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Ambedkar Nagar News: कार की टक्कर से साइकिल सवार युवक की मौत
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.उत्कर्ष वर्मा (फाइल फोटो)
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केदारनगर। इब्राहिमपुर क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में उत्कर्ष वर्मा (22) की जान चली गई। उत्कर्ष सिपाही भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। रविवार सुबह कोचिंग जाते समय उनकी साइकिल में तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल उत्कर्ष को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
उत्कर्ष वर्मा शाहपुर नैपुरा के निवासी थे। उनके पिता चंद्रभान वर्मा ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। वह अपने बेटों को अफसर बनाने का सपना देखते थे। उत्कर्ष ने कुछ दिन पहले सिपाही भर्ती परीक्षा पास की थी। इस सफलता से घर में खुशी का माहौल था। वह यूपीएससी की तैयारी के लिए एनवां में कोचिंग पढ़ने जा रहे थे। दुर्घटना केशव शरण बालिका विद्यालय अवसानपुर के पास हुई। अयोध्या की तरफ से आ रही कार ने उनकी साइकिल को पीछे से टक्कर मारी। हादसे में उत्कर्ष साइकिल सहित उछलकर दूर जा गिरे। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। कार चालक टक्कर के बाद गाड़ी पीछे कर टांडा की तरफ भाग निकला।
आधे घंटे बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद एंबुलेंस को सूचना दी गई। आधे घंटे बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद यादव ने पहल की। उन्होंने अपने निजी वाहन से घायल उत्कर्ष को सीएचसी टांडा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उत्कर्ष की हालत नाजुक बताई। उन्हें तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर स्थानांतरित कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उत्कर्ष की मौत हो गई।
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थानाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस वाहन नंबर का पता लगाने के लिए बाजार में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि दुर्घटना करने वाला वाहन बिहार का था। पुलिस टांडा तक के सभी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
गांव में पसरा मातम
सड़क हादसे में उत्कर्ष की मौत की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया। जवान बेटे की असमय मौत से मां सुनीता बेटे का नाम पुकारते हुए बार-बार दहाड़ मारकर बेहोश हो जा रही थीं। मां की चीख-पुकार और करुण विलाप सुन वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं। हाईस्कूल में पढ़ने वाले छोटे भाई मोनू का भी रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार की चीख-पुकार और गांव में पसरा मातम हर किसी को झकझोर गया।
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उत्कर्ष वर्मा शाहपुर नैपुरा के निवासी थे। उनके पिता चंद्रभान वर्मा ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। वह अपने बेटों को अफसर बनाने का सपना देखते थे। उत्कर्ष ने कुछ दिन पहले सिपाही भर्ती परीक्षा पास की थी। इस सफलता से घर में खुशी का माहौल था। वह यूपीएससी की तैयारी के लिए एनवां में कोचिंग पढ़ने जा रहे थे। दुर्घटना केशव शरण बालिका विद्यालय अवसानपुर के पास हुई। अयोध्या की तरफ से आ रही कार ने उनकी साइकिल को पीछे से टक्कर मारी। हादसे में उत्कर्ष साइकिल सहित उछलकर दूर जा गिरे। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। कार चालक टक्कर के बाद गाड़ी पीछे कर टांडा की तरफ भाग निकला।
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आधे घंटे बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद एंबुलेंस को सूचना दी गई। आधे घंटे बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद यादव ने पहल की। उन्होंने अपने निजी वाहन से घायल उत्कर्ष को सीएचसी टांडा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उत्कर्ष की हालत नाजुक बताई। उन्हें तुरंत राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर स्थानांतरित कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उत्कर्ष की मौत हो गई।
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थानाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस वाहन नंबर का पता लगाने के लिए बाजार में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि दुर्घटना करने वाला वाहन बिहार का था। पुलिस टांडा तक के सभी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
गांव में पसरा मातम
सड़क हादसे में उत्कर्ष की मौत की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया। जवान बेटे की असमय मौत से मां सुनीता बेटे का नाम पुकारते हुए बार-बार दहाड़ मारकर बेहोश हो जा रही थीं। मां की चीख-पुकार और करुण विलाप सुन वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं। हाईस्कूल में पढ़ने वाले छोटे भाई मोनू का भी रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार की चीख-पुकार और गांव में पसरा मातम हर किसी को झकझोर गया।

.उत्कर्ष वर्मा (फाइल फोटो)