{"_id":"6a21afd26cf3d725d2050f67","slug":"bail-plea-of-the-accused-in-the-25-million-fraud-rejected-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-157814-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: ढाई करोड़ ठगी के आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: ढाई करोड़ ठगी के आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। टांडा क्षेत्र में पीएनबी मेटलाइफ बीमा पॉलिसी के नाम पर ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी उमेर अहमद के रिश्तेदार असहर को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राम विलास सिंह ने आरोपी असहर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
पीएनबी मेटलाइफ के एजेंट व मुख्य आरोपी उमेर अहमद पर ग्राहकों को पांच वर्ष में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लाखों रुपये हड़पने, फर्जी बीमा पॉलिसी देने और उनके बैंक खातों से धनराशि निकालने का आरोप है।
शिकायतकर्ता त्रिभुवन लाल मौर्य समेत कई अन्य पीड़ितों ने आरोप लगाया था कि उनसे विभिन्न माध्यमों से रकम लेकर फर्जी व कूटरचित पॉलिसी बांड थमा दिए गए, जबकि धोखाधड़ी की कुछ रकम उमेर ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में फरवरी में एफआईआर दर्ज कर अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी का रिश्तेदार असहर भी शामिल है, जिसे 16 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान आरोपी असहर की ओर से दाखिल जमानत याचिका में तर्क दिया गया कि मुख्य आरोपी उमेर अहमद उसका रिश्तेदार है और उसने कार लोन दिलाने के बहाने उसका बैंक खाता खुलवाया था।
याचिका के अनुसार, असहर एक सरकारी कर्मचारी है और उसे अपने खाते से हुए इस लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि पुलिस विवेचना में यह साफ हुआ है कि असहर के खाते में पीड़ितों के बैंक खातों से करीब एक लाख रुपये भेजे गए थे।
न्यायालय ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपी की इस अपराध में सहभागिता नजर आती है। इसी आधार पर अदालत ने असहर की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
पीएनबी मेटलाइफ के एजेंट व मुख्य आरोपी उमेर अहमद पर ग्राहकों को पांच वर्ष में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लाखों रुपये हड़पने, फर्जी बीमा पॉलिसी देने और उनके बैंक खातों से धनराशि निकालने का आरोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकायतकर्ता त्रिभुवन लाल मौर्य समेत कई अन्य पीड़ितों ने आरोप लगाया था कि उनसे विभिन्न माध्यमों से रकम लेकर फर्जी व कूटरचित पॉलिसी बांड थमा दिए गए, जबकि धोखाधड़ी की कुछ रकम उमेर ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में फरवरी में एफआईआर दर्ज कर अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी का रिश्तेदार असहर भी शामिल है, जिसे 16 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था।
Trending Videos
सुनवाई के दौरान आरोपी असहर की ओर से दाखिल जमानत याचिका में तर्क दिया गया कि मुख्य आरोपी उमेर अहमद उसका रिश्तेदार है और उसने कार लोन दिलाने के बहाने उसका बैंक खाता खुलवाया था।
याचिका के अनुसार, असहर एक सरकारी कर्मचारी है और उसे अपने खाते से हुए इस लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी। दूसरी ओर, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि पुलिस विवेचना में यह साफ हुआ है कि असहर के खाते में पीड़ितों के बैंक खातों से करीब एक लाख रुपये भेजे गए थे।
न्यायालय ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपी की इस अपराध में सहभागिता नजर आती है। इसी आधार पर अदालत ने असहर की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।