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Aligarh News: 'बीमारियों का नाश्ता' देख प्रशासन दंग, 106 किलो खाद्य सामग्री कराई नष्ट
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रेलवे स्टेशन के सामने गोदाम में बेसन की जांच करती एफडीए की टीम।
- फोटो : samvad
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अलीगढ़ जंक्शन पर ''बीमारियों का नाश्ता'' देखने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई जगहों पर छापेमारी की। टीम ने रेलवे स्टेशन पर सप्लाई देने वाले दो गोदामों और आसपास के ठेल-ढकेलों की जांच कर 106 किलो खाद्य सामग्री नष्ट करा दी।
इनमें 70 किलो बेसन के घोल में मक्खियां मिलीं, जबकि 20 किलो आलू की सब्जी, पांच किलो जलेबी, आठ किलो कचौड़ी और तीन किलो तली हुई मिर्च को भी जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए नष्ट कराया गया। साथ ही पांच नमूने जांच के लिए लिए गए और एक गोदाम को व्यवस्थाएं दुरुस्त होने तक बंद करा दिया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 एवं अभिहित अधिकारी डॉ.दीनानाथ यादव के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में दो विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने रेलवे स्टेशन के बाहर और आसपास छापा मारते हुए सघन निरीक्षण किया। इस दौरान सबसे पहले श्याम नगर में मोहम्मद फैसल करीम के गोदाम से तीन नमूने लिए गए। इनमें बेसन घोल, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और आलू पकौड़े शामिल थे।
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साथ में गोदाम में खुला रखा 70 किलोग्राम बेसन का घोल नष्ट कराया गया। इस दूषित घोल में मक्खियां विचरण कर रही थीं। नजदीक में कैलाश कैटरर्स के गोदाम से मैदा और रिफाइंड पामोलिन ऑयल के दो नमूने लिए गए। कैलाश के गोदाम में सफाई संबंधी कमियां मिलने पर सुधार होने तक गोदाम को बंद करा दिया गया। संकलित किए गए पांचों नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।
टीम पर लगे आरोप, विरोध भी खूब हुआ
टीम ने स्टेशन के बाहर मधैपुरा तिराहा व आसपास क्षेत्र के ठेल-ढकेल वालों ने टीम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए विरोध किया। कुछ देर में यह विरोध नोकझोंक तक पहुंच गया और यहां तक आरोप लगाया कि उनके खाने पीने का सामान फेंका जा रहा है। इस बीच टीम ने खाद्य सामग्रियों की बिक्री से संबंधित लाइसेंस भी मांगा लेकिन किसी के पास नहीं मिला। लगातार बढ़ते हंगामे के चलते वहां पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस के साथ मिलकर टीम ने लकी छोले भटूरे, जूस कॉर्नर, अंकित फल विक्रेता, चंचल पराठा विक्रेता, कालीचरन, सोनू ढाबा और सुमित कचौड़ी भंडार की जांच करते हुए साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी चेतावनी दी।
रेलवे को भेजा पत्र, तत्काल जांच कराएं
सहायक आयुक्त डॉ.दीनानाथ यादव ने बताया कि स्टेशन के बाहर हमारी टीम ने कार्रवाई की है। यहां से बने खाद्य उत्पादों को स्टेशन परिसर में बेचा जा रहा था। इसकी जांच के लिए रेलवे को सिफारिश पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि स्टेशन परिसर के आसपास विभाग का अभियान जारी रहेगा।
खबर का असर खबर का असर दो जून को अमर उजाला के अंक में प्रकाशित संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में अलीगढ़ जंक्शन पर यात्रियों को बेचे जा रहे ''बीमारियों का नाश्ता'' सामने आया। इस खबर ने प्रशासन को हैरानी में डाल दिया। आनन फानन में मंगलवार सुबह ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम को छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पड़ताल में बताया कि अलीगढ़ जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्री ब्रेड पकौड़ा सहित कई तरह का नाश्ता खरीद रहे हैं। यह नाश्ता प्लेटफॉर्म तक कहां से आ रहा है? इसकी जांच उन गोदामों तक पहुंची जहां पकौड़े के लिए तैयार बेसन के घोल में मक्खियां और गंदगी में पकौड़े रखे मिले।
