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Ambedkar Nagar News: तालाब से अतिक्रमण हटाया, आठ मकान जमींदोज
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राजेसुल्तानपुर के देवरिया लाला गांव में रविवार को अपने घर को जमींदोज होता देख भावुक ग्रामीण।संव
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राजेसुल्तानपुर/जहांगीरगंज। राजेसुल्तानपुर के देवरिया लाला गांव में रविवार को तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए आठ घरों को तहसील प्रशासन ने जेसीबी से जमींदोज कर दिया। इस दौरान छह लोगों को नोटिस देकर जल्द से जल्द कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई। तहसील प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है।
गांव के ही भीमसेन ने तालाब पर अतिक्रमण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका दाखिल की थी। न्यायालय के आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। रविवार दोपहर नायब तहसीलदार अमरनाथ द्विवेदी की अगुआई में राजस्व और पुलिस टीम गांव पहुंची। इस दौरान सबसे पहले सीमांकन की कार्रवाई की गई। इसके बाद तहसील प्रशासन की ओर से मकानों का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। रामनारायण, रामविलास, उनके दो भाइयों और रामशकल के साथ विधवा प्रेमा देवी का घर भी जद में आ गया। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान आठ कच्चे व पक्के मकानों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई से करीब एक दर्जन परिवार प्रभावित हुए हैं। कार्रवाई के दौरान विधवा प्रेमा देवी अपने नाबालिग बच्चों और बेटियों के साथ बेबस खड़ी होकर अपना घर उजड़ता देखती रहीं। जिस घर में परिवार वर्षों से रह रहा था, वह कुछ ही देर में मलबे में बदल गया। आंखों के सामने पुश्तैनी मकान ढहने के बाद परिवार के सामने अब सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गई है।
याचिकाकर्ता का मकान भी तालाब में मिला, नहीं हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान एक और मामला चर्चा का विषय बन गया। तालाब पर अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने वाले भीमसेन का स्थायी आवासीय मकान भी राजस्व अभिलेखों के अनुसार तालाब की जमीन पर पाया गया। हालांकि रविवार को उनके मकान पर बुलडोजर नहीं चलाया गया। लेखपाल के अनुसार उन्हें मकान हटाने के लिए 25 दिन का समय दिया गया है। इसे लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
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प्रशासन बोला- अभिलेखों के आधार पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी तनुज कुमार पाल, उपनिरीक्षक गोविंद नारायण मिश्र सहित पुलिस बल मौजूद रहा। तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार अमरनाथ द्विवेदी, राजस्व निरीक्षक श्रीपाल पांडेय, लेखपाल विवेक कुमार, दयाशंकर, त्रिपुरारी नायक और श्रीराम मौजूद रहे। नायब तहसीलदार अमरनाथ द्विवेदी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। भीमसेन का स्थायी आवासीय मकान भी तालाब की जमीन में पाया गया है। भीमसेन समेत अन्य लोगों को 25 दिन में मकान हटाने का निर्देश दिया गया है।
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गांव के ही भीमसेन ने तालाब पर अतिक्रमण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका दाखिल की थी। न्यायालय के आदेश के बाद तहसील प्रशासन ने तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। रविवार दोपहर नायब तहसीलदार अमरनाथ द्विवेदी की अगुआई में राजस्व और पुलिस टीम गांव पहुंची। इस दौरान सबसे पहले सीमांकन की कार्रवाई की गई। इसके बाद तहसील प्रशासन की ओर से मकानों का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। रामनारायण, रामविलास, उनके दो भाइयों और रामशकल के साथ विधवा प्रेमा देवी का घर भी जद में आ गया। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान आठ कच्चे व पक्के मकानों को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई से करीब एक दर्जन परिवार प्रभावित हुए हैं। कार्रवाई के दौरान विधवा प्रेमा देवी अपने नाबालिग बच्चों और बेटियों के साथ बेबस खड़ी होकर अपना घर उजड़ता देखती रहीं। जिस घर में परिवार वर्षों से रह रहा था, वह कुछ ही देर में मलबे में बदल गया। आंखों के सामने पुश्तैनी मकान ढहने के बाद परिवार के सामने अब सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गई है।
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याचिकाकर्ता का मकान भी तालाब में मिला, नहीं हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान एक और मामला चर्चा का विषय बन गया। तालाब पर अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करने वाले भीमसेन का स्थायी आवासीय मकान भी राजस्व अभिलेखों के अनुसार तालाब की जमीन पर पाया गया। हालांकि रविवार को उनके मकान पर बुलडोजर नहीं चलाया गया। लेखपाल के अनुसार उन्हें मकान हटाने के लिए 25 दिन का समय दिया गया है। इसे लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
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प्रशासन बोला- अभिलेखों के आधार पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी तनुज कुमार पाल, उपनिरीक्षक गोविंद नारायण मिश्र सहित पुलिस बल मौजूद रहा। तहसील प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार अमरनाथ द्विवेदी, राजस्व निरीक्षक श्रीपाल पांडेय, लेखपाल विवेक कुमार, दयाशंकर, त्रिपुरारी नायक और श्रीराम मौजूद रहे। नायब तहसीलदार अमरनाथ द्विवेदी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। भीमसेन का स्थायी आवासीय मकान भी तालाब की जमीन में पाया गया है। भीमसेन समेत अन्य लोगों को 25 दिन में मकान हटाने का निर्देश दिया गया है।

राजेसुल्तानपुर के देवरिया लाला गांव में रविवार को अपने घर को जमींदोज होता देख भावुक ग्रामीण।संव