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Aligarh News: जज अंकल मम्मी ने पापा को मारा है, फांसी दे दो

Fri, 14 Aug 2026 03:02 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 03:02 AM IST
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udge Uncle, Mummy killed Papa, hang her
 पति की हत्या में दोषी बीना।  - फोटो : samvad
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय तोष कुमार शर्मा ने अवैध संबंधों के चलते पति सुरेश की हत्या करवाने वाली पत्नी बीना और उसके प्रेमी मनोज को आजीवन कारावास और 35,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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सजा सुनाए जाने से पहले अपर सत्र न्यायाधीश तोष कुमार शर्मा ने अदालत कक्ष में मौजूद मृतक की छोटी बेटी रोशनी से पूछा कि वह क्या चाहती है। इस पर मासूम बेटी फूट-फूटकर रो पड़ी और कहा जज अंकल मुझे मम्मी से कोई लगाव नहीं है। इसने मेरे पापा को मारा है, इसे फांसी दे दो।
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बेटी के इन दर्दनाक और झकझोर देने वाले शब्दों ने अदालत में मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। इसके बाद न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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पूरे मुकदमे में बड़े बेटे 15 वर्षीय नीतेश की गवाही सबसे अहम साबित रही, जो इस घटना का चश्मदीद गवाह रहा। रोशनी उसकी सबसे छोटी बहन है। छोटा भाई पुनीत है।


अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 10 जुलाई 2025 को सुबह करीब 08:30 बजे की है। थाना बरला क्षेत्र के कस्बा स्थित मोहल्ला कोठी आंबेडकर स्कूल के पास निवासी विजय सिंह अपने भाई सुरेश के घर के बाहर बैठे थे, जबकि सुरेश की पत्नी बीना घर के दरवाजे पर खड़ी हुई थी।

उसी दौरान मोहल्ले का ही रहने वाला युवक मनोज वहां आया। बीना ने मनोज से कहा, देख क्या रहा है, आज इसे जिंदा मत छोड़ना, गोली मार दे। इसके बाद मनोज ने अपनी कमर से तमंचा निकाला और सुरेश के सीने में गोली दाग दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जब मृतक के भाई विजय सिंह अपने भाई को बचाने दौड़े, तो मनोज ने जान से लेने की नीयत से उन पर भी दूसरा फायर झोंक दिया। गोली उनके कान के पास से निकलकर दीवार में जा धंसी, जिसके बारूद से वादी का चेहरा बुरी तरह झुलस गया।


पुलिस ने हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर बीना और मनोज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और बाद में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। फैसले के तहत वसूले जाने वाले कुल 35,000 रुपये के अर्थदंड में से आधी धनराशि मृतक के बच्चों को दी जाएगी तथा शेष आधी धनराशि राज्य कोष में जमा की जाएगी।




अदालत में ऐसे साबित हुआ जुर्म :

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। इनमें मुख्य चश्मदीद गवाह वादी मुकदमा विजय सिंह (मृतक के भाई) और मृतक का 15 वर्षीय पुत्र नीतेश शामिल रहे। इसके अलावा चिकित्साधिकारी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, विवेचक अरुण पवार और अन्य पुलिसकर्मियों की गवाही व दस्तावेजी साक्ष्य जैसे- पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, बरामद तमंचा, कारतूस और मोबाइल प्रस्तुत किए गए

 पति की हत्या में दोषी बीना। 

 पति की हत्या में दोषी बीना। - फोटो : samvad

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