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Ambedkar Nagar News: सचिवों के निलंबन के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
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अंबेडकरनगर। साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल से जिले में खाद वितरण प्रभावित है। किसान सरसों की बोआई के लिए डीएपी और रबी की अन्य फसलों के लिए उर्वरक पाने को भटक रहे हैं। बुधवार को 20 सचिवों के निलंबन के बाद बृहस्पतिवार को एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने कर्मचारियों की टीम के साथ विभिन्न समितियों का निरीक्षण किया। इस दौरान पौ समितियां खुली मिलीं लेकिन खाद वितरण नहीं हुआ।
निरीक्षण के दौरान बी पैक्स रामपुर रामपट्टी अकबरपुर, बसहिया बसखारी, कुर्चा, सोनगांव, रामपुर सकरवारी, भियांव, सहकारी संघ पैकोली भियांव, नेवादा कला और किशुनपुर कबिरहा खुली मिलीं। हालांकि, पासवर्ड और आईडी उपलब्ध न होने से इन समितियों पर खाद का वितरण नहीं हो सका। वहीं, बी पैक्स बेरमा और पक्खनपुर बंद मिलने पर दोनों सचिवों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शुक्रवार से 30 समितियों पर खाद वितरण शुरू कराया जाएगा।
जिले में कुल 92 समितियां हैं, जिनमें 72 सचिव तैनात हैं। 22 अक्तूबर से जारी हड़ताल के कारण समितियों पर ताले लटके हैं। खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं और उन्हें मजबूरी में ऊंचे दामों पर उर्वरक खरीदना पड़ रहा है।
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समितियों पर खाद उपलब्ध, वितरण में बाधा
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर तक यूरिया का क्रमिक लक्ष्य 2,765 मीट्रिक टन के सापेक्ष 26,511, डीएपी का लक्ष्य 3,667 मीट्रिक टन के सापेक्ष 8,040 एमटी, एनपीके का लक्ष्य 661 मीट्रिक टन के सापेक्ष 4,412 एमटी, एसएसपी का लक्ष्य 1,687 मीट्रिक टन के सापेक्ष 12,952 एमटी और एमओपी का लक्ष्य 103 मीट्रिक टन के सापेक्ष 254 मीट्रिक टन उपलब्धता दर्ज की गई है। वर्तमान में सहकारिता और निजी क्षेत्र को मिलाकर यूरिया 26,484, डीएपी 4,626, एनपीके 4,206, एसएसपी 12,545 और एमओपी 254 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
22 सचिवों पर हो चुकी कार्रवाई
अब तक 22 सचिवों को निलंबित किया जा चुका है। इनमें खजुरी करौंदी, मालीपुर, बड़ागांव, पिगरियावां, भीटी, जगुई, उतरेथू, केशवपुर, रेवई, बहोरिकपुर, सुमेरपुर, देवरिया पंडित, बरईपुर चहोड़ा, बसहिया गंगा सागर, पक्खनपुर, बेरमा, मकदूमनगर और दौलतपुर महमूदपुर समेत विभिन्न समितियों के सचिव शामिल हैं।
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सुलेमपुर निवासी किसान राधेश्याम ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से सहकारी समिति तुलसमपुर बसखारी में खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है।
सुलेमपुर परसावां निवासी मंजीत वर्मा ने बताया कि वह तीन-चार दिन से बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति अजमेरी बादशाहपुर जा रहे हैं। हड़ताल के कारण डीएपी नहीं मिल रही है। सरसों की बोआई के लिए खेत तैयार हैं, लेकिन खाद के अभाव में काम में देरी हो रही है।
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निरीक्षण के दौरान बी पैक्स रामपुर रामपट्टी अकबरपुर, बसहिया बसखारी, कुर्चा, सोनगांव, रामपुर सकरवारी, भियांव, सहकारी संघ पैकोली भियांव, नेवादा कला और किशुनपुर कबिरहा खुली मिलीं। हालांकि, पासवर्ड और आईडी उपलब्ध न होने से इन समितियों पर खाद का वितरण नहीं हो सका। वहीं, बी पैक्स बेरमा और पक्खनपुर बंद मिलने पर दोनों सचिवों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शुक्रवार से 30 समितियों पर खाद वितरण शुरू कराया जाएगा।
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जिले में कुल 92 समितियां हैं, जिनमें 72 सचिव तैनात हैं। 22 अक्तूबर से जारी हड़ताल के कारण समितियों पर ताले लटके हैं। खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं और उन्हें मजबूरी में ऊंचे दामों पर उर्वरक खरीदना पड़ रहा है।
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समितियों पर खाद उपलब्ध, वितरण में बाधा
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर तक यूरिया का क्रमिक लक्ष्य 2,765 मीट्रिक टन के सापेक्ष 26,511, डीएपी का लक्ष्य 3,667 मीट्रिक टन के सापेक्ष 8,040 एमटी, एनपीके का लक्ष्य 661 मीट्रिक टन के सापेक्ष 4,412 एमटी, एसएसपी का लक्ष्य 1,687 मीट्रिक टन के सापेक्ष 12,952 एमटी और एमओपी का लक्ष्य 103 मीट्रिक टन के सापेक्ष 254 मीट्रिक टन उपलब्धता दर्ज की गई है। वर्तमान में सहकारिता और निजी क्षेत्र को मिलाकर यूरिया 26,484, डीएपी 4,626, एनपीके 4,206, एसएसपी 12,545 और एमओपी 254 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
22 सचिवों पर हो चुकी कार्रवाई
अब तक 22 सचिवों को निलंबित किया जा चुका है। इनमें खजुरी करौंदी, मालीपुर, बड़ागांव, पिगरियावां, भीटी, जगुई, उतरेथू, केशवपुर, रेवई, बहोरिकपुर, सुमेरपुर, देवरिया पंडित, बरईपुर चहोड़ा, बसहिया गंगा सागर, पक्खनपुर, बेरमा, मकदूमनगर और दौलतपुर महमूदपुर समेत विभिन्न समितियों के सचिव शामिल हैं।
सुलेमपुर निवासी किसान राधेश्याम ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से सहकारी समिति तुलसमपुर बसखारी में खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है।
सुलेमपुर परसावां निवासी मंजीत वर्मा ने बताया कि वह तीन-चार दिन से बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति अजमेरी बादशाहपुर जा रहे हैं। हड़ताल के कारण डीएपी नहीं मिल रही है। सरसों की बोआई के लिए खेत तैयार हैं, लेकिन खाद के अभाव में काम में देरी हो रही है।