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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kaushambi Blast Naushad went to jail two years ago

तो टल सकता था मनौरी का धमाका: पड़ोसियों की सुन लेता प्रशासन, तो न होतीं 11 मौतें; दो साल पहले जेल गया था नौशाद

Tue, 01 Sep 2026 02:32 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, मंझनपुर (प्रयागराज)
संवाद न्यूज एजेंसी, मंझनपुर (प्रयागराज) Published by: Akash Dubey Updated Tue, 01 Sep 2026 02:32 PM IST
सार

मनौरी बाजार में अवैध पटाखा फैक्टरी विस्फोट हुआ। मुख्य आरोपी नौशाद पहले भी जेल गया था पर छूटकर बेटे अदील के नाम से कई जिलों में अवैध कारोबार फिर शुरू किया।

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Kaushambi Blast Naushad went to jail two years ago
धमाके के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी और एसपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मनौरी बाजार में सोमवार को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट के बाद जिले में अवैध पटाखा कारोबार की परतें खुलने लगी हैं। हादसे के मुख्य आरोपियों में शामिल नौशाद के खिलाफ दो साल पहले भी अवैध पटाखा फैक्टरी संचालित करने के मामले में कार्रवाई हो चुकी है। वर्ष 2024 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप है कि वर्ष 2025 में दीपावली से पहले जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर पुराने कारोबार को चोरी-छिपे शुरू कर दिया।

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एसपी सत्यनारायण ने बताया कि वर्ष 2024 में नौशाद के खिलाफ अवैध पटाखा फैक्टरी संचालित करने के आरोप में कार्रवाई की गई थी। जेल से बाहर आने के बाद उसके दोबारा अवैध पटाखा कारोबार में सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। सोमवार को हुए विस्फोट के बाद पुलिस ने नौशाद और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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बेटे के नाम पर कारोबार, कई जिलों तक पहुंचाता था पटाखा
स्थानीय लोगों का कहना है कि नौशाद लंबे समय से अवैध पटाखे के कारोबार से जुड़ा था। आरोप है कि वह अपने बेटे अदील के नाम से पटाखों का कारोबार संचालित करता था। तैयार पटाखों की आपूर्ति कौशाम्बी के अलावा फतेहपुर, चित्रकूट और आसपास के अन्य जिलों में भी किए जाने की बात सामने आई है।

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नौशाद और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब अवैध पटाखा निर्माण, भंडारण और सप्लाई के पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है। -सत्यनारायण, एसपी

पुरानी कार्रवाई के बावजूद चलता रहा कारोबार
सबसे बड़ा सवाल यही है कि वर्ष 2024 में कार्रवाई और जेल भेजे जाने के बाद भी नौशाद कथित तौर पर दोबारा अवैध पटाखा कारोबार कैसे शुरू कर सका। क्या स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को नहीं थी या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई? सोमवार के भीषण विस्फोट के बाद अब इन सवालों के जवाब भी जांच के घेरे में हैं।

विरोध किया तो धमकी देकर करा देता था चुप
पटाखा फैक्टरी के बगल में बूंदी का कारखाना चलाने वाले सिंटू उर्फ इशांत केसरवानी ने आरोप लगाया कि अवैध तरीके से पटाखा निर्माण किए जाने का उन्होंने और आसपास के लोगों ने कई बार विरोध किया था। उनका कहना है कि नौशाद और उसके बेटे अदील से पटाखा निर्माण बंद करने के लिए कहा गया, लेकिन विरोध करने पर मोहल्ले के लोगों को धमकाया जाता था। इसी वजह से लोग खुलकर विरोध करने से डरते थे।

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