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Heatwave: बच्चों की सेहत पर खतरा,डायरिया-डिहाइड्रेशन से बचाव की सलाह; गर्मी में बरतें ये जरूरी सावधानियां

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 23 Apr 2026 10:22 AM IST
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सार

भीषण गर्मी और लू के चलते डायरिया, डिहाइड्रेशन और फूड पॉयजनिंग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। एसएन अस्पताल में रोजाना 150 से अधिक बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं और गंभीर मामलों में भर्ती भी किया जा रहा है।

Heatwave Impact: Rise in Diarrhea, Dehydration Cases Among Children in Agra Hospitals
एसएन में भर्ती मरीज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगरा में तेज धूप-गर्मी से डायरिया, डिहाइड्रेशन और फूड पॉयजनिंग के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा हालत बच्चों की खराब मिल रही है। उनको पांच तरह की बीमारी मिल रही है। हालत गंभीर मिलने पर भर्ती भी किया जा रहा है।
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एसएन के बाल रोग विभागाध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक बच्चे आ रहे हैं। इनमें तेज बुखार, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त के साथ डिहाइड्रेशन की दिक्कत मिल रही है। इनमें से हालत खराब मिलने पर 8-12 बच्चों को भर्ती भी करना पड़ रहा है। एसएन के बाल रोग विभाग की डॉ. शिखा गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में आए बच्चों की पानी की कमी से गला सूख रहा है।
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वायरल इन्फेक्शन भी मिल रहा है। इसमें तेज बुखार के साथ जुकाम-खांसी हो रही है। परिजन को बच्चों को गर्मी और धूप से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया के तेज धूप के संपर्क में आने से बच्चों के सन बर्न की परेशानी मिल रही है। इसमें लाल दाने, चकत्ते तेजी से बढ़ रहे हैं। इसमें जलन और खुजली हो रही है।
 

70-80 फीसदी बच्चों को डायरिया
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पूर्व सचिव डॉ. योगेश दीक्षित ने बताया कि गर्मी-धूप से बच्चों के पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन, बाहर का दूषित भोजन करने से एसिडिटी और फूड पॉयजनिंग भी मिल रही है। बाल रोग विशेषज्ञों के पास आने वाले मरीजों में 70-80 फीसदी को यही परेशानी मिल रही है।

 

इन बातों का रखें ध्यान:
- उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस पिलाएं, आराम न मिलने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- घर में बना भोजन ही खिलाएं। पूरी आस्तीन की पोशाक पहनाकर स्कूल भेजें।
- फास्ट फूड और खुले में बिकने वाली खाने-पीने की सामग्री से बचाएं।



 
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