सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Every time the flood wreaks havoc, concerns rise again in the Saryu riverbank areas

Ambedkar Nagar News: हर बार छलता है बाढ़ का दंश, सरयू के तटीय क्षेत्र में फिर बढ़ी चिंता

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:50 PM IST
विज्ञापन
Every time the flood wreaks havoc, concerns rise again in the Saryu riverbank areas
मांझा कम्हरिया गांव से निकली सरयू नदी  ।संवाद
विज्ञापन
राजेसुल्तानपुर। जिले के आलापुर व टांडा क्षेत्र में 50 से अधिक गांवों की आबादी की चिंता इन दिनों बढ़ गई है। मानसून के करीब आते ही बाढ़ में अपनी फसल, मकान और जमीन छिनने की आशंका सता रही है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर हर बार इससे निपटने के इंतजाम के दावे किए जाते हैं, लेकिन मौके पर वह इंतजाम नाकाफी हो जाते हैं। ऐसे में लोगों को अपना घर छोड़ शरणालयों में दिन गुजारने पड़ते हैं।

बरसात में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने और नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद आलापुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। मांझा कम्हरिया, आराजी देवारा और कम्हरिया सहित कई इलाकों में नदी का पानी पहुंचने लगता है। इससे कई मजरे चारों तरफ पानी से घिर जाते हैं और तटबंधों पर भी दबाव बढ़ने लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरयू नदी किनारे बसे आराजी देवारा क्षेत्र के करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा और हसू का पूरा सहित कई मजरे बाढ़ की चपेट में आते हैं। वहीं, मांझा कम्हरिया क्षेत्र के पटपरवा, बद्री का पूरा, कल्लू का पूरा, सत्यनारायण का पूरा, नौका पूरा और निषाद बस्ती में भी पानी भरने की स्थिति बनती है। इसके अलावा सिद्धनाथ के मजरे, कम्हरिया की निषाद बस्ती, सराय हंकार और कमालपुर पिकर गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंचने की संभावना रहती है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन

प्रशासन ने शुरू की तैयारी : बाढ़ से निपटने के लिए टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्रों के बाढ़ संभावित गांवों की सुरक्षा के लिए 14 बाढ़ चौकियां, 13 राहत शिविर तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही 40 नावें, 90 नाविक और 31 गोताखोर को तैयार रखने की बात कही गई है। इसमें सभी नाविकों काे प्रशिक्षण भी दिलाया जाना है, ताकि बाढ़ के दौरान राहत कार्य आसानी से किया जा सके। हालांकि अभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्था कागजों तक सीमित है। टांडा व आलापुर के 34 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में चिह्नित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed