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कानून को जानो: महिला का पीछा करने पर, 5 साल की जेल; जानें क्या कहती है बीएनएस की धारा 78
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 22 May 2026 08:43 AM IST
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सार
BNS 2023, Section 78: बीएनएस 2023 की धारा 78 के तहत किसी महिला का पीछा करना या उसकी डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखना गंभीर अपराध माना गया है। पहली बार दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की सजा, जबकि दोबारा अपराध करने पर 5 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साइबर युग में जहां डिजिटल संचार सर्वव्यापी है, वहीं व्यक्तिगत सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं। ऐसे में पीछा करना जैसे अपराधों को समझना और उनके कानूनी प्रावधानों से अवगत होना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 78 ऐसे कृत्यों को परिभाषित कर सजा का प्रावधान करती है।
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पीछा करने के अपराध की परिभाषा
जब कोई भी पुरुष ये कार्य करता है, वह पीछा करने का अपराध माना जाता है।
जब कोई भी पुरुष ये कार्य करता है, वह पीछा करने का अपराध माना जाता है।
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व्यक्तिगत संपर्क का प्रयास:
यदि कोई पुरुष किसी महिला की इच्छा के खिलाफ व्यक्तिगत संपर्क आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बार-बार पीछा करता है और उसे छूता है या छूने का प्रयास करता है।
यदि कोई पुरुष किसी महिला की इच्छा के खिलाफ व्यक्तिगत संपर्क आगे बढ़ाने के उद्देश्य से बार-बार पीछा करता है और उसे छूता है या छूने का प्रयास करता है।
डिजिटल निगरानी:
यदि कोई पुरुष किसी महिला द्वारा इंटरनेट, ई-मेल या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की जा रही संचार गतिविधियों की निगरानी करता है। दोनों ही कृत्य लुक-छिपकर देखने या पीछा करने के अपराध की श्रेणी में आते हैं।
यदि कोई पुरुष किसी महिला द्वारा इंटरनेट, ई-मेल या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की जा रही संचार गतिविधियों की निगरानी करता है। दोनों ही कृत्य लुक-छिपकर देखने या पीछा करने के अपराध की श्रेणी में आते हैं।
कब पीछा करने का अपराध नहीं माना जाएगा
यदि पुरुष यह साबित कर देता है कि उसका आचरण ऐसा नहीं हैं। वह मदद करना चाहता था। उसने अपराध को रोकने या उसका पता लगाने के उद्देश्य से पीछा किया था, और अभियुक्त पुरुष को राज्य की ओर से इस संबंध में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
यदि पुरुष यह साबित कर देता है कि उसका आचरण ऐसा नहीं हैं। वह मदद करना चाहता था। उसने अपराध को रोकने या उसका पता लगाने के उद्देश्य से पीछा किया था, और अभियुक्त पुरुष को राज्य की ओर से इस संबंध में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सजा
प्रथम बार दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माना से दंडित किया जाएगा। आगे यह भी है कि इस अपराध को दूसरी बार करने पर सजा 5 साल तक और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
प्रथम बार दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माना से दंडित किया जाएगा। आगे यह भी है कि इस अपराध को दूसरी बार करने पर सजा 5 साल तक और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।