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High Court : 15 वर्षीय नाबालिग ने गर्भपात से किया इन्कार, अब शिशु को गोद देने का निर्णय
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 18 Mar 2026 10:56 AM IST
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सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान 15 वर्षीय नाबालिग ने अपने 32 सप्ताह के गर्भ को जारी रखने का निर्णय लिया है। पीड़िता ने बच्चे को जन्म के बाद गोद देने पर सहमति जताई है।
अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान 15 वर्षीय नाबालिग ने अपने 32 सप्ताह के गर्भ को जारी रखने का निर्णय लिया है। पीड़िता ने बच्चे को जन्म के बाद गोद देने पर सहमति जताई है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ पीड़िता की ओर से गर्भ समाप्त करने की मांग में दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
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अदालत ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण हाथरस के सचिव की ओर से पेश की गई विस्तृत रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जो पीड़िता के शारीरिक और मानसिक मूल्यांकन पर आधारित थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस चरण में गर्भपात संभव है, लेकिन ऐसा करना मां और शिशु के जीवन को संकट में डाल सकता है। वर्तमान में पीड़िता अलीगढ़ स्थित मेडिकल कॉलेज में है।
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न्यायालय को मेडिकल बोर्ड का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ, जिसमें जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर अंजुम परवेज और विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल थे। अदालत ने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) सचिव और मेडिकल पैनल से उन परिस्थितियों और दिशा निर्देशों पर विस्तृत सुझाव मांगे हैं, जो भविष्य में इस तरह के जटिल मामलों से निपटने के लिए एक मानक के रूप में कार्य कर सकें।
इसके साथ ही, सरकारी वकील की ओर से पीड़िताओं के लिए चिकित्सा देखभाल से संबंधित मानक संचालन प्रोटोकाल और स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों को भी रिकॉर्ड पर रखा गया है। अदालत ने इन सभी पहलुओं और मेडिकल बोर्ड के सुझावों को शामिल करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को निर्धारित की गई है। उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता ने हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा है।