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ये तो हद ही हो गई: एक विषय का परिणाम सुधरवाने गया, दो में कर दिया फेल; अब नई मुसीबत में पड़ गया छात्र
Sat, 22 Aug 2026 10:33 AM IST
Dhirendra Singh
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 22 Aug 2026 10:33 AM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पुनर्परीक्षा पास करने के बाद भी अंकपत्र अपडेट नहीं होने से छात्र-छात्राएं परेशान हैं। कुछ विद्यार्थियों को रिकॉर्ड में दोबारा फेल दिखा दिया गया है। परिणाम में गड़बड़ी के कारण किसी का बीटीसी प्रवेश निरस्त हो गया तो कोई एमए में दाखिला नहीं ले पा रहा। विद्यार्थी लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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नई मुसीबत में पड़ गया छात्र
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में कामकाज का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा। परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी पर सवाल पहले भी उठते रहे हैं, अब तो अंकपत्र अपडेट न होना भी छात्र-छात्राओं के लिए मुसीबत बन गई है। एक ताजा मामले में बीएससी के छात्र ने पुनर्परीक्षा का अंकपत्र अपडेट करने के लिए आवेदन किया। वह तो अपडेट हुआ नहीं, उसे दो अन्य विषयों में फेल बता दिया गया। अब वह इस नई समस्या के साथ पटल-दर-पटल भटकने के लिए मजबूर है।
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बीएससी एग्रीकल्चर के 2022-26 बैच के छात्र अंशुल को द्वितीय वर्ष के चौथे सेमेस्टर में एक विषय में फेल कर दिया गया। अंशुल के मुताबिक, उन्होंने दो बार पुनर्परीक्षा दी लेकिन परिणाम अपडेट नहीं हुआ। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय में परिणाम सुधारने के लिए आवेदन किया। कई चक्कर लगाने के बाद परिणाम में सुधार तो हुआ नहीं अलबत्ता उन्हें 2 अन्य सेमेस्टर में भी फेल बता दिया गया। अब वह पहले की समस्या के साथ इस नई गड़बड़ी को दूर कराने के लिए परेशान है।
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परीक्षा में पास हुई मगर अंकपत्र में नहीं
बैकुंठी डिग्री कॉलेज की छात्रा मोनिका ने बीए पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि द्वितीय सेमेस्टर में एक विषय में अनुत्तीर्ण परिणाम आया था। पुनर्परीक्षा देकर पास हो गई। मगर आज तक परिणाम अपडेट नहीं हुआ। उसके पास अब भी वही अंकपत्र है, जिसमें संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण दर्शाया गया है। इससे बीटीसी में प्रवेश लेने के बाद प्रवेश निरस्त कर दिया गया। अब वह परिणाम संशोधन के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रही है।
बैकुंठी डिग्री कॉलेज की छात्रा मोनिका ने बीए पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि द्वितीय सेमेस्टर में एक विषय में अनुत्तीर्ण परिणाम आया था। पुनर्परीक्षा देकर पास हो गई। मगर आज तक परिणाम अपडेट नहीं हुआ। उसके पास अब भी वही अंकपत्र है, जिसमें संबंधित विषय में अनुत्तीर्ण दर्शाया गया है। इससे बीटीसी में प्रवेश लेने के बाद प्रवेश निरस्त कर दिया गया। अब वह परिणाम संशोधन के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रही है।
रेनू का बीए पूरा, आगे की राह बंद
आगरा कॉलेज की रेनू वर्मा ने बीए पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि उनके द्वितीय सेमेस्टर में एक विषय में ग्रेड संबंधी समस्या थी। पुनर्परीक्षा देकर पास हुई लेकिन परिणाम अब तक अपडेट नहीं किया गया है। परिणाम में सुधार नहीं होने के कारण वह एमए में प्रवेश नहीं ले पा रही है। उसकी तो आगे की राह ही बंद हो गई है। इसी तरह आगरा कॉलेज की ही जागृति ने बीए किया है। उसके द्वितीय और तृतीय सेमेस्टर में विषयों का परिणाम अनुत्तीर्ण दर्शाया गया था। छात्रा ने संबंधित परीक्षाएं दीं लेकिन परिणाम अब तक अपडेट नहीं हुआ। वह किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं ले पा रही है।
आगरा कॉलेज की रेनू वर्मा ने बीए पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि उनके द्वितीय सेमेस्टर में एक विषय में ग्रेड संबंधी समस्या थी। पुनर्परीक्षा देकर पास हुई लेकिन परिणाम अब तक अपडेट नहीं किया गया है। परिणाम में सुधार नहीं होने के कारण वह एमए में प्रवेश नहीं ले पा रही है। उसकी तो आगे की राह ही बंद हो गई है। इसी तरह आगरा कॉलेज की ही जागृति ने बीए किया है। उसके द्वितीय और तृतीय सेमेस्टर में विषयों का परिणाम अनुत्तीर्ण दर्शाया गया था। छात्रा ने संबंधित परीक्षाएं दीं लेकिन परिणाम अब तक अपडेट नहीं हुआ। वह किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं ले पा रही है।
छात्राें को समाधान का इंतजार
छात्रों का कहना है कि परिणाम सुधार के लिए विश्वविद्यालय में लगातार छात्र-छात्राएं आवेदन दे रहे हैं। हर सप्ताह चक्कर लगा रहे हैं। अंकपत्र में परिणाम अपडेट नहीं होने से उनकी आगे की पढ़ाई और कॅरिअर प्रभावित है। उनके परीक्षा रिकॉर्ड की जांच कर परिणाम तत्काल संशोधित किए जाएं और संशोधित अंकपत्र उपलब्ध कराया जाए।
छात्रों का कहना है कि परिणाम सुधार के लिए विश्वविद्यालय में लगातार छात्र-छात्राएं आवेदन दे रहे हैं। हर सप्ताह चक्कर लगा रहे हैं। अंकपत्र में परिणाम अपडेट नहीं होने से उनकी आगे की पढ़ाई और कॅरिअर प्रभावित है। उनके परीक्षा रिकॉर्ड की जांच कर परिणाम तत्काल संशोधित किए जाएं और संशोधित अंकपत्र उपलब्ध कराया जाए।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय में हेल्प डेस्क विद्यार्थियों की सुनवाई के लिए ही बनी हुई है। वहां हर विद्यार्थियों की समस्या सुनी जाती है। जिन विद्यार्थियों की समस्या है, उनकी समस्या को देखकर ही बता पाऊंगा कि कहां-क्या दिक्कत आ रही है। विद्यार्थी मुझसे सीधे भी मिल सकते हैं।