{"_id":"6a6f7dfaf8d79de682088785","slug":"accused-acquitted-in-eight-year-old-rape-case-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-161963-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: आठ वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में आरोपी बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: आठ वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में आरोपी बरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। भीटी क्षेत्र के वर्ष 2018 के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की अदालत ने आरोपी दिव्यांश गौतम उर्फ दीपक को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। पीड़िता ने अदालत में अपहरण, दुष्कर्म और धमकी की घटना से इन्कार कर दिया, जबकि अन्य गवाहों के बयान भी परस्पर विरोधाभासी पाए गए। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा।
अभियोजन के अनुसार, 28 जुलाई 2018 को भीटी क्षेत्र के सया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के पास से 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर कर से ले जाने, तीन दिन तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म, धमकी देने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में दिव्यांश निवासी थरिया कला के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता ने अपने पूर्व बयान से पलटते हुए कहा कि वह अपनी सहेलियों के साथ स्वयं अयोध्या गई थी और आरोपी ने न तो उसका अपहरण किया, न शादी का झांसा दिया और न ही उसके साथ कोई गलत कार्य किया। उसने यह भी कहा कि उसके नाम से दर्ज कराए गए कई बयान सही नहीं थे। अदालत ने इसे अभियोजन के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य माना।
विज्ञापन
न्यायालय ने यह भी पाया कि घटना की एफआईआर 14 दिन की देरी से दर्ज कराई गई, लेकिन इस विलंब का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। पीड़िता के पिता, मां और बहन प्रत्यक्षदर्शी नहीं थे तथा उनके बयान केवल पीड़िता से सुनी बातों पर आधारित थे। स्वतंत्र गवाह के बयान में भी गंभीर विरोधाभास पाए गए। सभी मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद विशेष न्यायाधीश ने आरोपी दिव्यांश गौतम उर्फ दीपक को संदेह का लाभ देते हुए सभी धाराओं से बरी कर दिया।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार, 28 जुलाई 2018 को भीटी क्षेत्र के सया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के पास से 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर कर से ले जाने, तीन दिन तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म, धमकी देने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में दिव्यांश निवासी थरिया कला के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता ने अपने पूर्व बयान से पलटते हुए कहा कि वह अपनी सहेलियों के साथ स्वयं अयोध्या गई थी और आरोपी ने न तो उसका अपहरण किया, न शादी का झांसा दिया और न ही उसके साथ कोई गलत कार्य किया। उसने यह भी कहा कि उसके नाम से दर्ज कराए गए कई बयान सही नहीं थे। अदालत ने इसे अभियोजन के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य माना।
विज्ञापन
न्यायालय ने यह भी पाया कि घटना की एफआईआर 14 दिन की देरी से दर्ज कराई गई, लेकिन इस विलंब का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। पीड़िता के पिता, मां और बहन प्रत्यक्षदर्शी नहीं थे तथा उनके बयान केवल पीड़िता से सुनी बातों पर आधारित थे। स्वतंत्र गवाह के बयान में भी गंभीर विरोधाभास पाए गए। सभी मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के परीक्षण के बाद विशेष न्यायाधीश ने आरोपी दिव्यांश गौतम उर्फ दीपक को संदेह का लाभ देते हुए सभी धाराओं से बरी कर दिया।