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Ambedkar Nagar News: अष्टखंभा स्तूप का होगा कायाकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:24 AM IST
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अष्टखंभा स्तूप का हो रहा विकास।
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अंबेडकरनगर। राजभर समाज की वीरता, शौर्य और ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने अहम कदम उठाया है। लोरपुर स्थित ऐतिहासिक राजभर वंशीय अष्टखंभा स्तूप के पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार ने एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेश सरकार ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ उन्हें पर्यटन के माध्यम से नई पहचान देने के लिए प्रयास कर रही है। महाराजा सुहेलदेव से जुड़ा यह ऐतिहासिक स्थल अब प्रदेश के विरासत पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना में अष्ट खंभा स्तूप परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। इसमें सुंदरीकरण, आधुनिक व आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालयों का निर्माण, पर्यटकों के लिए सूचना केंद्र, पेयजल सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे।
महाराजा सुहेलदेव का है गौरवशाली इतिहास
11वीं सदी में श्रावस्ती के वीर शासक महाराजा सुहेलदेव राजभर ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर उत्तर भारत की रक्षा की। सैय्यद सालार मसूद के आक्रमणों में धार्मिक व सांस्कृतिक प्रतीकों, विशेष रूप से अष्ट खंभों को क्षति पहुंचाई गई थी। महाराजा सुहेलदेव ने निर्णायक युद्ध में सालार मसूद को पराजित किया था। कालांतर में अष्ट खंभों का पुनर्निर्माण हुआ और वे सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक बने।
तेजी से बढ़ रही पर्यटकों की संख्या
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी और सरकार की योजनाओं के चलते अंबेडकरनगर तेजी से पर्यटन के क्षेत्र में उभर रहा है। घाघरा नदी के तट, नौकायन, दर्शनीय घाटों के साथ बीड़ी गांव का महादेव मंदिर, शिव बाबा मंदिर, हनुमान मंदिर, बाबा ब्रह्मचारी जी कुटी, मां कालिका मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। वर्ष 2024 में 3.31 लाख पर्यटक अंबेडकरनगर पहुंचे, जबकि 2025 के जनवरी से जून के बीच ही यह संख्या दो लाख से अधिक रही थी।
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इस परियोजना में अष्ट खंभा स्तूप परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। इसमें सुंदरीकरण, आधुनिक व आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालयों का निर्माण, पर्यटकों के लिए सूचना केंद्र, पेयजल सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे।
महाराजा सुहेलदेव का है गौरवशाली इतिहास
11वीं सदी में श्रावस्ती के वीर शासक महाराजा सुहेलदेव राजभर ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर उत्तर भारत की रक्षा की। सैय्यद सालार मसूद के आक्रमणों में धार्मिक व सांस्कृतिक प्रतीकों, विशेष रूप से अष्ट खंभों को क्षति पहुंचाई गई थी। महाराजा सुहेलदेव ने निर्णायक युद्ध में सालार मसूद को पराजित किया था। कालांतर में अष्ट खंभों का पुनर्निर्माण हुआ और वे सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक बने।
तेजी से बढ़ रही पर्यटकों की संख्या
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी और सरकार की योजनाओं के चलते अंबेडकरनगर तेजी से पर्यटन के क्षेत्र में उभर रहा है। घाघरा नदी के तट, नौकायन, दर्शनीय घाटों के साथ बीड़ी गांव का महादेव मंदिर, शिव बाबा मंदिर, हनुमान मंदिर, बाबा ब्रह्मचारी जी कुटी, मां कालिका मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। वर्ष 2024 में 3.31 लाख पर्यटक अंबेडकरनगर पहुंचे, जबकि 2025 के जनवरी से जून के बीच ही यह संख्या दो लाख से अधिक रही थी।
