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कंगना रणाैत को बड़ी राहत: अदालत में तलब करने की मांग पर रिवीजन खारिज, अब 17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

Fri, 23 Oct 2026 09:54 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Fri, 23 Oct 2026 09:54 PM IST
सार

वादी के अनुसार पुलिस ने उनके और गवाहों के बयान दर्ज किए जबकि कंगना की ओर से उनकी अधिवक्ता का बयान फोन पर लेकर आख्या प्रस्तुत कर दी। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। कंगना को अदालत में तलब कर बयान दर्ज कराने अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उनका बयान लेने की मांग की।

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Revision plea dismissed regarding demand to summon film actress and MP Kangana Ranaut
सांसद कंगना रणाैत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत को किसानों के मामले में तलब कर बयान दर्ज कराने की मांग पर दायर रिवीजन जिला जज संजय कुमार मलिक ने खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि निचली अदालत का आदेश अंतरवर्ती है, अंतिम नहीं। मूल मामले में संज्ञान के बिंदु पर सुनवाई होनी बाकी है इसलिए इस स्तर पर रिवीजन पोषणीय नहीं है। मूल वाद पर 17 नवंबर को सुनवाई होगी।
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राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने सितंबर 2024 में कंगना रणौत के विरुद्ध परिवाद दायर किया था। विशेष न्यायालय एमपी-एमएलए के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह ने 29 नवंबर 2025 को न्यू आगरा थाना पुलिस को दोनों पक्षों के बयानों की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिए थे। वादी के अनुसार पुलिस ने उनके और गवाहों के बयान दर्ज किए जबकि कंगना की ओर से उनकी अधिवक्ता का बयान फोन पर लेकर आख्या प्रस्तुत कर दी।
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उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और दोबारा जांच की मांग की। अदालत के पुनः जांच के आदेश के बावजूद पुलिस ने फिर अधूरी आख्या पेश कर दी। तब 6 जून को प्रार्थनापत्र देकर कंगना को अदालत में तलब कर बयान दर्ज कराने अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उनका बयान लेने की मांग की। उनका तर्क था कि अधिवक्ता की ओर से दिया गया बयान पक्षकार का बयान नहीं माना जा सकता। विशेष न्यायालय ने 4 अगस्त को प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ रिवीजन दायर किया गया था।
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