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UP: क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी...पुलिस ने गैंग का किया भंडाफोड़, दो शातिर दबोचे

संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Sat, 10 Jan 2026 04:30 PM IST
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सार

आगरा पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

Two accused involved in defrauding people in name of cryptocurrency investment have been arrested
पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मल्टी लेवल मार्केटिंग के जरिये क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर सात गुना मुनाफे का लालच देकर ठगने वाले दो मास्टरमाइंड विनोद और विनय को गिरफ्तार किया है। ये 1500 से अधिक लोगोें से 500 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके हैं।
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आरोपी यूएस के एक क्रिप्टो काॅइन के मिलते-जुलते नाम की साइट बनाकर लोगों को फर्जी मुनाफा दिखाते और लालच देकर फंसाते थे। तीन मोबाइल, दो फर्जी आधार कार्ड, लैपटॉप और दुबई का सिमकार्ड मिला है। ठगी की रकम को दुबई में रियल एस्टेट और क्रिप्टो में निवेश करने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं।
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एडीसीपी सिटी आदित्य कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल 2024 को थाना साइबर क्राइम में 43 लोगों ने शिकायत की थी। आरोप था कि बागपत जिले के विनोद, लखनऊ के तेलीबाग के विनय, अलीगढ़ के अजय और नरेंद्र सिसौदिया, शुभम सिसौदिया, गोपाल और सचिन गोस्वामी ने सेमिनार में बुलाकर एएसटी नाम के क्रिप्टो कॉइन में निवेश करने पर सात गुना लाभ मिलने का लालच दिया था। निवेश के बाद कम से कम 20 माह तक रकम को नहीं निकालने की बात बोली। अपनी फर्जी वेबसाइट बनाकर उसमें खाता बनाकर मुनाफा दिखाते रहे। भुगतान का समय आने पर फोन उठाना बंद कर दिया और भाग गए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दिसंबर माह में अलीगढ़ के रहने वाले अजय को गिरफ्तार किया था। शनिवार को मास्टरमाइंड विनोद और विनय को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

2021 में समझी थी बारीकियां
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मल्टीलेवल मार्केटिंग करने वाली एक कंपनी में काम करने के दौरान चेन सिस्टम को बारीकी से समझा था। 2021 में आरोपी विनोद, विनय और नरेंद्र एक कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर थे। गोपाल ने अजय से मिलवाया। विनोद ने सबको बताया कि वह एक कंपनी बनाने जा रहा है। लोगों को रेफरल कोड के जरिये जोड़कर निवेश कराएंगे। विनय ने एएसटी कॉइन बिज नाम की मेल आईडी बनाकर नोएडा की कंपनी से एएसटी कॉइन डॉट बिज नाम की वेबसाइट बनाई। उन्होंने यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में 1500 से अधिक लोगों से ठगी की है। आरोपियों ने 50 करोड़ की ठगी स्वीकार की है। पुलिस उनके बैंक खाते और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र कर रही है।

दुबई में किया रियल एस्टेट में निवेश
एडीसीपी सिटी ने बताया कि आरोपी विनोद पर बागपत में गैंगस्टर समेत कई मामले दर्ज हैं। वह ठगी की रकम को दुबई में रियल स्टेट में निवेश कर रहा था। आलीशान मकान समेत काफी प्रापर्टी खरीद ली है। आगरा आने पर वह पांच सितारा होटल में ही रुकता था। पुलिस उसके डिजिटल खाते और विदेश मंत्रालय की मदद से उसकी दुबई की प्रापर्टी के बारे में जानकारी जुटा रही है।

एक महिला ने दी जान
आरोपियों के गिरफ्तार होने पर साइबर थाना के बाहर सैकड़ों की पीड़ित एकत्रित हो गए। सबका हाल एक जैसा था। चार वर्ष पहले लालच में अपनी जमापूंजी खोई और अपने परिचितों को भी ठगी का शिकार बना दिया। कुर्रा चितरपुर की बबली ने बताया कि वह महिला समूह चलाती थीं, उन्होंने अपने और परिचितों के 10 लाख रुपये निवेश कराए थे। लोग तकादा करते हैं। उनकी बहन साधना ने भी 10 लाख रुपये जमा किए थे। रकम डूबने पर पति और रिश्तेदारों के तानाें से परेशान होकर जान दे दी। पीड़ितों को आस है कि आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर उनकी रकम लाैटाई जाएगी।
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