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Ambedkar Nagar News: एनकाउंटर में मारे गए संजीव का कड़ी सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कार
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अहिरौली के चककोडार गांव में संजय उर्फ संजीव का रविवार रात शव आने के बाद जमा भीड़। संवाद
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कटेहरी/श्रवण धाम। लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में बिल्डर हत्याकांड के आरोपी और पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अहिरौली थाना क्षेत्र के चककोडार गांव निवासी संजय उर्फ संजीव का रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को पुलिस सुरक्षा में लेकर रात करीब नौ बजे गांव पहुंचे, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार कराया गया। पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय पुलिस और एलआईयू की टीमें लगातार नजर बनाए रहीं।
शनिवार तड़के एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद शव लेने के लिए मृतक के भाई सत्यजीत, पुत्र अमरेश और गांव के अजय व आलोक पुलिस के साथ लखनऊ गए थे। शनिवार को कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। रविवार दोपहर औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम किया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शव गांव पहुंचने से पहले पुलिस ने संभाला मोर्चा
लखनऊ से शव रवाना होने की सूचना मिलते ही गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और परिजनों से बातचीत कर शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार कराने की अपील की। गांव में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। हालांकि ग्रामीण आपस में घटना और संजीव की आपराधिक गतिविधियों की चर्चा करते रहे, लेकिन कैमरे या सार्वजनिक रूप से कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था।
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शनिवार तड़के एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद शव लेने के लिए मृतक के भाई सत्यजीत, पुत्र अमरेश और गांव के अजय व आलोक पुलिस के साथ लखनऊ गए थे। शनिवार को कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। रविवार दोपहर औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम किया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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शव गांव पहुंचने से पहले पुलिस ने संभाला मोर्चा
लखनऊ से शव रवाना होने की सूचना मिलते ही गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और परिजनों से बातचीत कर शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार कराने की अपील की। गांव में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा। हालांकि ग्रामीण आपस में घटना और संजीव की आपराधिक गतिविधियों की चर्चा करते रहे, लेकिन कैमरे या सार्वजनिक रूप से कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था।
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