शहर के साउथ मलाका सामूहिक हत्याकांड मामले का खुलासा पुलिस जल्द कर सकती है। सूत्रों की मााने तो लूट के लिए कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की हत्या की गई है। मामले की जांच में जुटी पुलिस को कई अहम सुराग लगे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी कोआधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है को जल्द ही हत्या का खुलासा हो सकता है। जिस तरह से पूरे परिवार का सफाया किया गया है उससे यह शक गहरा गया है कि इस सामूहिक हत्याकांड को लूट के इरादे से ही अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि अभिषेक ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर करीब डेढ़ करोड़ के जेवरात लूटे थे। बंटवारा को लेकर दोस्त ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया।
Prayagraj : कारोबारी व उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की लूट के लिए की गई थी हत्या, पुलिस जल्द कर सकती है खुलासा
शहर के साउथ मलाका सामूहिक हत्याकांड मामले का खुलासा पुलिस जल्द कर सकती है। सूत्रों की मााने तो लूट के लिए कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की हत्या की गई है। मामले की जांच में जुटी पुलिस को कई अहम सुराग लगे हैं।
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हर माह आता था करीब एक लाख रुपये किराया
वीरेंद्र कुमार वैश्य साउथ मलाका चौराहा स्थित अपने घर में पत्नी, बेटी और बड़े बेटे के साथ रहते थे। छोटे बेटे अश्वनी को उन्होंने करीब 15 साल पहले संपत्ति से बेदखल कर दिया था। करीब 200 वर्ग गज के इस मकान के भूतल में 14 दुकानें हैं। इनमें 12 किरायेदार हैं। उक्त दुकानों से हर महीने एक लाख रुपये से अधिक का किराया आता है। एक दुकान अभिषेक की है। दूसरी बेटी मीनाक्षी की है। मीनाक्षी ने हाल ही में गिफ्ट गैलरी के नाम से काम शुरू किया था। इस दुकान पर बेटी के साथ वीरेंद्र भी बैठते थे। वीरेंद्र की पत्नी अनीता बीमारी की वजह से पहली मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं।
मकान में बाहर से जड़ा हुआ था ताला
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी कि मकान से तेज दुर्गंध आ रही है। कोतवाली पुलिस पहुंची तो घर में ताला जड़ा हुआ था। ताला तोड़कर पुलिस ऊपर कमरे में पहुंची तो वीरेंद्र और उनकी पत्नी के शव बेड पर पड़े थे। खोजबीन के दौरान बगल वाले कमरे में बेटी का शव फर्श पर पड़ा मिला। उसके सिर पर गहरे चोट के निशान थे। पुलिस ने भारी वस्तु से हमला करने की आशंका जताई है। तीनों के शव मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा, डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य, नीरज पांडेय समेत अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
पूरा मकान खंगालने के बाद दुकान में मिला बेटे का शव
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर पूरे मकान को खंगाला गया। घर के एक-एक कमरे की स्थिति समझी गई। इस दौरान तीन शव मिलने की बात ही सामने आई। चर्चा होती रही कि बेटा लापता है। इसी बीच पुलिस ने दुकान खुलवाई तो देर शाम बेटे अभिषेक का शव भी पड़ा मिला। उसके सिर पर भी गंभीर चोट के निशान थे। चेहरा काला पड़ा हुआ था। उसे पहचानना मुश्किल हो रहा था। आसपास के लोगों से पहचान कराई गई।
रविवार 12 बजे तक पड़ोसियों ने देखा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वीरेंद्र कुमार किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। रविवार सुबह घर के बाहर उन्हें सफाई करते देखा गया था। आखिरी बार दोपहर करीब 12 बजे देखा गया। बेटा घर के बाहर घूम रहा था। इसके बाद से किसी को कुछ पता नहीं है। सोमवार व मंगलवार को गिफ्ट की दुकान नहीं खोली गई थी। दुर्गंध आई तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई।