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Ambedkar Nagar News: ईरान में बसे अपनों से नहीं हो पा रहा संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:21 AM IST
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सम्मनपुर के कटघर कमाल निवासी मौलाना हैदर अब्बास के घर के बाहर हैरान परेशान परिजन।
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अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों से ईरान में शिक्षा प्राप्त करने गए 100 से ज्यादा लोगों और उनके परिवार के सदस्यों के मध्य नियमित संपर्क टूट चुका है। इंटरनेट सेवाएं बंद हाेने के कारण लोगों को अपनों से बात करने के लिए दो से तीन दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। तमाम मुश्किलों के बावजूद लोगों को उम्मीद है कि ईरान और भारत सरकार किसी नागरिक को कोई नुकसान नहीं होने देगी।
ईरान से अंबेडकरनगर जिले का आस्था और शिक्षा से गहरा नाता है। किछौछा स्थित सैयद मखदूम अशरफ की दरगाह पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते रहे हैं। बसखारी, जलालपुर, अकबरपुर क्षेत्रों से तमाम लोग तालीमी शिक्षा प्राप्त करने के लिए ईरान के अलग-अलग शहरों में जाते हैं।
इसके साथ ही शिया समुदाय के लोग धार्मिक यात्रा पर भी ईरान जाना पसंद करते हैं। मौजूदा समय में जलालपुर के नगपुर, हजपुरा, कटघर कमाल, टांडा और अकबरपुर के मीरानपुर से 100 से अधिक लोग ईरान के कोम, तेहरान और मशहद जैसे शहरों में रह रहे हैं। इनके परिवार के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही है।
नहीं हो पा रही बात
सम्मनपुर के कटघर कमाल निवासी मौलाना हैदर अब्बास ईरान के कोम शहर में करीब 30 साल पहले जाकर बसे थे। इनकी पत्नी नसीम फातिमा, पुत्र अली रजा, मोहम्मद मुर्तजा और पुत्री अजरा में हैं, जबकि हैदर अब्बास पढ़ाने के लिए अफ्रीका गए हुए हैं। इनके भाई सलमान हैदर ने बताया कि कभी-कभार ही बात हो पा रही है।
धार्मिक यात्रा पर जा रहीं महिलाओं के टिकट रद्द
आगामी रविवार को कटघर कमाल से 18 से 20 महिलाओं का समूह धार्मिक यात्रा के लिए ईरान के लिए जाने वाला था। यहां मशहद और मासूम-ए-कोम जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन पूजन करने के लिए जाना था। इनमें महताब बानो, शहनाज बानो समेत अन्य महिलाएं शामिल थीं। इनके परिवार के सदस्य कासिफ ने बताया कि फ्लाइट लैंड होने की अनुमति न होने के चलते टिकट कैंसिल हो गए है।
कराई जाए सुरक्षित वतन वापसी
जलालपुर के वाजिदपुर निवासी मोहम्मद सादिक ने बताया कि उनके छोटे भाई मोहम्मद आबिद ईरान में मौलवी की पढ़ाई के लिए गए हुए हैं। बुधवार शाम उनसे व्हाट्सएप पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि स्थिति ठीक है, कोई समस्या नहीं है। इसके बावजूद समाचार पत्रों से मिल रहीं खबरें देखकर डर बना हुआ है। भारत सरकार से अपील है कि उनकी सुरक्षित वतन वापसी कराई जाए।
बेटी कर रही एमबीबीएस
जलालपुर के वाजिदपुर निवासी मेहंदी हसन ने बताया कि इनकी शबिका मेहंदी बीते तीन साल से ईरान के राजधानी तेहरान मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। वहां की स्थिति देखकर हम लोग काफी परेशान है, लेकिन बेटी फोन की स्थिति सामान्य होने की जानकारी दे रही है। फिलहाल, डर का माहौल परिवार में है। संपर्क न होने पर समस्या होती है।
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ईरान से अंबेडकरनगर जिले का आस्था और शिक्षा से गहरा नाता है। किछौछा स्थित सैयद मखदूम अशरफ की दरगाह पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते रहे हैं। बसखारी, जलालपुर, अकबरपुर क्षेत्रों से तमाम लोग तालीमी शिक्षा प्राप्त करने के लिए ईरान के अलग-अलग शहरों में जाते हैं।
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इसके साथ ही शिया समुदाय के लोग धार्मिक यात्रा पर भी ईरान जाना पसंद करते हैं। मौजूदा समय में जलालपुर के नगपुर, हजपुरा, कटघर कमाल, टांडा और अकबरपुर के मीरानपुर से 100 से अधिक लोग ईरान के कोम, तेहरान और मशहद जैसे शहरों में रह रहे हैं। इनके परिवार के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही है।
नहीं हो पा रही बात
सम्मनपुर के कटघर कमाल निवासी मौलाना हैदर अब्बास ईरान के कोम शहर में करीब 30 साल पहले जाकर बसे थे। इनकी पत्नी नसीम फातिमा, पुत्र अली रजा, मोहम्मद मुर्तजा और पुत्री अजरा में हैं, जबकि हैदर अब्बास पढ़ाने के लिए अफ्रीका गए हुए हैं। इनके भाई सलमान हैदर ने बताया कि कभी-कभार ही बात हो पा रही है।
धार्मिक यात्रा पर जा रहीं महिलाओं के टिकट रद्द
आगामी रविवार को कटघर कमाल से 18 से 20 महिलाओं का समूह धार्मिक यात्रा के लिए ईरान के लिए जाने वाला था। यहां मशहद और मासूम-ए-कोम जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन पूजन करने के लिए जाना था। इनमें महताब बानो, शहनाज बानो समेत अन्य महिलाएं शामिल थीं। इनके परिवार के सदस्य कासिफ ने बताया कि फ्लाइट लैंड होने की अनुमति न होने के चलते टिकट कैंसिल हो गए है।
कराई जाए सुरक्षित वतन वापसी
जलालपुर के वाजिदपुर निवासी मोहम्मद सादिक ने बताया कि उनके छोटे भाई मोहम्मद आबिद ईरान में मौलवी की पढ़ाई के लिए गए हुए हैं। बुधवार शाम उनसे व्हाट्सएप पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि स्थिति ठीक है, कोई समस्या नहीं है। इसके बावजूद समाचार पत्रों से मिल रहीं खबरें देखकर डर बना हुआ है। भारत सरकार से अपील है कि उनकी सुरक्षित वतन वापसी कराई जाए।
बेटी कर रही एमबीबीएस
जलालपुर के वाजिदपुर निवासी मेहंदी हसन ने बताया कि इनकी शबिका मेहंदी बीते तीन साल से ईरान के राजधानी तेहरान मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। वहां की स्थिति देखकर हम लोग काफी परेशान है, लेकिन बेटी फोन की स्थिति सामान्य होने की जानकारी दे रही है। फिलहाल, डर का माहौल परिवार में है। संपर्क न होने पर समस्या होती है।
