Prayagraj : पौष पूर्णिमा पर रात 8 बजे से मेला क्षेत्र होगा नो व्हीकल जोन, कई रूटों पर किया गया डायवर्जन
पौष पूर्णिमा के मौके पर स्नानार्थियों की संभावित भीड़ को देखते हुए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। मेला क्षेत्र और संगम नोज तक आवागमन के लिए मार्ग निर्धारित किया गया है। पांटून पुलों पर आवागमन के लिए एकल मार्ग की व्यवस्था की गई है।
विस्तार
पौष पूर्णिमा के मौके पर स्नानार्थियों की संभावित भीड़ को देखते हुए रूट डायवर्जन लागू किया गया है। मेला क्षेत्र और संगम नोज तक आवागमन के लिए मार्ग निर्धारित किया गया है। पांटून पुलों पर आवागमन के लिए एकल मार्ग की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार की रात आठ बजे से मेला क्षेत्र नो व्हीकल जोन हो जाएगा। सिर्फ एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को यहां से आवागमन की छूट होगी।
झूंसी से परेड की तरफ आने के लिए पांटून पुल संख्या चार व छह का इस्तेमाल करना होगा। परेड से झूंसी की तरफ जाने के लिए श्रद्धालु पांटून पुल संख्या तीन, पांच व सात का प्रयोग करेंगे। संगम नोज पर किसी भी तरह की वाहन पार्किंग की छूट नहीं रहेगी। श्रद्धालुओं से मेला क्षेत्र में निर्धारित मार्ग से आवागमन करने और निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहनों को खड़ा करने की अपील की गई है। वहीं, पांटून पुल संख्या एक व दो को रिजर्व रखा गया है।
इन मार्गाें से होगा आवागमन
परेड क्षेत्र प्लॉट नंबर 17 पार्किंग : श्रद्धालु काली मार्ग द्वारा पैदल अपर संगम मार्ग से संगम स्नान घाट, हनुमान घाट व रामघाट पर जा सकेंगे। स्नान के उपरांत अक्षयवट मार्ग खडंजा वापसी मार्ग होकर त्रिवेणी मार्ग होते हुए पार्किंग तक आ सकेंगे।
गल्ला मंडी पार्किंग : श्रद्धालु काली मार्ग से पैदल मोरी रैंप, किलाघाट मार्ग पहुंचकर काली उत्तरी घाट, मोरी घाट, शिवाला घाट व दशाश्वमेध घाट जा सकेंगे। श्रद्धालु गंगामूर्ति चौराहा से ओल्ड जीटी रोड थाना दारागंज के सामने से या रिवरफ्रंट मार्ग से पार्किंग स्थल पर वापस लौटेंगे।
नागवासुकि पार्किंग : श्रद्धालु पैदल रिवर फ्रंट मार्ग या संबंधित मार्ग द्वारा नागवासुकि स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद संबंधित मार्गों व रिवर फ्रंट मार्ग से होते हुए पार्किंग वापस लौटेंगे।
झूंसी क्षेत्र ओल्ड जीटी कछार पार्किंग : श्रद्धालु पैदल नागवासुकि मार्ग से पांटून पुल संख्या चार व पांच पश्चिमी के मध्य बने स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद ओल्ड जीटी मार्ग से कछार पार्किंग स्थल पर वापसी करेंगे।
टीकरमाफी महुआबाग पार्किंग : श्रद्धालु पैदल जीटी रोड, टीकरमाफी से त्रिवेणी मार्ग होते हुए पांटून पुल संख्या दो व तीन पश्चिमी के मध्य बने स्नान घाट पर जा सकेंगे। काली मार्ग से टीकरमाफी, जीटी रोड होते हुए महुआबाग पार्किंग या अन्य पार्किंग स्थलों पर वापस आएंगे।
सोहम आश्रम पार्किंग : श्रद्धालु पैदल रिवर फ्रंट झूंसी मार्ग होते हुए अक्षयवट मार्ग से पांटून पुल संख्या एक के दक्षिणी (ऐरावत स्नान घाट) स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद महावीर मार्ग होते हुए रिवर फ्रंट झूंसी मार्ग पर पहुंचकर समुद्रकूप मार्ग या रिवर फ्रंट झूंसी मार्ग से सोहम आश्रम पार्किंग पहुंचेंगे।
अरैल क्षेत्र देवरख कछार पार्किंग: श्रद्धालु पैदल सोमेश्वर महादेव रैंप मार्ग से सोमेश्वर महादेव स्नान घाट पर जा सकेंगे। इसके बाद उसी मार्ग से देवरख कछार पार्किंग अथवा संबंधित पार्किंग में वापस जाएंगे।
