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Amethi News: 323 स्कूलों में शून्य नामांकन, फिर भी अमेठी टॉप-10 में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 29 Apr 2026 12:14 AM IST
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अमेठी सिटी। स्कूल चलो अभियान के तहत अमेठी ने 50.25 फीसदी नामांकन दर्ज कर प्रदेश की टॉप-10 सूची में नौवां स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 19,690 बच्चों का ऑफलाइन नामांकन हुआ है, जबकि कुल लक्ष्य 33,069 का है। आंकड़ों के आधार पर जिले का प्रदर्शन बेहतर दिख रहा है, लेकिन जमीनी स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है।
पोर्टल समीक्षा में सामने आया कि जिले के 1570 परिषदीय विद्यालयों में से 323 ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी नामांकन दर्ज नहीं हुआ है। इसके अलावा कई विद्यालयों में नामांकन की संख्या पांच से भी कम है। ऐसे में एक ओर जिले का टॉप-10 में शामिल होना और दूसरी ओर बड़ी संख्या में शून्य नामांकन वाले स्कूल, दोनों के बीच स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है। नामांकन बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ड्रॉपआउट और स्कूल से बाहर बच्चों को जोड़ने पर भी फोकस किया गया है। इसके बावजूद कई विद्यालयों में नामांकन शून्य रहना चिंता का विषय बना हुआ है। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि ऑफलाइन नामांकन को जल्द पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। उनका कहना है कि अभियान की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी हैं। हालांकि आंकड़ों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिसे दूर करना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
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पोर्टल समीक्षा में सामने आया कि जिले के 1570 परिषदीय विद्यालयों में से 323 ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी नामांकन दर्ज नहीं हुआ है। इसके अलावा कई विद्यालयों में नामांकन की संख्या पांच से भी कम है। ऐसे में एक ओर जिले का टॉप-10 में शामिल होना और दूसरी ओर बड़ी संख्या में शून्य नामांकन वाले स्कूल, दोनों के बीच स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है। नामांकन बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
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शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ड्रॉपआउट और स्कूल से बाहर बच्चों को जोड़ने पर भी फोकस किया गया है। इसके बावजूद कई विद्यालयों में नामांकन शून्य रहना चिंता का विषय बना हुआ है। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि ऑफलाइन नामांकन को जल्द पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। उनका कहना है कि अभियान की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी हैं। हालांकि आंकड़ों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिसे दूर करना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
