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Ambedkar Nagar News: 25 नई बसों के बदले मिलीं पुरानी बसें, नाराजगी
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अकबरपुर के निबियहवा पोखरा स्थित अस्थायी रोडवेज बस अड्डा में खड़ी अयोध्या डिपो से आईं बसें।-संवा
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर रोडवेज डिपो से 25 नई मिनी बसें अयोध्या डिपो भेजे जाने के बाद इनके बदले डिपो को छह से आठ लाख किलोमीटर चल चुकीं 16 पुरानी बसें आवंटित की गई हैं। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकांश बसें जर्जर हैं और उनके नियमित संचालन में दिक्कतें आएंगी।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की अकबरपुर डिपो शाखा ने इस फैसले का विरोध किया है। परिषद ने प्रभारी एआरएम डीके चौबे को एक ज्ञापन भी भेजा है। शाखाध्यक्ष रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक अयोध्या ने 105 बसों के बेड़े से 25 मिनी बसों का स्थानांतरण किया था। इनमें से 20 बसें प्रयागराज और पांच बसें इटावा क्षेत्र भेजी गईं। इसके बदले अकबरपुर डिपो को अयोध्या से छह और सुल्तानपुर से 10 पुरानी बसें मिलीं। कर्मचारियों का आरोप है कि ये बसें लंबे समय से कार्यशालाओं में खड़ी थीं और असंचालित हैं। अकबरपुर डिपो में पहले से ही करीब 15 बसें असंचालित स्थिति में हैं। नई बसों के हटने से डिपो की आय प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीण रूटों पर बसों की उपलब्धता घटने से यात्रियों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पुरानी बसों के कारण महिला परिचालकों की रात्रि ड्यूटी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ेंगी। कर्मचारियों ने मांग की है कि जर्जर बसों के बजाय संचालन योग्य और बेहतर स्थिति वाली बसें उपलब्ध कराई जाएं। प्रभारी एआरएम डीके चौबे ने बताया कि यह व्यवस्था सभी डिपो में बसों की श्रेणी समान रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
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पार्किंग स्थल की बदहाली
कर्मचारियों ने बसखारी मार्ग स्थित निबियहवा पोखरा अस्थायी बस स्टैंड की बदहाली पर भी चिंता जताई है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने 22 जुलाई, 2026 को गड्ढे भरवाने के निर्देश दिए थे, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को अयोध्या डिपो से आई एक बस पार्किंग के गड्ढे में फंस गई थी। कर्मचारियों ने अकबरपुर डिपो में बची 80 बसों का वरिष्ठ फोरमैन की देखरेख में मेंटेनेंस कराने की मांग की है।
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रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की अकबरपुर डिपो शाखा ने इस फैसले का विरोध किया है। परिषद ने प्रभारी एआरएम डीके चौबे को एक ज्ञापन भी भेजा है। शाखाध्यक्ष रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधक अयोध्या ने 105 बसों के बेड़े से 25 मिनी बसों का स्थानांतरण किया था। इनमें से 20 बसें प्रयागराज और पांच बसें इटावा क्षेत्र भेजी गईं। इसके बदले अकबरपुर डिपो को अयोध्या से छह और सुल्तानपुर से 10 पुरानी बसें मिलीं। कर्मचारियों का आरोप है कि ये बसें लंबे समय से कार्यशालाओं में खड़ी थीं और असंचालित हैं। अकबरपुर डिपो में पहले से ही करीब 15 बसें असंचालित स्थिति में हैं। नई बसों के हटने से डिपो की आय प्रभावित होने की आशंका है।
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ग्रामीण रूटों पर बसों की उपलब्धता घटने से यात्रियों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। पुरानी बसों के कारण महिला परिचालकों की रात्रि ड्यूटी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ेंगी। कर्मचारियों ने मांग की है कि जर्जर बसों के बजाय संचालन योग्य और बेहतर स्थिति वाली बसें उपलब्ध कराई जाएं। प्रभारी एआरएम डीके चौबे ने बताया कि यह व्यवस्था सभी डिपो में बसों की श्रेणी समान रखने के उद्देश्य से की जा रही है।
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पार्किंग स्थल की बदहाली
कर्मचारियों ने बसखारी मार्ग स्थित निबियहवा पोखरा अस्थायी बस स्टैंड की बदहाली पर भी चिंता जताई है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने 22 जुलाई, 2026 को गड्ढे भरवाने के निर्देश दिए थे, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को अयोध्या डिपो से आई एक बस पार्किंग के गड्ढे में फंस गई थी। कर्मचारियों ने अकबरपुर डिपो में बची 80 बसों का वरिष्ठ फोरमैन की देखरेख में मेंटेनेंस कराने की मांग की है।