गजिया पार्किंग : श्रद्धालु पैदल अरैल घाट मार्ग से फलाहारीबाबा आश्रम के सामने से अरैल बांध रोड पहुंचकर रैंप से होते हुए अरैल घाट, चक्रमाधव घाट व अन्य स्नान घाटों पर स्नान करेंगे। इसके उपरांत रैंप से होते हुए अरैल बांध रोड पहुंचकर सच्चाबाबा आश्रम, सूरियाबीर तिराहा से गजिया पार्किंग पहुंचेंगे।
नवप्रयागम पार्किंग : श्रद्धालु पैदल नवप्रयागम अप्रोच मार्ग से अरैल बांध रोड पर पहुंचकर रैंप द्वारा अरैल घाट, चक्रमाधव घाट व अन्य स्नान घाटों पर जा सकेंगे। इसके बाद रैंप द्वारा संकट मोचन मार्ग पर पहुंचकर नवप्रयागम अप्रोच मार्ग से नवप्रयागम पार्किंग में वापस जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल पहल, क्यूआर कोड से सीधे प्रशासन से जुड़ेंगे लोग
माघ मेला 2026 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेला प्रशासन ने एक अभिनव डिजिटल पहल शुरू की है। इसके तहत मेला क्षेत्र में विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड आधारित सुविधा प्रणाली लागू की गई है, जिससे श्रद्धालु मेला सेवा एप के माध्यम से सीधे प्रशासन से जुड़ सकेंगे।
मेला क्षेत्र में लगाए गए 15,500 विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। क्यूआर कोड स्कैन करते ही श्रद्धालुओं के मोबाइल पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर और सुरक्षा कोड भरकर शिकायत दर्ज की जा सकेगी या आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। मेला अवधि में लाउडस्पीकरों के शोर के कारण फोन पर शिकायत करना कठिन होता है, ऐसे में यह डिजिटल व्यवस्था 24×7 संचालित कंट्रोल रूम तक शिकायत पहुंचाने में सहायक होगी, जिससे त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा।
क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु अपनी सटीक लोकेशन प्रशासन के साथ साझा कर सकेंगे। प्रत्येक विद्युत पोल पर संबंधित सड़क का नाम, सेक्टर का नाम और गूगल कोड (जी-कोड) अंकित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को हर समय अपनी स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी। हर 25 मीटर के अंतराल पर लगे इन पोलों से नजदीकी अस्पताल, पुलिस चौकी, स्नान घाट, पार्किंग और जन-आश्रय स्थलों की सटीक जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी।
क्यूआर कोड स्कैन करते ही श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र का विस्तृत डिजिटल नक्शा भी उपलब्ध होगा। यदि कोई परिचित या संबंधी बिछड़ जाता है, तो नजदीकी विद्युत पोल पर अंकित गूगल कोड के माध्यम से गूगल मैप पर उसकी लोकेशन आसानी से खोजी जा सकेगी। पार्किंग के समय पोल का जी-कोड नोट कर लेने से लौटते समय वाहन तक पहुंचना भी आसान होगा।
प्रशासन ने बताया कि सभी पोलों की यूनिक नंबरिंग की गई है, जिससे केवल पोल नंबर बताने पर भी कंट्रोल रूम तत्काल सही लोकेशन ट्रेस कर सकेगा। इसके अतिरिक्त मेला हेल्पलाइन नंबर 1920 को भी और अधिक व्यापक रूप में पुनः संचालित किया गया है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु सीधे कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मेला प्रशासन का मानना है कि यह डिजिटल व्यवस्था माघ मेला को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु अनुकूल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
