High Court : सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर वरिष्ठ अधिवक्ता पर 50 हजार का हर्जाना
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर वरिष्ठ अधिवक्ता पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। कहा कि यह राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पक्ष में जमा की जाएगी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर वरिष्ठ अधिवक्ता पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। कहा कि यह राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पक्ष में जमा की जाएगी, जो लखनऊ एसजीपीजीआई में भर्ती घायल अधिवक्ता जागृति शुक्ला की चिकित्सा सहायता के लिए दी जाएगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने जितेंद्र सिंह गौतम की याचिका पर दिया है। हमीरपुर निवासी याची की अनुकंपा नियुक्ति अप्रशिक्षित सहायक अध्यापक के पद हुई थी। बाद में याची ने बीटीसी की पढ़ाई बीएसए की अनुमति लेकर की। हालांकि, बीटीसी की डिग्री पर ध्यान दिए बिना नियुक्ति रद्द कर दी गई तो आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
बीएसए के अधिवक्ता ने याची के पक्ष में आदेश पारित करने की बात कही। इस पर कोर्ट ने कहा कि याची को बीएसए की ओर से पारित आदेश के अनुपालन में कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक कि यह निर्धारित धनराशि जमा नहीं कर दी जाती।
इसी के साथ बीएसए को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी है। सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहे पर आदेश पारित होने के कुछ समय बाद वरिष्ठ अधिवक्ता कोर्ट में आए। उन्होंने हर्जाना राशि को जमा करने के निर्देश पर कोई आपत्ति नहीं जताई। कोर्ट ने इस आदेश की एक प्रति इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे और सचिव को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ब्यूरो
कौन हैं जागृति शुक्ला
झूंसी निवासी जागृति शुक्ला इलाहाबाद हाईकोर्ट की क्रिकेट टीम में खिलाड़ी हैं। कुछ दिनों बाद टूर्नामेंट होना है। कुछ दिनों बाद टूर्नामेंट होना है, उसकी प्रैक्टिस के लिए घर से हाईकोर्ट जाते समय पोलो ग्राउंड के पास सड़क हादसे में घायल हो गई थीं। उन्हें एसआरएन अस्पताल ले जाया गया था। ट्रॉमा सेंटर में इलाज में लापरवाही को लेकर जूनियर डॉक्टरों और अधिवक्ताओं में विवाद हो गया था।