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कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट: यह धमाका सिर्फ हादसा नहीं, व्यवस्था के भी उड़े चीथड़े, कानून का मातम

Tue, 01 Sep 2026 01:20 PM IST
Akash Dubey योगेश नारायण दीक्षित, प्रयागराज
योगेश नारायण दीक्षित, प्रयागराज Published by: Akash Dubey Updated Tue, 01 Sep 2026 01:20 PM IST
सार

यह हादसा उन जिम्मेदारों की धुंधली होती नजर की ओर इशारा कर गया जिन्हें सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन के पास जमा हो रहा विस्फोटक का जखीरा नहीं दिख सका। जिन्हें इस इलाके में गुपचुप हो रहे निर्माण नहीं दिखे, जिन्हें इस रिहायश में जमा हो रहे विस्फोटक नहीं दिखे।

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Kaushambi blast: This explosion was not merely an accident it also tore system to shreds
कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज-कौशाम्बी की सीमा पर स्थित मनौरी बाजार से सटे गांव में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाका सिर्फ एक हादसा नहीं है। तमाम घरों को खंडहर करने के साथ यह विस्फोट प्रशासनिक व्यवस्था के चीथड़े उड़ा गया। यह हादसा उन जिम्मेदारों की धुंधली होती नजर की ओर इशारा कर गया, जिन्हें सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन के पास जमा हो रहा विस्फोटक का जखीरा नहीं दिख सका। जिन्हें इस इलाके में गुपचुप हो रहे निर्माण नहीं दिखे, जिन्हें इस रिहायश में जमा हो रहे विस्फोटक नहीं दिखे, उन्हें उन घरों की वेबसी भी शायद ही दिखे जो अपनों को खो चुके हैं।

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आरोपियों के घरों तक बुलडोजर पहुंच जाएंगे, उनके कुछ छज्जे व दीवारें गिरेंगी और कड़ी कार्रवाई का स्वांग भी भरपूर दिखेगा। लेकिन, बिजली की हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे मकान बनने देना, उसमें पटाखे बनने देना, शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई न होना और ऐसे ही मामले में गिरफ्तार हो चुके आरोपी के फिर उसी काम में लग जाने के लिए कौन-कौन से महकमे जिम्मेदार हैं, कौन से अफसर जिम्मेदार हैं, इस पर तो चर्चा तक नहीं शुरू हो सकी है।

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व्यवस्था का ये आलम है कि कौशाम्बी जिला बने वर्षों बीत गए, लेकिन उसकी निर्भरता प्रयागराज पर पहले जैसी ही है। तभी तो रुक-रुककर हो रहे धमाकों को रोकने और धधकती राख को शांत करने के लिए प्रयागराज से फायरब्रिगेड आने का इंतजार करना पड़ा। तभी तो सरकारी मदद पहुंचने में देरी के चलते घायलों को बचाने का काम लोगों को खुद करना पड़ा।
 

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खटोले पर शव और घायलों को लेकर लोगों के वीडियो सामने आने लगे, उसके बाद एंबुलेंस दिखाई दीं। खंडहर में दबीं सांसों को चलाते रहने के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखा। जिन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा है, उनकी भरपाई तो कोई नहीं कर पाएगा। ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके, इसके लिए हमें प्रार्थना जरूर करनी चाहिए।
 

हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है। पांच लोग घायल हैं। मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू कराया गया। मलबा हटाकर अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पटाखा फैक्टरी अवैध रूप से संचालित थी। संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। शासनादेश के अनुसार आरोपी की जमीन कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी। -डॉ. अमित पाल, डीएम, कौशाम्बी

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