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Ambedkar Nagar News: 16 वर्षों से उधार के डॉक्टर के भरोसे पशु अस्पताल
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टांडा के मकदूम सराय में तीन वर्ष से बने पशु अस्पताल में बंद ताला। संवाद
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अंबेडकरनगर। जिले में 18 पशु चिकित्सालय संचालित हैं। इसमें रोजाना करीब 200 पशुओं का उपचार किया जाता है। इन अस्पतालों की स्थिति की बात करें तो इनमें दो अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। जहां तैनाती है वहां भी चिकित्सक समय से नहीं पहुंचते हैं। ऐसे में पशुपालकों को फार्मासिस्ट या निजी चिकित्सक का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि विभाग की ओर से पर्याप्त दवाएं होने का दावा किया जा रहा है।
भीटी में संचालित अस्पताल में 16 वर्षों से किसी स्थायी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां महरुआ में तैनात चिकित्सक के भरोसे संचालन किया जा रहा है। ऐसे में अधिकतर समय फार्मासिस्ट ही पशुओं का उपचार करते हैं। इस कारण पशुपालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिले के राजकीय पशु अस्पतालों के भवन तो ठीक हैं, लेकिन साफ-सफाई का अभाव है। अधिकतर अस्पतालों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही नहीं हैं। ऐसे में वहां की सफाई व्यवस्था भी राम भरोसे रहती है।
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नहीं मिले चिकित्सक : शनिवार को सुबह करीब 11 बजे टांडा के पशु चिकित्सालय में डॉ. शिवचंद यादव मौजूद नहीं मिले। यहां फार्मासिस्ट मस्लाहुद्दीन खान पशुओं का उपचार करते मिले। यहां एक महिला अपनी बकरी का इलाज कराने पहुंची थी, अव्यवस्था का हाल यह था कि बकरी को बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज किया गया। दोपहर 12 बजे भीटी पशु चिकित्सालय में प्रभारी चिकित्सक डॉ. विपिन कुमार मौजूद नहीं मिले। यहां पशुमित्र अंकेश कुमार यादव मौजू थे। यहां बरियावन के फार्मासिस्ट को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। हंसवर में भी चिकित्सक नहीं मिले।
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भीटी में संचालित अस्पताल में 16 वर्षों से किसी स्थायी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां महरुआ में तैनात चिकित्सक के भरोसे संचालन किया जा रहा है। ऐसे में अधिकतर समय फार्मासिस्ट ही पशुओं का उपचार करते हैं। इस कारण पशुपालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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जिले के राजकीय पशु अस्पतालों के भवन तो ठीक हैं, लेकिन साफ-सफाई का अभाव है। अधिकतर अस्पतालों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही नहीं हैं। ऐसे में वहां की सफाई व्यवस्था भी राम भरोसे रहती है।
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नहीं मिले चिकित्सक : शनिवार को सुबह करीब 11 बजे टांडा के पशु चिकित्सालय में डॉ. शिवचंद यादव मौजूद नहीं मिले। यहां फार्मासिस्ट मस्लाहुद्दीन खान पशुओं का उपचार करते मिले। यहां एक महिला अपनी बकरी का इलाज कराने पहुंची थी, अव्यवस्था का हाल यह था कि बकरी को बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज किया गया। दोपहर 12 बजे भीटी पशु चिकित्सालय में प्रभारी चिकित्सक डॉ. विपिन कुमार मौजूद नहीं मिले। यहां पशुमित्र अंकेश कुमार यादव मौजू थे। यहां बरियावन के फार्मासिस्ट को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। हंसवर में भी चिकित्सक नहीं मिले।