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Ambedkar Nagar News: हिंदी लगी आसान, गणित ने बढ़ाई टेंशन
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 15 Mar 2026 10:44 PM IST
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शहर स्थित बीएन केबी पीजी कॉलेज में स्कैन करते कर्मचारी।-
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अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) पदों पर सीधी भर्ती के लिए रविवार को जिले के 10 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रशासन की कड़ी निगरानी और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित इस परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र का स्तर मिला-जुला बताया। जहां हिंदी भाषा के प्रश्न अधिकतर अभ्यर्थियों को आसान लगे, वहीं गणित के सवालों ने उम्मीद से ज्यादा चुनौती पेश की, जिससे कई परीक्षार्थियों की चिंता बढ़ गई।
परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन संपन्न कराने के लिए केंद्रों पर सघन तलाशी और बायोमेट्रिक मिलान की व्यवस्था की गई थी। शहर के बीएन इंटर कॉलेज, बीएन केबी पीजी कॉलेज और रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय जैसे प्रमुख केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इन केंद्रों पर अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर और लखीमपुर खीरी जैसे दूरदराज के जिलों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की कड़ाई से तलाशी ली गई। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला कर्मियों द्वारा उनके जूड़े खुलवाकर, जूते उतरवाकर और कानों की जांच करके की गई, ताकि किसी प्रकार के ईयरफोन या माइक्रो डिवाइस को छिपाकर अंदर न ले जाया जा सके। सुबह आठ बजे के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चली।
गणित के कई प्रश्न कठिन थे
लखनऊ से आए दीपक रावत ने बताया कि गणित के प्रतिशत वाले कुछ प्रश्न काफी कठिन थे, जिसने उन्हें उलझा दिया। इसके कारण समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना और उनके करीब 20 अंक के प्रश्न छूट गए। हालांकि, उन्होंने सामान्य ज्ञान और हिंदी के प्रश्नों को आसान बताया। कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी गणित खंड को चुनौतीपूर्ण माना।
अच्छे अंक की उम्मीद
बाराबंकी की आरती ने परीक्षा को तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बहुत आसान बताया। उन्होंने कहा कि गणित के प्रश्न हल करने के चक्कर में वे करंट अफेयर्स के प्रश्न नहीं पढ़ पाईं, लेकिन सभी प्रश्न हल कर दिए। उनके अनुसार, पेपर के स्तर को देखते हुए कट ऑफ ज्यादा जाने की उम्मीद है।
सामान्य ज्ञान के प्रश्न थे उलझाऊ
सीतापुर से आए अमित कुमार ने अपना पहला परीक्षा अनुभव साझा करते हुए कहा कि पेपर सरल था। उन्होंने बताया कि समसामयिक घटनाओं से संबंधित प्रश्न दो साल पहले के पूछे गए थे। हिंदी में ''पहाड़'' शब्द का लिंग और ''छाती में मूंग दलना'' जैसे मुहावरे के प्रश्न आसान थे। वहीं, सामान्य ज्ञान के प्रश्न थोड़े उलझे हुए थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय लगा।
मेरिट ज्यादा जाने की उम्मीद
उन्नाव के अमर पाल ने हिंदी में अलंकार और मूल विधि से अच्छे प्रश्न आने की बात कही। गणित में साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज के सवाल उन्हें आसान लगे, लेकिन कुछ अन्य प्रश्नों में समय लगा। उन्होंने कुल मिलाकर पेपर का स्तर आसान से मध्यम श्रेणी का बताया, जिससे मेरिट बढ़ने की उम्मीद है।
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परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन संपन्न कराने के लिए केंद्रों पर सघन तलाशी और बायोमेट्रिक मिलान की व्यवस्था की गई थी। शहर के बीएन इंटर कॉलेज, बीएन केबी पीजी कॉलेज और रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय जैसे प्रमुख केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इन केंद्रों पर अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर और लखीमपुर खीरी जैसे दूरदराज के जिलों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की कड़ाई से तलाशी ली गई। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला कर्मियों द्वारा उनके जूड़े खुलवाकर, जूते उतरवाकर और कानों की जांच करके की गई, ताकि किसी प्रकार के ईयरफोन या माइक्रो डिवाइस को छिपाकर अंदर न ले जाया जा सके। सुबह आठ बजे के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चली।
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गणित के कई प्रश्न कठिन थे
लखनऊ से आए दीपक रावत ने बताया कि गणित के प्रतिशत वाले कुछ प्रश्न काफी कठिन थे, जिसने उन्हें उलझा दिया। इसके कारण समय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना और उनके करीब 20 अंक के प्रश्न छूट गए। हालांकि, उन्होंने सामान्य ज्ञान और हिंदी के प्रश्नों को आसान बताया। कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी गणित खंड को चुनौतीपूर्ण माना।
अच्छे अंक की उम्मीद
बाराबंकी की आरती ने परीक्षा को तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बहुत आसान बताया। उन्होंने कहा कि गणित के प्रश्न हल करने के चक्कर में वे करंट अफेयर्स के प्रश्न नहीं पढ़ पाईं, लेकिन सभी प्रश्न हल कर दिए। उनके अनुसार, पेपर के स्तर को देखते हुए कट ऑफ ज्यादा जाने की उम्मीद है।
सामान्य ज्ञान के प्रश्न थे उलझाऊ
सीतापुर से आए अमित कुमार ने अपना पहला परीक्षा अनुभव साझा करते हुए कहा कि पेपर सरल था। उन्होंने बताया कि समसामयिक घटनाओं से संबंधित प्रश्न दो साल पहले के पूछे गए थे। हिंदी में ''पहाड़'' शब्द का लिंग और ''छाती में मूंग दलना'' जैसे मुहावरे के प्रश्न आसान थे। वहीं, सामान्य ज्ञान के प्रश्न थोड़े उलझे हुए थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय लगा।
मेरिट ज्यादा जाने की उम्मीद
उन्नाव के अमर पाल ने हिंदी में अलंकार और मूल विधि से अच्छे प्रश्न आने की बात कही। गणित में साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज के सवाल उन्हें आसान लगे, लेकिन कुछ अन्य प्रश्नों में समय लगा। उन्होंने कुल मिलाकर पेपर का स्तर आसान से मध्यम श्रेणी का बताया, जिससे मेरिट बढ़ने की उम्मीद है।