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शोध छात्रा हत्याकांड: इस वारदात से दहल गया था आगरा का दिल, 13 साल से इंसाफ का इंतजार

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 16 Mar 2026 09:51 AM IST
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सार

आगरा के दयालबाग के एक शिक्षण संस्थान की लैब में 15 मार्च 2013 को शोध छात्रा की पेपर कटर से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को 12 साल बीतने के बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय का इंतजार है।
 

Justice Still Awaited in Agra Research Scholar Murder Case
शोध छात्रा हत्याकांड का आरोपी उदय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आगरा के दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान में 15 मार्च, 2013 को हुए शोध छात्रा हत्याकांड को 13 साल पूरे हो गए। मृतक छात्रा के पिता न्याय के लिए लड़ रहे हैं। अब तक 250 से ज्यादा तारीखें पड़ चुकी हैं। अगली सुनवाई 24 मार्च को है। इसमें बचाव पक्ष गवाह पेश करेगा।
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पिता ने बताया कि बचाव पक्ष की तरफ से एक गवाही होनी बाकी है। अभियोजन की तरफ से 50 लोगों की गवाही हो चुकी है। हर साल करीब 25 तारीख लगती है, वह अधिकतर में पैरवी के लिए आते हैं। वर्ष 2016 से तारीखों का सिलसिला चल रहा है। जैसा मेरे साथ हुआ वो किसी के साथ नहीं होना चाहिए। उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। वह आखिरी सांस तक पैरवी करेंगे।
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सीबीआई के पास ट्रांसफर हुआ था मामला
15 मार्च, 2013 को शिक्षण संस्थान की नैनो बायोटेक्नोलॉजी लैब में शोध छात्रा की हत्या की गई थी। पुलिस ने खुलासा करते हुए संस्थान के बड़े अधिकारी के बेटे उदय स्वरूप और लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू को जेल भेजा था। मामला सीबीआई को ट्रांसफर किया गया था। सीबीआई ने सिर्फ उदय स्वरूप को आरोपी बनाया। घटना को 13 साल हो चुके हैं। उदय स्वरूप वर्ष 2024 से जमानत पर है।

 

कब-क्या हुआ

- 15 मार्च, 2013 : दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान में शोध छात्रा की हत्या।
- 16 मार्च, 2013 : घटना की जानकारी पर छात्र-छत्राएं सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।

- 17 मार्च, 2013 : पुलिस ने संस्थान की लैब के पास से लैपटॉप बरामद किया।
- 22 अप्रैल, 2013 : हत्याकांड में उदय स्वरूप और यशवीर संधू जेल भेजे गए।

- 18 जुलाई, 2013: पुलिस ने विवेचना पूरी की। आरोपपत्र को कोर्ट में पेश किया।
- 22 जुलाई, 2013: प्रदेश सरकार ने केस सीबीआई को स्थानांतरित किया।

- 10 फरवरी, 2014 : उदय स्वरूप और यशवीर संधू को हाईकोर्ट से जमानत मिली।
- 5 जनवरी, 2016 : सीबीआई ने कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। दुष्कर्म के प्रयास की धारा को हटाया गया। आरोप पत्र दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने में लगाया गया। इसमें उदय स्वरूप पर आरोप तय किए गए। यशवीर संधू को क्लीन चिट दी गई।

- 12 मई, 2016 को आरोपी उदय स्वरूप को फिर से जेल भेजा गया था।



 
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