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Registry Office: बिना पैन नंबर कैसे हुई दस हजार करोड़ की रजिस्ट्री? आयकर विभाग की रडार पर भ्रष्टाचार की फाइलें

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 16 Mar 2026 10:23 AM IST
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सार

आगरा के फतेहाबाद रोड, शास्त्रीपुरम और किरावली क्षेत्र में पिछले पांच साल में हुई करीब 10 हजार करोड़ रुपये की जमीन रजिस्ट्री आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ गई है। सर्वे में बिना पैन नंबर और जरूरी दस्तावेजों के रजिस्ट्री होने के संकेत मिलने के बाद अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

Income Tax Department Probes 10,000 Crore Land Registries in Agra Over Missing PAN Details
आगरा सदर तहसील निबन्धन भवन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगरा के विस्तार के साथ ही पिछले पांच साल में फतेहाबाद रोड, शास्त्रीपुरम और किरावली क्षेत्र में हुए शहरीकरण के दौरान हुई हजारों जमीनों की रजिस्ट्री आयकर विभाग के रडार पर आ गई हैं। विभाग इन तीनों क्षेत्रों की करीब दस हजार करोड़ रुपये की रजिस्ट्री की जांच में जुट गया है। विभाग ने यह कवायद किरावली व सदर तहसील स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालयों पर किए गए सर्वे के बाद शुरू की है। सर्वे में पिछले पांच साल में हुई रजिस्ट्री में बड़े पैमाने पर पैन व अन्य दस्तावेज न होने और रजिस्ट्री के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिली थी।
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दरअसल, तीनों ही जगह सर्वे में पता चला कि सब रजिस्ट्रार बिना पैन नंबर दर्ज किए व पैन न होने की दशा में निर्धारित फॉर्म भराए बिना ही धड़ल्ले से रजिस्ट्री करा रहे थे। शहर में शामिल हुए इन क्षेत्रों में जमीनों के सबसे ज्यादा और महंगे आवासीय व व्यावसायिक सौदे हुए। आयकर विभाग को आशंका है कि रजिस्ट्री कराने में खेल कर करोड़ों रुपये की आयकर चोरी की गई है। विभाग ने सर्वे के दौरान सारा डाटा अपने पास कॉपी कर लिया था।
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चूंकि आयकर सर्वे के बाद भी एसआरओ-2 कार्यालय ने अभी भी कोई जानकारी नहीं दी है। वहीं, एसआरओ -5 व एसआरओ किरावली कार्यालय ने भी पूरी जानकारी साझा नहीं की है। ऐसे में अधिकारियों की भी भूमिका संदिग्ध लग रही है। सब-रजिस्ट्रार के डाटा को खंगालकर रैंडम आधार पर संपत्तियों के मालिकों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नाम न लिखने की शर्त पर विभाग के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका की अलग से जांच के लिए स्टांप एवं पंजीयन विभाग से संपर्क साधा गया है। साथ ही जानकारी न देने वाले सब रजिस्ट्रारों पर जुर्माना लगाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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