: इंजीनियर ने नशे में दौड़ाई थी कार, पांच लोगों की इस तरह ले ली जान...आरोप पत्र हुआ दाखिल
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 22 Jan 2026 09:10 AM IST
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सार
आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र के नगला बूढ़ी में तीन महीने पहले नोएडा की एक कंपनी के इंजीनियर आरोपी अंशुल गुप्ता ने नशे में कार दाैड़ाई थी। इससे पांच लोगों की जान चली गई थी। 4 लोग गंभीर घायल हुए थे। उसे पांच लोगों की गैर इरादतन हत्या का आरोपी बनाते हुए कोर्ट में विवेचक निरीक्षक राजीव त्यागी ने आरोप पत्र दाखिल किया है। उधर, आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी है।
आगरा हादसा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आगरा में 24 अक्तूबर 2025 को नगला बूढ़ी में देसी शराब के ठेके के पास पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी राजदीप एंक्लेव फेज-2 निवासी ट्रांसपोर्टर दयानंद गुप्ता का 40 वर्षीय इंजीनियर बेटा अंशुल गुप्ता टाटा नेक्सोन कार लेकर आया था। पुलिस चेकिंग देखकर वह कार भगाने लगा। कार की चपेट में आने से डिलीवरी बॉय आवास विकास काॅलोनी निवासी भानु प्रताप मिश्रा की माैत हो गई थी। कई लोगों को चपेट में लेने के बाद एक घर के आगे कार पलट गई थी।
इस घटना में भानु प्रताप मिश्रा के साथ ही नगला बूढ़ी निवासी बंटेश, कमल, कृष, किराये पर रह रही सादाबाद के गांव मिड़ावली निवासी बबली की माैत हुई थी। डिलीवरी बॉय के पिता कांती प्रसाद मिश्रा और कमल के परिजन ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से जेल भेजा गया था। उसे अब तक जमानत नहीं मिल सकी है।
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इस घटना में भानु प्रताप मिश्रा के साथ ही नगला बूढ़ी निवासी बंटेश, कमल, कृष, किराये पर रह रही सादाबाद के गांव मिड़ावली निवासी बबली की माैत हुई थी। डिलीवरी बॉय के पिता कांती प्रसाद मिश्रा और कमल के परिजन ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था जहां से जेल भेजा गया था। उसे अब तक जमानत नहीं मिल सकी है।
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पहले लापरवाही से मौत की लगाई थी धारा
इस घटना की सबसे पहले विवेचना थाना न्यू आगरा के एसएसआई शिवेंद्र कुमार को मिली थी। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने लापरवाही से माैत होने की धारा लगाई थी। इससे आरोपी को कुछ ही देर में जमानत मिल गई थी। मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आने पर आरोपी को दोबारा हिरासत में लिया गया। केस में लापरवाही से माैत की धारा को हटाकर गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई गई। तब से आरोपी जेल में है। मामले में पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर नाराजगी जाहिर की थी।
इस घटना की सबसे पहले विवेचना थाना न्यू आगरा के एसएसआई शिवेंद्र कुमार को मिली थी। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने लापरवाही से माैत होने की धारा लगाई थी। इससे आरोपी को कुछ ही देर में जमानत मिल गई थी। मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आने पर आरोपी को दोबारा हिरासत में लिया गया। केस में लापरवाही से माैत की धारा को हटाकर गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई गई। तब से आरोपी जेल में है। मामले में पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर नाराजगी जाहिर की थी।
नहीं दिखाया लाइसेंस, तेज गति में थी कार
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि कार चला रहा आरोपी अंशुल गुप्ता नशे में था। उसके खून के सैंपल से इसकी पुष्टि हुई थी। इसके अलावा वह ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखा सका। उसने लापरवाही पूर्वक कार को दाैड़ाया, जिससे पांच लोगों की जान चली गई। चार लोग घायल हुए थे। पुलिस को घटनास्थल पर 12 से अधिक चश्मदीद गवाह मिले थे। इसके अलावा 25 गवाह और थे। अन्य गवाह भी बनाए गए हैं। वहीं घटना के बाद पलटी कार के लोगों ने वीडियो बनाए थे। लोगों के सड़क पर पड़े होने के भी वीडियो मिले। विवेचक ने यह सब विवेचना में शामिल किया है। दाखिल आरोप पत्र में अंशुल गुप्ता को लोगों की माैत का जिम्मेदार माना गया है। उस पर गैर इरादतन हत्या (105 बीएनएस), लापरवाही पूर्वक वाहन चलाना और चोट लगना (281, 125 ए और बी बीएनएस), ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने (181 एमवी एक्ट) की धारा लगाई गई है।