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Agra: वित्त वर्ष के अंतिम दिन सरकारी विभागों में बजट खपाने की होड़, रात 12 बजे तक एक अरब रुपए का हुआ भुगतान
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 01 Apr 2026 10:15 AM IST
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सार
वित्त वर्ष के आखिरी दिन आगरा में करीब 100 करोड़ रुपये के 685 बिलों का भुगतान देर रात तक किया गया। शासन से अंतिम घंटों में 30 करोड़ का बजट मिलने पर रात 12 बजे तक कोषागार खुला रहा।
आगरा कलेक्ट्रेट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वित्त वर्ष 2025-26 के समापन पर सरकारी महकमों में बजट को ठिकाने लगाने की होड़ मची रही। मंगलवार को छुट्टी के बावजूद कलक्ट्रेट स्थित कोषागार में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। रात 12 बजे तक करीब 100 करोड़ रुपये (एक अरब) के 685 बिलों का भुगतान किया गया। करीब 30 करोड़ रुपये का बजट तो शासन ने अंतिम कुछ घंटों में जारी हुआ।
मंगलवार दोपहर 12 बजे से ही विभिन्न विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी बिलों की फाइलें लेकर कोषागार पहुंचने लगे थे। नियमानुसार भुगतान की मियाद शाम 5 बजे तक ही थी, लेकिन राजस्व समेत कई विभागों के बिल तब तक क्लियर नहीं हो सके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शाम 5 बजे जिलाधिकारी अरविंद बंगारी खुद कोषागार पहुंचे। उन्होंने तत्काल शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता की और मुख्यमंत्री त्वरित योजना सहित अन्य विभागों के लंबित बजट की मांग करते हुए भुगतान का समय बढ़ाने का अनुरोध किया।
देर रात तक चलता रहा फाइलों का खेल
शासन से हरी झंडी मिलते ही कोषागार के पोर्टल को रात 12 बजे तक के लिए खोल दिया गया। मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान की देखरेख में कर्मचारियों की टीमें देर रात तक बिलों की फीडिंग और डिजिटल सिग्नेचर के काम में जुटी रहीं। जैसे-जैसे शासन से बजट लिमिट जारी होती रही, वैसे-वैसे विभागों के खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया।
अंतिम दिन का लेखा-जोखा
- कुल भुगतान: करीब 100 करोड़ रुपये।
- बिलों की संख्या: 685 बिल पास हुए।
- अंतिम दिन मिला बजट: लगभग 30 करोड़ रुपये।
- सक्रियता: छुट्टी के बाद भी रात 12 बजे तक डटे रहे कर्मचारी
मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान ने बताया कि मंगलवार रात 12 बजे तक करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न विभागों को किया गया है। लगभग 29-30 करोड़ रुपये का बजट शासन से अंतिम दिन ही प्राप्त हुआ, जिसे तत्काल नियमानुसार आवंटित कर दिया गया। - ,
कुछ घंटे पहले इन्हें मिला बजट
| विभाग | आवंटित धनराशि (₹) |
| जिला कमांडेंट (होम गार्ड) | 13.60 करोड़|
| एस.एन. मेडिकल कॉलेज | 8,01,26,900 |
| जिला सांख्यिकी कार्यालय ) | 4,44,00,000 |
| लोक निर्माण विभाग | 60,32,000 |
| जिला उद्योग केंद्र | 33,47,435 |
| एस.पी. विजिलेंस | 1,10,62,001 |
| राज्य कर | 1,79,401 |
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मंगलवार दोपहर 12 बजे से ही विभिन्न विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी बिलों की फाइलें लेकर कोषागार पहुंचने लगे थे। नियमानुसार भुगतान की मियाद शाम 5 बजे तक ही थी, लेकिन राजस्व समेत कई विभागों के बिल तब तक क्लियर नहीं हो सके थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शाम 5 बजे जिलाधिकारी अरविंद बंगारी खुद कोषागार पहुंचे। उन्होंने तत्काल शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता की और मुख्यमंत्री त्वरित योजना सहित अन्य विभागों के लंबित बजट की मांग करते हुए भुगतान का समय बढ़ाने का अनुरोध किया।
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देर रात तक चलता रहा फाइलों का खेल
शासन से हरी झंडी मिलते ही कोषागार के पोर्टल को रात 12 बजे तक के लिए खोल दिया गया। मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान की देखरेख में कर्मचारियों की टीमें देर रात तक बिलों की फीडिंग और डिजिटल सिग्नेचर के काम में जुटी रहीं। जैसे-जैसे शासन से बजट लिमिट जारी होती रही, वैसे-वैसे विभागों के खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया।
अंतिम दिन का लेखा-जोखा
- कुल भुगतान: करीब 100 करोड़ रुपये।
- बिलों की संख्या: 685 बिल पास हुए।
- अंतिम दिन मिला बजट: लगभग 30 करोड़ रुपये।
- सक्रियता: छुट्टी के बाद भी रात 12 बजे तक डटे रहे कर्मचारी
मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान ने बताया कि मंगलवार रात 12 बजे तक करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न विभागों को किया गया है। लगभग 29-30 करोड़ रुपये का बजट शासन से अंतिम दिन ही प्राप्त हुआ, जिसे तत्काल नियमानुसार आवंटित कर दिया गया। - ,
कुछ घंटे पहले इन्हें मिला बजट
| विभाग | आवंटित धनराशि (₹) |
| जिला कमांडेंट (होम गार्ड) | 13.60 करोड़|
| एस.एन. मेडिकल कॉलेज | 8,01,26,900 |
| जिला सांख्यिकी कार्यालय ) | 4,44,00,000 |
| लोक निर्माण विभाग | 60,32,000 |
| जिला उद्योग केंद्र | 33,47,435 |
| एस.पी. विजिलेंस | 1,10,62,001 |
| राज्य कर | 1,79,401 |