इनमें 70 किलो बेसन के घोल में मक्खियां मिलीं, जबकि 20 किलो आलू की सब्जी, पांच किलो जलेबी, आठ किलो कचौड़ी और तीन किलो तली हुई मिर्च को भी जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए नष्ट कराया गया। साथ ही पांच नमूने जांच के लिए लिए गए और एक गोदाम को व्यवस्थाएं दुरुस्त होने तक बंद करा दिया गया।
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सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 एवं अभिहित अधिकारी डॉ.दीनानाथ यादव के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में दो विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने रेलवे स्टेशन के बाहर और आसपास छापा मारते हुए सघन निरीक्षण किया। इस दौरान सबसे पहले श्याम नगर में मोहम्मद फैसल करीम के गोदाम से तीन नमूने लिए गए। इनमें बेसन घोल, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और आलू पकौड़े शामिल थे।
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साथ में गोदाम में खुला रखा 70 किलोग्राम बेसन का घोल नष्ट कराया गया। इस दूषित घोल में मक्खियां विचरण कर रही थीं। नजदीक में कैलाश कैटरर्स के गोदाम से मैदा और रिफाइंड पामोलिन ऑयल के दो नमूने लिए गए। कैलाश के गोदाम में सफाई संबंधी कमियां मिलने पर सुधार होने तक गोदाम को बंद करा दिया गया। संकलित किए गए पांचों नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।
टीम पर लगे आरोप, विरोध भी खूब हुआ
टीम ने स्टेशन के बाहर मधैपुरा तिराहा व आसपास क्षेत्र के ठेल-ढकेल वालों ने टीम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए विरोध किया। कुछ देर में यह विरोध नोकझोंक तक पहुंच गया और यहां तक आरोप लगाया कि उनके खाने पीने का सामान फेंका जा रहा है। इस बीच टीम ने खाद्य सामग्रियों की बिक्री से संबंधित लाइसेंस भी मांगा लेकिन किसी के पास नहीं मिला। लगातार बढ़ते हंगामे के चलते वहां पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस के साथ मिलकर टीम ने लकी छोले भटूरे, जूस कॉर्नर, अंकित फल विक्रेता, चंचल पराठा विक्रेता, कालीचरन, सोनू ढाबा और सुमित कचौड़ी भंडार की जांच करते हुए साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कड़ी चेतावनी दी।
रेलवे को भेजा पत्र, तत्काल जांच कराएं
सहायक आयुक्त डॉ.दीनानाथ यादव ने बताया कि स्टेशन के बाहर हमारी टीम ने कार्रवाई की है। यहां से बने खाद्य उत्पादों को स्टेशन परिसर में बेचा जा रहा था। इसकी जांच के लिए रेलवे को सिफारिश पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि स्टेशन परिसर के आसपास विभाग का अभियान जारी रहेगा।
खबर का असर खबर का असर दो जून को अमर उजाला के अंक में प्रकाशित संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में अलीगढ़ जंक्शन पर यात्रियों को बेचे जा रहे ''बीमारियों का नाश्ता'' सामने आया। इस खबर ने प्रशासन को हैरानी में डाल दिया। आनन फानन में मंगलवार सुबह ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम को छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पड़ताल में बताया कि अलीगढ़ जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्री ब्रेड पकौड़ा सहित कई तरह का नाश्ता खरीद रहे हैं। यह नाश्ता प्लेटफॉर्म तक कहां से आ रहा है? इसकी जांच उन गोदामों तक पहुंची जहां पकौड़े के लिए तैयार बेसन के घोल में मक्खियां और गंदगी में पकौड़े रखे मिले।