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फॉरेंसिक जांच से खुलेगा पांच करोड़ की दवाओं का राज: कंपनियों से भी मांगी जानकारी, नाले-झाड़ियों में मिली थीं
Sun, 18 Oct 2026 01:16 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:16 PM IST
सार
आगरा में मिली पांच करोड़ की दवाओं का राज अब फाॅरेंसिक जांच से खुलेगा। विभाग ने जांच के लिए नमूने भेजे हैं। साथ ही दवा कंपनियों से भी जानकारी मांगी है।
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दवाओं का अवैध भंडारण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के धनौली-टेढ़ी बगिया में मिली नामी कंपनियों की दवाओं की जांच तेज कर दी गई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और लैब रिपोर्ट का पुलिस और औषधि विभाग इंतजार कर रहा है। कंपनियों से भी दवाओं के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।
29 सितंबर को धनौली में अवैध गोदाम से नामी कंपनियों की पांच करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गई थीं। इसके कुछ दिन बाद ही टेढ़ी बगिया में झाड़ियों और नालों में इन्हीं कंपनियों की दवाएं बरामद हुई थीं। इनके नकली होने की आशंका है। राजस्थान के बयाना स्थित कुएं में भी इन्हीं कंपनियों की दवाएं फेंकी गई थीं। आरोपियों पर प्राथमिकी भी हो चुकी है।
आरोपियों ने कुछ दवाएं यमुना किनारे भी जलाई थीं। इसकी राख की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट के लिए पुलिस ने लैब से संपर्क किया है। बरामद दवाओं पर जिन कंपनियों का नाम हैं, उन्हें नोटिस भेजकर औषधि विभाग ने रिपोर्ट मांगी है। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। कंपनियों को नोटिस भेजकर उनसे ये पूछा गया है कि ये दवाएं उन्हीं के यहां निर्मित हैं या नहीं। लैब में भी नमूनों की जांच प्राथमिकता से कराने के लिए संपर्क किया है।
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29 सितंबर को धनौली में अवैध गोदाम से नामी कंपनियों की पांच करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गई थीं। इसके कुछ दिन बाद ही टेढ़ी बगिया में झाड़ियों और नालों में इन्हीं कंपनियों की दवाएं बरामद हुई थीं। इनके नकली होने की आशंका है। राजस्थान के बयाना स्थित कुएं में भी इन्हीं कंपनियों की दवाएं फेंकी गई थीं। आरोपियों पर प्राथमिकी भी हो चुकी है।
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आरोपियों ने कुछ दवाएं यमुना किनारे भी जलाई थीं। इसकी राख की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट के लिए पुलिस ने लैब से संपर्क किया है। बरामद दवाओं पर जिन कंपनियों का नाम हैं, उन्हें नोटिस भेजकर औषधि विभाग ने रिपोर्ट मांगी है। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। कंपनियों को नोटिस भेजकर उनसे ये पूछा गया है कि ये दवाएं उन्हीं के यहां निर्मित हैं या नहीं। लैब में भी नमूनों की जांच प्राथमिकता से कराने के लिए संपर्क किया है।
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