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Ambedkar Nagar News: कजपुरा की मजलिस में गूंजा कर्बला का पैगाम
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.जलालपुर के कजपुरा गांव में रविवार को मजलिस-ए-चेहलुम को संबोधित करते मौलाना कासिम मेंहदी मय ह
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जलालपुर। क्षेत्र के कजपुरा गांव में रविवार को मजलिस-ए-चेहलुम का आयोजन हुआ। हुसैन मेहदी जुम्मन की अहलिया के इसाले सवाब के लिए हुई मजलिस में कर्बला की घटनाओं और इमाम हसन की सुल्ह-ए-हसन का जिक्र िकया गया।
मजलिस की शुरुआत तिलावते कलाम पाक से हुई। इसके बाद काशिफ अयोध्यवी, चंदन फैजाबादी, मौलाना जफर अब्बास, ताबिश नकवी और शारिब नकवी ने पेशख्वानी की।
मौलाना कासिम मेहदी ने सोजख्वानी पेश की। मुजफ्फरनगर से आए मौलाना सैयद वसी असगर पाशा ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने सुल्ह-ए-हसन और इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों घटनाओं को केवल सुलह और जंग के रूप में देखना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इमाम हसन के सामने सुलह की परिस्थिति थी, जबकि इमाम हुसैन के सामने कर्बला का मैदान था। दोनों ने अपने-अपने दौर में हक की हिफाजत का रास्ता चुना। कर्बला हमें उन हस्तियों की याद दिलाती है, जिन्होंने सिर कटवा दिया लेकिन जुल्म के सामने सिर नहीं झुकाया।
मजलिस के अंत में मौलाना वसी असगर पाशा ने शहजादी जनाबे जैनब के मसाएब बयान किए। मसाइब सुनकर मौजूद मोमनीन की आंखें नम हो गईं। इस दौरान मौलाना अर्शी मौलाई, मौलाना जैगम अब्बास, मौलाना नूरुल हसन, मौलाना अकबर मेंहदी, मौलाना दिलावर अब्बास, मौलाना जामिन अब्बास, हुसैनी मेहदी, जोहरकैन, एजाज हुसैन, दिलबर अब्बास, बाकर मेहदी, आलम मेहदी मुलाजिम, शहवार नकवी, रजा मेंहदी दानिश, अब्बास मेंहदी आजाद व अन्य उपस्थित रहे।
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मजलिस की शुरुआत तिलावते कलाम पाक से हुई। इसके बाद काशिफ अयोध्यवी, चंदन फैजाबादी, मौलाना जफर अब्बास, ताबिश नकवी और शारिब नकवी ने पेशख्वानी की।
मौलाना कासिम मेहदी ने सोजख्वानी पेश की। मुजफ्फरनगर से आए मौलाना सैयद वसी असगर पाशा ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने सुल्ह-ए-हसन और इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों घटनाओं को केवल सुलह और जंग के रूप में देखना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इमाम हसन के सामने सुलह की परिस्थिति थी, जबकि इमाम हुसैन के सामने कर्बला का मैदान था। दोनों ने अपने-अपने दौर में हक की हिफाजत का रास्ता चुना। कर्बला हमें उन हस्तियों की याद दिलाती है, जिन्होंने सिर कटवा दिया लेकिन जुल्म के सामने सिर नहीं झुकाया।
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मजलिस के अंत में मौलाना वसी असगर पाशा ने शहजादी जनाबे जैनब के मसाएब बयान किए। मसाइब सुनकर मौजूद मोमनीन की आंखें नम हो गईं। इस दौरान मौलाना अर्शी मौलाई, मौलाना जैगम अब्बास, मौलाना नूरुल हसन, मौलाना अकबर मेंहदी, मौलाना दिलावर अब्बास, मौलाना जामिन अब्बास, हुसैनी मेहदी, जोहरकैन, एजाज हुसैन, दिलबर अब्बास, बाकर मेहदी, आलम मेहदी मुलाजिम, शहवार नकवी, रजा मेंहदी दानिश, अब्बास मेंहदी आजाद व अन्य उपस्थित रहे।
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