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जनकपुरी महोत्सव 2026: बढ़हार की जहां होनी है दावत, उसके पास में खुला नाला; दुर्गंध ऐसी कि खड़ा रहना भी मुश्किल
Thu, 08 Oct 2026 12:18 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:18 PM IST
सार
जनकपुरी में बृहस्पतिवार को होने वाली बढ़हार की दावत के आयोजन स्थल के पास खुला नाला और सीवर की दुर्गंध लोगों के लिए परेशानी बनी है। नगर निगम ने भीड़ को देखते हुए कुछ हिस्से में प्री-कास्ट स्लैब रखवाए हैं, बाकी नाला आयोजन के बाद ढकने की बात कही है।
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खुला नाला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जनकपुरी में बृहस्पतिवार को बढ़हार की दावत होनी है लेकिन आयोजन स्थल के पास खुले पड़े नाले और सीवर की दुर्गंध के कारण खड़े होना भी मुहाल है। बाबरपुर पानी की टंकी के पास दावत स्थल के पास से नाला निकल रहा है। वहीं कच्चा नाला भी अंदर से होकर बड़े नाले में मिल रहा है। यहां सड़क पर जमा कचरा हटा दिया गया लेकिन दुर्गंध परेशान कर रही है।
भावना एस्टेट रोड पर कावेरी कौस्तुभ के पास मैदान में जनक महल बनाया गया है लेकिन इससे सटी गली में नाला खुला पड़ा है। महल के सामने प्री-कास्ट स्लैब रखवाए गए हैं। हाईवे से भावना एस्टेट के बीच का हिस्सा खुला है। पुलिस चौकी के आगे नाले की चौड़ाई और गहराई बढ़ी हुई है।
बहुमंजिला भवनों के साथ विनायक नगर, उमाकुंज समेत एक दर्जन कॉलोनियों का सीवर और गंदा पानी इसी नाले में मिल रहा है जो बाबरपुर पानी की टंकी तक बने सीसी नाले में पहुंचता है। इस खुले नाले से उठ रही दुर्गंध से जनकपुरी में आने वाले लोग परेशान हैं।
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मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि भावना एस्टेट रोड के दोनों ओर के नाले ढकने के लिए 2.36 करोड़ रुपये से दो टेंडर निकाले गए थे। किसी फर्म ने रुचि नहीं दिखाई। हमने भीड़ देखते हुए जनक महल और आसपास के क्षेत्रों में नाले पर प्री-कास्ट स्लैब रखवाए हैं। बाकी हिस्से में आयोजन के बाद रखवाए जाएंगे।
रामलीला मैदान के पास नाले का बायो-ट्रीटमेंट
आगरा किला के सामने रामलीला मैदान से सटे मंटोला नाले की दुर्गंध के कारण रामलीला मंचन देखने वाले दर्शकों का बैठना मुहाल हुआ तो शिकायत पर इसका बायो-ट्रीटमेंट शुरू कराया गया है। डीएम के निरीक्षण के बाद जारी निर्देशों के तहत मंटोला नाले पर बायो-ट्रीटमेंट किया जा रहा है। दावा है कि इससे दुर्गंध पर लगाम लगी है।
बाबरपुर में ही आई बरात
बाबरपुर रोड पर जनकपुरी की घोषणा के बाद श्रीरामलाल कमेटी ने मार्ग का नाम बदलने का दावा किया था। इसके उलट नगर निगम सदन में नाम बदलने का प्रस्ताव ही नहीं लाया गया। जून में कमेटी की घोषणा के बाद से अब तक पांच माह में नगर निगम सदन की बैठक ही नहीं हो पाई जिसमें पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी का प्रस्ताव लगाया जाता। बुधवार को भगवान श्रीराम की बरात बाबरपुर में ही आई। श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि जब भी सदन होगा, उसमें प्रस्ताव लाया जाएगा। क्षेत्र के लोगों ने बाबरपुर की जगह जनकपुरी मार्ग नाम मान लिया है। केवल कागजों पर यह होना बाकी है। बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह ने कहा कि भाजपाई सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसे बयान जारी करते रहते हैं।
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भावना एस्टेट रोड पर कावेरी कौस्तुभ के पास मैदान में जनक महल बनाया गया है लेकिन इससे सटी गली में नाला खुला पड़ा है। महल के सामने प्री-कास्ट स्लैब रखवाए गए हैं। हाईवे से भावना एस्टेट के बीच का हिस्सा खुला है। पुलिस चौकी के आगे नाले की चौड़ाई और गहराई बढ़ी हुई है।
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बहुमंजिला भवनों के साथ विनायक नगर, उमाकुंज समेत एक दर्जन कॉलोनियों का सीवर और गंदा पानी इसी नाले में मिल रहा है जो बाबरपुर पानी की टंकी तक बने सीसी नाले में पहुंचता है। इस खुले नाले से उठ रही दुर्गंध से जनकपुरी में आने वाले लोग परेशान हैं।
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मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि भावना एस्टेट रोड के दोनों ओर के नाले ढकने के लिए 2.36 करोड़ रुपये से दो टेंडर निकाले गए थे। किसी फर्म ने रुचि नहीं दिखाई। हमने भीड़ देखते हुए जनक महल और आसपास के क्षेत्रों में नाले पर प्री-कास्ट स्लैब रखवाए हैं। बाकी हिस्से में आयोजन के बाद रखवाए जाएंगे।
रामलीला मैदान के पास नाले का बायो-ट्रीटमेंट
आगरा किला के सामने रामलीला मैदान से सटे मंटोला नाले की दुर्गंध के कारण रामलीला मंचन देखने वाले दर्शकों का बैठना मुहाल हुआ तो शिकायत पर इसका बायो-ट्रीटमेंट शुरू कराया गया है। डीएम के निरीक्षण के बाद जारी निर्देशों के तहत मंटोला नाले पर बायो-ट्रीटमेंट किया जा रहा है। दावा है कि इससे दुर्गंध पर लगाम लगी है।
बाबरपुर में ही आई बरात
बाबरपुर रोड पर जनकपुरी की घोषणा के बाद श्रीरामलाल कमेटी ने मार्ग का नाम बदलने का दावा किया था। इसके उलट नगर निगम सदन में नाम बदलने का प्रस्ताव ही नहीं लाया गया। जून में कमेटी की घोषणा के बाद से अब तक पांच माह में नगर निगम सदन की बैठक ही नहीं हो पाई जिसमें पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी का प्रस्ताव लगाया जाता। बुधवार को भगवान श्रीराम की बरात बाबरपुर में ही आई। श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि जब भी सदन होगा, उसमें प्रस्ताव लाया जाएगा। क्षेत्र के लोगों ने बाबरपुर की जगह जनकपुरी मार्ग नाम मान लिया है। केवल कागजों पर यह होना बाकी है। बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह ने कहा कि भाजपाई सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसे बयान जारी करते रहते हैं।