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ट्रैफिक बना मुसीबत: 'बाजार जाने की नहीं हिम्मत', महिलाएं बोलीं- सताता है जाम का डर; नाैकरीपेशा लोग भी परेशान
Sun, 25 Oct 2026 01:52 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:52 PM IST
सार
आगरा में ट्रैफिक जाम लोगों के लिए बड़ा मुसीबत बन गया है। जाम के डर के चलते महिलाओं ने बाजार से दूरी बना ली है तो वहीं नाैकरीपेशा लोग भी यातायात व्यवस्था के चलते आए दिन जूझते नजर आते हैं।
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आगरा का जाम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में यातायात व्यवस्था के नियमों का पालन नहीं होता है। जो व्यवस्थाएं लागू होती हैं कुछ दिनों बाद ही बंद हो जाती हैं। हालात जस के तस हो जाते हैं। महिलाओं का कहना है कि जाम में फंसकर परेशान होने के डर से बाजार जाने से वे डरती हैं, वहीं नौकरीपेशा युवाओं ने जाम की वजह से ऑफिस पहुंचने में देरी पर डांट-डपट की बात कही। अमर उजाला के ऑपरेशन ट्रैफिक अभियान के तहत शहर के लोगों ने अपनी राय साझा की है।
कमलानगर निवासी मोहिनी ने बताया कि पहले वह न्यू आगरा क्षेत्र में जाकर रोजाना ताजा सब्जी खरीदती थीं। मेट्रो के काम के कारण लंबे समय से वह जाम में फंसने के डर से ऑनलाइन सब्जी और अन्य जरूरी सामान मंगा रही हैं। लायर्स कॉलोनी निवासी कुमुद ने बताया कि कुछ समय पहले रामबाग से सिकंदरा चलने वाले ऑटो को सर्विस रोड से निकलना बंद करवा दिया गया था। भगवान टॉकीज चौराहे पर जाम लगना बंद हो गया था। अधिकारी गए और व्यवस्था भी उनके जाते ही दम तोड़ गई। भगवान टाॅकीज चौराहे से निकलना मुश्किल हो गया है।
लोहामंडी निवासी गुलशन फतेहाबाद रोड स्थित एक ऑफिस में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि घर से ऑफिस के बीच एमजी रोड पर रावली, इसके बाद छीपीटोला और फिर पुरानी मंडी की ओर से जाने में कहीं न कहीं जाम में जरूर फंसते हैं। कितना भी जल्दी निकलें पर सप्ताह में तीन से चार बार देरी से पहुंचने पर डांट पड़ जाती है।
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पुलिस को ऑटो और ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करना चाहिए। सड़कों के आकार के अनुसार ही तय संख्या में सवारी वाहनों को चलाने की अनुमति देनी चाहिए। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। -रीटा ग्रोवर,लोहामंडी
न्यू आगरा से दयालबाग रोड पर अतिक्रमण सबसे बड़ी परेशानी है। दुकानों के बाहर सड़क पर लगने वाली ठेल-ढकेलों के कारण शाम के समय निकलना मुश्किल हो जाता है। इसका निदान होना चाहिए। -डिंपल शर्मा ,न्यू आगरा
एमजी रोड पर प्रतिबंध के बाद भी ऑटो और ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। इनके चालक वाहनों को सही ढंग से नहीं चलाते हैं। इन्हें रोकना जरूरी है। सिटी बसों के आवागमन के दौरान बीच में थोड़ा समय होना चाहिए ताकि बसें एक साथ सड़क पर नहीं आएं। -अंकित गौतम, प्राइवेट कर्मचारी
काम पर जाने और लौटने के दौरान जाम की वजह से परेशानी होती है। पुलिस को ऑफिस टाइम पर विशेष सतर्कता रखकर यातायात संचालन करना चाहिए। चिह्नित स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स लगाना जरूरी है। जिन चौराहों पर जाम की समस्या रहती है यदि वहां स्क्रीन लगा दी जाए तो लोग उस रोड पर नहीं जाएंगे। जैसे यदि बेलनगंज में जाम है तो हम जीवनीमंडी से बेलनगंज नहीं जाएंगे। विकल्प देखेंगे। -पंकज अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष, संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
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कमलानगर निवासी मोहिनी ने बताया कि पहले वह न्यू आगरा क्षेत्र में जाकर रोजाना ताजा सब्जी खरीदती थीं। मेट्रो के काम के कारण लंबे समय से वह जाम में फंसने के डर से ऑनलाइन सब्जी और अन्य जरूरी सामान मंगा रही हैं। लायर्स कॉलोनी निवासी कुमुद ने बताया कि कुछ समय पहले रामबाग से सिकंदरा चलने वाले ऑटो को सर्विस रोड से निकलना बंद करवा दिया गया था। भगवान टॉकीज चौराहे पर जाम लगना बंद हो गया था। अधिकारी गए और व्यवस्था भी उनके जाते ही दम तोड़ गई। भगवान टाॅकीज चौराहे से निकलना मुश्किल हो गया है।
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लोहामंडी निवासी गुलशन फतेहाबाद रोड स्थित एक ऑफिस में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि घर से ऑफिस के बीच एमजी रोड पर रावली, इसके बाद छीपीटोला और फिर पुरानी मंडी की ओर से जाने में कहीं न कहीं जाम में जरूर फंसते हैं। कितना भी जल्दी निकलें पर सप्ताह में तीन से चार बार देरी से पहुंचने पर डांट पड़ जाती है।
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पुलिस को ऑटो और ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करना चाहिए। सड़कों के आकार के अनुसार ही तय संख्या में सवारी वाहनों को चलाने की अनुमति देनी चाहिए। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। -रीटा ग्रोवर,लोहामंडी
न्यू आगरा से दयालबाग रोड पर अतिक्रमण सबसे बड़ी परेशानी है। दुकानों के बाहर सड़क पर लगने वाली ठेल-ढकेलों के कारण शाम के समय निकलना मुश्किल हो जाता है। इसका निदान होना चाहिए। -डिंपल शर्मा ,न्यू आगरा
एमजी रोड पर प्रतिबंध के बाद भी ऑटो और ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। इनके चालक वाहनों को सही ढंग से नहीं चलाते हैं। इन्हें रोकना जरूरी है। सिटी बसों के आवागमन के दौरान बीच में थोड़ा समय होना चाहिए ताकि बसें एक साथ सड़क पर नहीं आएं। -अंकित गौतम, प्राइवेट कर्मचारी
काम पर जाने और लौटने के दौरान जाम की वजह से परेशानी होती है। पुलिस को ऑफिस टाइम पर विशेष सतर्कता रखकर यातायात संचालन करना चाहिए। चिह्नित स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स लगाना जरूरी है। जिन चौराहों पर जाम की समस्या रहती है यदि वहां स्क्रीन लगा दी जाए तो लोग उस रोड पर नहीं जाएंगे। जैसे यदि बेलनगंज में जाम है तो हम जीवनीमंडी से बेलनगंज नहीं जाएंगे। विकल्प देखेंगे। -पंकज अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष, संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल