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UP: जिला जेल में सजायाफ्ता कैदी ने दे दी जान, कंबल उधेड़कर बनाई रस्सी, फिर फंदे पर लटक गया मुस्तकीम
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:35 PM IST
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सार
आगरा जिला कारागार में एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि परिजनों ने इसे हत्या बताया है। घटना के बाद जेल प्रशासन पर सवाल उठे हैं और एक वार्डर को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है।
मृतक और उसके परिजन
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विस्तार
आगरा जिला कारागार में सोमवार शाम को सजायाफ्ता 27 वर्षीय बंदी मुस्तकीम उर्फ मटोर ने कंबल को उधेड़कर निकाली रस्सी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। वह जेल अस्पताल में भर्ती था। जेल प्रशासन ने हरीपर्वत पुलिस को सूचना दी। मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने जेल में हत्या का आरोप लगाया है। जेल वार्डर को निलंबित कर दिया गया है।
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वजीरपुरा बाजार वाली मस्जिद के पास, हरीपर्वत निवासी मुस्तकीम 9 जुलाई 2024 से जेल में बंद था। उसे थाना हरीपर्वत के चोरी और माल बरामदगी के दो अलग-अलग मामलों में दोषी माना गया था। जेल में बिताई अवधि की सजा दी गई थी। जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा के अनुसार उसे 13 मार्च को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 12 अप्रैल को उसे चिकित्सालय परिसर में बनी बैरक संख्या 5-सी में रखा गया था। यहां से फार्मासिस्ट के कक्ष में पहुंच गया और कमरा अंदर से बंद कर लिया। इसी दौरान फांसी लगा ली। कर्मचारियों के आने पर घटना का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि बंदी ने कंबल की किनारी पर लगे धागे को निकाला था। उसे किसी तरह की समस्या नहीं थी और कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
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सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के बाद भी दे दी जान
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि जेल में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है। बंदी ने चिकित्सालय के फार्मासिस्ट के कक्ष में आत्महत्या की है। जेल वार्डर विश्वजीत चौहान को निलंबित किया गया है। जबकि मुख्य बंदीरक्षक रामबाबू और फार्मासिस्ट एमएम खान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। फार्मासिस्ट बिना जानकारी पर कक्ष में ड्यूटी पर नहीं था।
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि जेल में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है। बंदी ने चिकित्सालय के फार्मासिस्ट के कक्ष में आत्महत्या की है। जेल वार्डर विश्वजीत चौहान को निलंबित किया गया है। जबकि मुख्य बंदीरक्षक रामबाबू और फार्मासिस्ट एमएम खान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा गया है। फार्मासिस्ट बिना जानकारी पर कक्ष में ड्यूटी पर नहीं था।
दो दिन बाद रिहा होने वाला था भाई
आगरा। भाई दो दिन बाद जेल से रिहा होने वाला था। शुक्रवार को पेशी के दौरान वह बहुत खुश था। जेल में उसकी हत्या की गई है। वजीरपुरा निवासी मुस्तकीम की जेल में मौत के भाई रईस ने यह आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वह पांच भाई और दो बहनें हैं। मुस्तकीम चौथे नंबर का था। उस पर 7 मामले दर्ज थे। सोमवार को परिजन की ओर से न्यायालय के समक्ष जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। सत्यापन के बाद दो से तीन दिन में रिहा होने वाला था। शुक्रवार को पेशी के दौरान मुलाकात हुई थी। तब वो बहुत खुश था। कपड़े और खाने का सामान देने पर उसने आधा सामान लौटा दिया था और कहा था कि दो दिन में वह रिहा हो जाएगा।
आगरा। भाई दो दिन बाद जेल से रिहा होने वाला था। शुक्रवार को पेशी के दौरान वह बहुत खुश था। जेल में उसकी हत्या की गई है। वजीरपुरा निवासी मुस्तकीम की जेल में मौत के भाई रईस ने यह आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वह पांच भाई और दो बहनें हैं। मुस्तकीम चौथे नंबर का था। उस पर 7 मामले दर्ज थे। सोमवार को परिजन की ओर से न्यायालय के समक्ष जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। सत्यापन के बाद दो से तीन दिन में रिहा होने वाला था। शुक्रवार को पेशी के दौरान मुलाकात हुई थी। तब वो बहुत खुश था। कपड़े और खाने का सामान देने पर उसने आधा सामान लौटा दिया था और कहा था कि दो दिन में वह रिहा हो जाएगा।
सोमवार शाम पुलिस ने मुस्तकीम के फांसी लगाने की जानकारी दी। उनकी जेल में हत्या की गई है। जेल इतनी सुरक्षित जगह मानी जाती है। आखिर वहां के जिम्मेदार कहां थे। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मिलकर जेल के अधिकारियों के खिलाफ हत्या की तहरीर देंगे। मुस्तकीम के पिता शरीफुद्दीन ने बताया कि शनिवार को वह जिला जेल बेटे से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात की पर्ची लेने के बाद घंटों इंतजार किया। जेल प्रशासन ने यह कहकर लौटा दिया था कि मुस्तकीम ने मुलाकात करने से मना कर दिया है। बेटे के साथ गलत करने की साजिश की जा रही थी।

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