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जिहाद से जन्नत: लैपटॉप में मिला डॉ. रमीज का घिनौना सच, दोस्ती, यौन शोषण और फिर धर्मांतरण; आगरा में भी की पढ़ाई
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 22 Jan 2026 08:32 AM IST
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सार
धर्मांतरण की कोशिश और यौन शोषण के आरोपी डॉ. रमीज के लैपटॉप से घिनौना सच सामने आया है। वो लड़कियों से दोस्ती करने के बाद उन्हें शादी का लालच देथा था। इसके बाद ब्लैकमेल कर यौन शोषण करता था।
डॉ. रमीज मलिक पकड़ा गया
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
KGMU conversion case: केजीएमयू की महिला रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश का आरोपी डॉ. रमीज लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो लेकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से बरामद लैपटॉप में बड़ी संख्या में लड़कियों की ऐसी तस्वीरें और वीडियो मिले हैं। ये लड़कियां आगरा की बताई जा रही हैं, जिन्हें रमीज ने ब्लैकमेल किया था। बता दें डॉ. रमीज ने एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। अब उसके लैपटॉप में आगरा की लड़कियों की आपत्तिजनक फोटो होने की बात सामने आने से कॉलेज में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ डॉक्टरों के साथ अब तक वह संपर्क में था, पूछताछ में ऐसी भी बातें सामने आई थीं।
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केजीएमयू के डॉ. रमीज ने एसएन मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2012 में प्रवेश लिया था और 2017 में एमबीबीएस पूरी की। यह सीनियर बॉयज हास्टल में रहता था। एसएन कॉलेज प्रशासन ने बीते दिन एसटीएफ को 2012 से 2025 तक के एमबीबीएस और परास्नातक के छात्रों का डाटा सौंपा है। इसमें फोन नंबर, पता समेत अन्य जानकारी है। इनमें से कई के फोन नंबर बंद मिल रहे हैं। कुछ से बात हुई है, जिसमें पता चला है कि डॉ. रमीज बहाने से छात्राओं से दोस्ती करता था। उनके साथ समय भी अधिक बिताता था। वह छात्राें से दूरी रखता था। सूत्रों के मुताबिक, अब इसके लैपटॉप में आगरा की लड़कियों के फोटो मिले हैं। एसटीएफ इसकी जांच कर रही है।
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डॉ. परवेज से भी खोजा जा रहा संबंध
दिल्ली धमाके का आरोपी डॉ. परवेज भी एसएन मेडिकल कॉलेज का छात्र रहा है। इसने 2012-2015 तक परास्नातक की थी। करीब छह महीने तक चिकित्सकीय सेवाएं भी की। डॉ. रमीज भी 2015-2017 तक यहां का यूजी छात्र रहा था। एसटीएफ को इनके बीच भी दोस्ती होने की जानकारी मिली है। ऐसे में दोनों के तार मिला रही है। इनके संपर्क में रहने वाले डॉक्टर भी चिह्नित किए जा रहे हैं।
दिल्ली धमाके का आरोपी डॉ. परवेज भी एसएन मेडिकल कॉलेज का छात्र रहा है। इसने 2012-2015 तक परास्नातक की थी। करीब छह महीने तक चिकित्सकीय सेवाएं भी की। डॉ. रमीज भी 2015-2017 तक यहां का यूजी छात्र रहा था। एसटीएफ को इनके बीच भी दोस्ती होने की जानकारी मिली है। ऐसे में दोनों के तार मिला रही है। इनके संपर्क में रहने वाले डॉक्टर भी चिह्नित किए जा रहे हैं।
बता दें फॉरेंसिक टीम ने बुधवार को आरोपी के लैपटॉप से डाटा रिकवर किया, जिसके बाद यह खुलासा हुआ है। छानबीन में सामने आया कि रमीज पहले लड़कियों से दोस्ती करता था, फिर उन्हें झांसे में लेकर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो हासिल करता था। इसके बाद ब्लैकमेल कर यौन शोषण करता था।आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट को भी फॉरेंसिक टीम रिकवर कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि रमीज ने आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल तो नहीं कीं। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना में आरोपी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।
देर रात जेल में किया गया दाखिल
लोगों के आक्रोश देखते हुए पुलिस ने रमीज को 48 घंटे की रिमांड के दौरान गुप्त स्थान पर रखा था। बुधवार की सुबह रिमांड की अवधि समाप्त होनी थी। उसके पहले ही पुलिस ने मंगलवार की रात मेडिकल परीक्षण कराते हुए रमीज को जेल में दाखिल करा दिया।
लोगों के आक्रोश देखते हुए पुलिस ने रमीज को 48 घंटे की रिमांड के दौरान गुप्त स्थान पर रखा था। बुधवार की सुबह रिमांड की अवधि समाप्त होनी थी। उसके पहले ही पुलिस ने मंगलवार की रात मेडिकल परीक्षण कराते हुए रमीज को जेल में दाखिल करा दिया।
कुल चार फोन मिले, डाटा खंगाल रही पुलिस
पुलिस को अब तक रमीज और उसके माता पिता के पास से चार मोबाइल फोन मिले हैं। पुलिस चारों फोन का डाटा खंगाल रही है। आरोपियों के बैंक खातों से लेन-देन का ब्योरा भी जुटाया गया है। पूछताछ में सामने आया है कि रमीज की दिल्ली में कुछ लोगों ने मदद की थी। मदद करने वालों से भी पुलिस पूछताछ करेगी। रमीज को कुछ लोगों ने पैसे भी दिए थे। इस दिशा में भी पुलिस छानबीन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि रमीज ने छांगुर, डॉ. परवेज और डॉ. शाहीन से मुलाकात की बात से इन्कार किया है। उसका कहना है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। इस पूरे मामले में उसके माता-पिता की कोई गलती नहीं है।
पुलिस को अब तक रमीज और उसके माता पिता के पास से चार मोबाइल फोन मिले हैं। पुलिस चारों फोन का डाटा खंगाल रही है। आरोपियों के बैंक खातों से लेन-देन का ब्योरा भी जुटाया गया है। पूछताछ में सामने आया है कि रमीज की दिल्ली में कुछ लोगों ने मदद की थी। मदद करने वालों से भी पुलिस पूछताछ करेगी। रमीज को कुछ लोगों ने पैसे भी दिए थे। इस दिशा में भी पुलिस छानबीन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि रमीज ने छांगुर, डॉ. परवेज और डॉ. शाहीन से मुलाकात की बात से इन्कार किया है। उसका कहना है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। इस पूरे मामले में उसके माता-पिता की कोई गलती नहीं है।
