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Ambedkar Nagar News: कोटेदार पिता की मौत के बाद बेटे ने 41.61 क्विंटल राशन बेच डाला
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अंबेडकरनगर। बसखारी के औझीपुर ग्राम पंचायत के हाजीपुर में कोटे की दुकान में रखा 41.61 क्विंटल खाद्यान्न कोटेदार की मौत के बाद बेटे ने बेच डाला। संबद्ध कोटेदार काे खाद्यान्न प्राप्त न होने पर जांच में इसकी पोल खुली। डीएम ईशा प्रिया के आदेश पर कोटेदार के पुत्र व सहायक महेंद्र सिंह के खिलाफ गबन समेत अन्य धाराओं में हंसवर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
औझीपुर ग्राम पंचायत में सरकारी राशन की दो दुकानें हैं। एक दुकान पंकज के नाम है, जबकि दूसरी हाजीपुर में लालजी के नाम पर संचालित थी। 23 मई 2026 को लालजी की अचानक मौत हो गई, जिसके बाद 27 मई को कोटा निरस्त करते हुए पंकज की दुकान से अटैच कर दिया गया। साथ ही मृतक कोटेदार लालजी के बेटे व सहायक महेंद्र सिंह को दुकान पर मौजूद राशन कोटेदार पंकज को स्थानांतरित करने के निर्देश पूर्ति विभाग ने जारी किए थे। इसके बावजूद खाद्यान्न दूसरी दुकान पर नहीं पहुंचाया गया।
पंकज ने मामले की शिकायत छह जून को पूर्ति विभाग से की। पूर्ति निरीक्षक बसखारी चंद्र भूषण यादव जांच करने गांव पहुंचे। महेंद्र सिंह और पंकज की उपस्थिति में दुकान का जायजा लिया गया। स्टॉक के अनुसार पंकज को 4.20 क्विंटल अंत्योदय गेहूं, 5.95 क्विंटल अंत्योदय चावल, 12.64 क्विंटल पात्र गृहस्थी गेहूं और 18.82 क्विंटल पात्र गृहस्थी चावल होना चाहिए था। मौके पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं पाया गया। पूर्ति निरीक्षक ने महेंद्र सिंह से स्टॉक रजिस्टर की मांग की लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा सके। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महेंद्र सिंह ने जून 2026 में कार्डधारकों में वितरण के लिए आवंटित खाद्यान्न और मई 2026 के वितरण के बाद बचे खाद्यान्न की कालाबाजारी करते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए बेच दिया है। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद पूर्ति निरीक्षक ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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दर्ज कराई गई प्राथमिकी
कोटे की दुकान की जांच में 41.61 क्विंटल राशन का गबन मिला है। इसकी पुष्टि होने पर डीएम के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
- शिवाकांत पांडेय, डीएसओ
औझीपुर ग्राम पंचायत में सरकारी राशन की दो दुकानें हैं। एक दुकान पंकज के नाम है, जबकि दूसरी हाजीपुर में लालजी के नाम पर संचालित थी। 23 मई 2026 को लालजी की अचानक मौत हो गई, जिसके बाद 27 मई को कोटा निरस्त करते हुए पंकज की दुकान से अटैच कर दिया गया। साथ ही मृतक कोटेदार लालजी के बेटे व सहायक महेंद्र सिंह को दुकान पर मौजूद राशन कोटेदार पंकज को स्थानांतरित करने के निर्देश पूर्ति विभाग ने जारी किए थे। इसके बावजूद खाद्यान्न दूसरी दुकान पर नहीं पहुंचाया गया।
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पंकज ने मामले की शिकायत छह जून को पूर्ति विभाग से की। पूर्ति निरीक्षक बसखारी चंद्र भूषण यादव जांच करने गांव पहुंचे। महेंद्र सिंह और पंकज की उपस्थिति में दुकान का जायजा लिया गया। स्टॉक के अनुसार पंकज को 4.20 क्विंटल अंत्योदय गेहूं, 5.95 क्विंटल अंत्योदय चावल, 12.64 क्विंटल पात्र गृहस्थी गेहूं और 18.82 क्विंटल पात्र गृहस्थी चावल होना चाहिए था। मौके पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं पाया गया। पूर्ति निरीक्षक ने महेंद्र सिंह से स्टॉक रजिस्टर की मांग की लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा सके। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महेंद्र सिंह ने जून 2026 में कार्डधारकों में वितरण के लिए आवंटित खाद्यान्न और मई 2026 के वितरण के बाद बचे खाद्यान्न की कालाबाजारी करते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए बेच दिया है। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद पूर्ति निरीक्षक ने मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दर्ज कराई गई प्राथमिकी
कोटे की दुकान की जांच में 41.61 क्विंटल राशन का गबन मिला है। इसकी पुष्टि होने पर डीएम के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
- शिवाकांत पांडेय, डीएसओ