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हाईकोर्ट : आवासीय स्कूल में शिक्षक से मारपीट और जबरन इस्तीफा लेने के आरोप पर हाईकोर्ट सख्त

Thu, 24 Sep 2026 05:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 24 Sep 2026 05:43 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आवासीय विद्यालय में संविदा पर कार्यरत हिंदी शिक्षक से मारपीट कर जबरन इस्तीफा लेने के आरोप को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो मामला बेहद गंभीर है।

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High Court takes a stern view of allegations regarding the assault on a teacher and the forced resignation at
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आवासीय विद्यालय में संविदा पर कार्यरत हिंदी शिक्षक से मारपीट कर जबरन इस्तीफा लेने के आरोप को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो मामला बेहद गंभीर है। शैक्षणिक संस्थान से भावी पीढ़ी को आदर्श व्यवहार सीखने की अपेक्षा की जाती है, वहां इस तरह की गतिविधियां नहीं होनी चाहिए।

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इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने शिक्षक हरि नारायण की याचिका पर इटावा एसएसपी, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति महिला, समाजशास्त्र विभाग के प्रोजेक्ट हेड और लेखाधिकारी प्रभाकर चौबे को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि विहान बालक-बालिका आवासीय विद्यालय इटावा में हिंदी शिक्षक के रूप में संविदा पर कार्यरत था। उसे वार्डन की जिम्मेदारी भी दी गई थी। 15 मार्च को निरीक्षण के दौरान परियोजना प्रबंधक और लेखाधिकारी ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद दबाव बनाकर उसका इस्तीफा ले लिया। जबकि वह आज भी अपनी सेवाएं जारी रखना चाहता है।
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याची ने अधिकारियों और पुलिस से शिकायत की, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कोर्ट ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति को घटना की जांच करने की भी अनुमति दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच से पहले आरोपी समाजशास्त्र विभाग के प्रोजेक्ट हेड और लेखाधिकारी को नोटिस देकर पक्ष रखने का अवसर देना होगा। इसके बाद याची को भी सुनने के बाद जांच रिपोर्ट हलफनामे के साथ कोर्ट में पेश करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को दोपहर दो बजे होगी।

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