{"_id":"6a2c3f46ae48095b6303aa82","slug":"server-down-for-330-hours-in-medical-college-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-158352-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: मेडिकल कॉलेज में 3.30 घंटे सर्वर ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: मेडिकल कॉलेज में 3.30 घंटे सर्वर ठप
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को सर्वर ठप होने के बाद परचा काउंटर पर लगी मरीजों की कतार। संवाद
- फोटो : चौपाल में जानकारी देती महिला सिपाही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सद्दरपुर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में शुक्रवार को सर्वर ठप हो जाने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था बाधित होने के कारण ओपीडी में आने वाले मरीजों के परचे नहीं बन सके, जिससे अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो गई। मरीजों को परामर्श लेने से लेकर जांच व दवा के लिए काफी इंतजार करना पड़ा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक चल रही है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे परचे बनाने शुरू किए गए, लेकिन महज एक घंटे में ही सुबह नौ बजे सर्वर ठप हो गया। इसके साथ ही आभा आईडी के जरिये परचा बनाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो गई। ऐसे में सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मैनुअल परचे बनवाने शुरू किए। हालांकि हाथ से परचा बनाने में अधिक समय लगने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
परचा काउंटरों पर सुबह से ही मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लग गईं जो दोपहर तक बनी रहीं। मेडिसिन विभाग, मानसिक रोग विभाग, त्वचा रोग ओपीडी के सामने मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। ऑर्थो ओपीडी में मरीजों को अपनी बारी के लिए 20-20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
ब्लड सैंपल व दवा काउंटरों पर भीड़
मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर संचालित ब्लड सैंपल कक्ष के बाहर कई बुजुर्ग मरीज और महिलाएं गर्मी के बीच घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर दिखे। यहां क्यूआर स्लिप बनाने के लिए सिर्फ दो ही कर्मचारी हैं जिसके सापेक्ष मरीजों की संख्या अधिक है। इसके अलावा दवा काउंटर का भी यही हाल नजर आया। चार काउंटरों के सापेक्ष सिर्फ दो से ही दवा वितरण होने के कारण मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ीं।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
बोले मरीज
टांडा के तेंदुआ प्यारेपुर के रहने वाले ओमप्रकाश गौतम सुबह आठ बजे मेडिकल कॉलेज इलाज कराने आए थे। सुबह करीब नौ बजे परचा काउंटर में ऑनलाइन परचा बनना बंद हो गया। इसके बाद करीब आधा घंटे खड़े रहने के बाद दोबारा मैनुल परचा बनना शुरू हुआ। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे कतार में खड़े होने के बाद उन्हें परचा मिल सका। टांडा के चौथइया गांव के रहने वाले लक्खू वर्मा अपनी पत्नी का उपचार कराने मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में आए थे। सुबह नौ बजे से ऑन लाइन परचा बनने में हो रही असुविधा के कारण करीब एक घंटे बाद परचा बन सका। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी।
सर्वर में तकनीकी खराबी आने के कारण ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया बाधित हुई थी। तकनीकी टीम द्वारा समस्या को दूर किए जाने तक मैनुअल व्यवस्था के जरिये कार्य संचालित किया गया। मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए ओपीडी शाम चार बजे तक संचालित की जा रही है।
डॉ. अमित कुमार पटेल, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक चल रही है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे परचे बनाने शुरू किए गए, लेकिन महज एक घंटे में ही सुबह नौ बजे सर्वर ठप हो गया। इसके साथ ही आभा आईडी के जरिये परचा बनाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो गई। ऐसे में सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मैनुअल परचे बनवाने शुरू किए। हालांकि हाथ से परचा बनाने में अधिक समय लगने के कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
परचा काउंटरों पर सुबह से ही मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लग गईं जो दोपहर तक बनी रहीं। मेडिसिन विभाग, मानसिक रोग विभाग, त्वचा रोग ओपीडी के सामने मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। ऑर्थो ओपीडी में मरीजों को अपनी बारी के लिए 20-20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।
ब्लड सैंपल व दवा काउंटरों पर भीड़
मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर संचालित ब्लड सैंपल कक्ष के बाहर कई बुजुर्ग मरीज और महिलाएं गर्मी के बीच घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर दिखे। यहां क्यूआर स्लिप बनाने के लिए सिर्फ दो ही कर्मचारी हैं जिसके सापेक्ष मरीजों की संख्या अधिक है। इसके अलावा दवा काउंटर का भी यही हाल नजर आया। चार काउंटरों के सापेक्ष सिर्फ दो से ही दवा वितरण होने के कारण मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ीं।
बोले मरीज
टांडा के तेंदुआ प्यारेपुर के रहने वाले ओमप्रकाश गौतम सुबह आठ बजे मेडिकल कॉलेज इलाज कराने आए थे। सुबह करीब नौ बजे परचा काउंटर में ऑनलाइन परचा बनना बंद हो गया। इसके बाद करीब आधा घंटे खड़े रहने के बाद दोबारा मैनुल परचा बनना शुरू हुआ। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे कतार में खड़े होने के बाद उन्हें परचा मिल सका। टांडा के चौथइया गांव के रहने वाले लक्खू वर्मा अपनी पत्नी का उपचार कराने मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में आए थे। सुबह नौ बजे से ऑन लाइन परचा बनने में हो रही असुविधा के कारण करीब एक घंटे बाद परचा बन सका। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी।
सर्वर में तकनीकी खराबी आने के कारण ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया बाधित हुई थी। तकनीकी टीम द्वारा समस्या को दूर किए जाने तक मैनुअल व्यवस्था के जरिये कार्य संचालित किया गया। मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए ओपीडी शाम चार बजे तक संचालित की जा रही है।
डॉ. अमित कुमार पटेल, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज