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यूपी: ग्रीन गैस से आए फोन, तो हो जाएं सावधान! साइबर ठगी की नई वारदात, डेबिट कार्ड से उड़ाए चार लाख रुपये
Fri, 25 Sep 2026 10:24 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 25 Sep 2026 10:24 AM IST
सार
आगरा में ग्रीन गैस कर्मचारी बनकर साइबर ठग ने एक व्यक्ति से गैस अकाउंट अपडेट करने के नाम पर डेबिट कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। अगले दिन उसके खाते से चार लाख रुपये ट्रांसफर हो गए, जिसके बाद जगदीशपुरा थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
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साइबर ठग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्रीन गैस लिमिटेड के कर्मचारी और अधिकारी बनकर साइबर अपराधी लगातार लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। शिकायतों के बावजूद पुलिस इन घटनाओं पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं कर पा रही है। ताजा मामले में एक व्यक्ति को गैस कंपनी का कर्मचारी बनकर ठग लिया गया। उसके डेबिट कार्ड से 4 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर थाना जगदीशपुरा में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
सेक्टर चार, आवास विकास कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए उनका गैस अकाउंट अपडेट करने के लिए कहा। उसने झांसा दिया कि जिस तरह से ऑनलाइन पेमेंट की जाती है, ठीक वैसे ही ग्रीन गैस खाता भी अपडेट किया जाएगा। इसके बाद आरोपी ने उनसे डेबिट कार्ड का नंबर और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं।
अगले दिन यानी 18 सितंबर की शाम करीब 6:38 बजे उनके खाते से 4 लाख रुपये कटने का मोबाइल पर मैसेज आया, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी और अपनी रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई। इससे पहले भी ग्रीन गैस का कर्मचारी बनकर लोगों से साइबर ठगी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
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कंपनी कभी नहीं मांगती फोन पर जानकारी
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति ग्रीन गैस या किसी अन्य कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन पर जानकारी मांगता है तो सतर्क रहें। ग्रीन गैस कंपनी कभी भी फोन कॉल के जरिए इस तरह की निजी जानकारी नहीं लेती है। ऐसे कॉल्स को तुरंत काट देना चाहिए और अपने बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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सेक्टर चार, आवास विकास कॉलोनी निवासी नरेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए उनका गैस अकाउंट अपडेट करने के लिए कहा। उसने झांसा दिया कि जिस तरह से ऑनलाइन पेमेंट की जाती है, ठीक वैसे ही ग्रीन गैस खाता भी अपडेट किया जाएगा। इसके बाद आरोपी ने उनसे डेबिट कार्ड का नंबर और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं।
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अगले दिन यानी 18 सितंबर की शाम करीब 6:38 बजे उनके खाते से 4 लाख रुपये कटने का मोबाइल पर मैसेज आया, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी और अपनी रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई। इससे पहले भी ग्रीन गैस का कर्मचारी बनकर लोगों से साइबर ठगी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
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कंपनी कभी नहीं मांगती फोन पर जानकारी
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति ग्रीन गैस या किसी अन्य कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन पर जानकारी मांगता है तो सतर्क रहें। ग्रीन गैस कंपनी कभी भी फोन कॉल के जरिए इस तरह की निजी जानकारी नहीं लेती है। ऐसे कॉल्स को तुरंत काट देना चाहिए और अपने बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।