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि कार चला रहा आरोपी अंशुल गुप्ता नशे में था। उसके खून के सैंपल से इसकी पुष्टि हुई थी। इसके अलावा वह ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं दिखा सका। उसने लापरवाही पूर्वक कार को दाैड़ाया, जिससे पांच लोगों की जान चली गई। चार लोग घायल हुए थे। पुलिस को घटनास्थल पर 12 से अधिक चश्मदीद गवाह मिले थे। इसके अलावा 25 गवाह और थे। अन्य गवाह भी बनाए गए हैं। वहीं घटना के बाद पलटी कार के लोगों ने वीडियो बनाए थे। लोगों के सड़क पर पड़े होने के भी वीडियो मिले। विवेचक ने यह सब विवेचना में शामिल किया है। दाखिल आरोप पत्र में अंशुल गुप्ता को लोगों की माैत का जिम्मेदार माना गया है। उस पर गैर इरादतन हत्या (105 बीएनएस), लापरवाही पूर्वक वाहन चलाना और चोट लगना (281, 125 ए और बी बीएनएस), ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने (181 एमवी एक्ट) की धारा लगाई गई है।
इन धाराओं में यह सजा
- धारा 281 बीएनएस : सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही या तेजी से वाहन चलाने से संबंधित है। इसके लिए छह महीने तक की कैद या 1000 तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
- 125ए व 125 बी बीएनएस: ऐसा कार्य, जिसमें दूसरों का जीवन या वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न हो। कोई भी व्यक्ति जो जल्दबाजी या लापरवाही से ऐसा काम करता है। किसी और की जान या सुरक्षा खतरे में पड़ जाए। दंड: सामान्य: 3 महीने तक का कारावास, 2500 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। चोट के आधार पर सजा भी बढ़ सकती है।
धारा 105 बीएनएस : गैर-इरादतन हत्या के लिए है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है जिससे मृत्यु हो सकती है, लेकिन उसका इरादा हत्या का न हो तो उसे आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है। यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है, जिसे सेशन कोर्ट सुनता है। इसमें उम्रकैद या कम से कम 5 साल की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
धारा 181 मोटर वाहन अधिनियम : बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने से संबंधित है, जिसके लिए संशोधित कानून के तहत 5 हजार तक का जुर्माना या तीन महीने तक की कैद या दोनों हो सकते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
(जैसा कि डॉ. अजीत सिंह, अधिवक्ता, सिविल कोर्ट ने बताया)
- धारा 281 बीएनएस : सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही या तेजी से वाहन चलाने से संबंधित है। इसके लिए छह महीने तक की कैद या 1000 तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
- 125ए व 125 बी बीएनएस: ऐसा कार्य, जिसमें दूसरों का जीवन या वैयक्तिक सुरक्षा संकटापन्न हो। कोई भी व्यक्ति जो जल्दबाजी या लापरवाही से ऐसा काम करता है। किसी और की जान या सुरक्षा खतरे में पड़ जाए। दंड: सामान्य: 3 महीने तक का कारावास, 2500 तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। चोट के आधार पर सजा भी बढ़ सकती है।
धारा 105 बीएनएस : गैर-इरादतन हत्या के लिए है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा कार्य करता है जिससे मृत्यु हो सकती है, लेकिन उसका इरादा हत्या का न हो तो उसे आजीवन कारावास या 10 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है। यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है, जिसे सेशन कोर्ट सुनता है। इसमें उम्रकैद या कम से कम 5 साल की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
धारा 181 मोटर वाहन अधिनियम : बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने से संबंधित है, जिसके लिए संशोधित कानून के तहत 5 हजार तक का जुर्माना या तीन महीने तक की कैद या दोनों हो सकते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
(जैसा कि डॉ. अजीत सिंह, अधिवक्ता, सिविल कोर्ट ने बताया)
