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Amethi News: मजिस्ट्रेट की अगुवाई में गठित टीम करेगी मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 22 Jan 2026 12:02 AM IST
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अमेठी सिटी। अमेठी कस्बे में संचालित आशीर्वाद नर्सिंग होम में डिलीवरी के बाद नवजात की मौत के प्रकरण की जांच चार सदस्यीय टीम करेगी। जांच टीम की अगुवाई जिला प्रशासन के स्तर पर नामित मजिस्ट्रेट करेंगे। इसके लिए जांच टीम में मजिस्ट्रेट को नामित करने के लिए सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने जिलाधिकारी संजय चौहान को एक पत्र भी भेजा है। आरोपित नर्सिंग होम का पंजीयन डेढ़ वर्ष साल पहले निलंबित किया गया था, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की उदासीनता से अस्पताल का संचालन बेखौफ तरीके से हो रहा था। इसका खामियाजा ही मृतक नवजात के परिजनों को भुगतना पड़ा है।
संग्रामपुर के पूरे तालुकदार के पुरवा निवासी अजय सिंह की पत्नी वंदना की इसी अस्पताल में सोमवार को डिलीवरी कराई गई थी। प्रसव के बाद नवजात की बिगड़ने के बाद एम्स रायबरेली रेफर कर दिया गया था। जहां ले जाते समय नवजात की मौत हो गई थी। इस मामले में नवजात के पिता अजय ने इलाज में लापरवाही बरतने आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है।
आशीर्वाद नर्सिंग होम का 14 जून 2024 को निरीक्षण किया गया था। उस वक्त अस्पताल का पंजीकरण समाप्त हो गया था। 24 जुलाई 2024 को दोबारा निरीक्षण में मरीज भर्ती मिले, लेकिन कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इसी आधार पर एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने नर्सिंग होम संचालक मेहंदा बदलापुर गांव निवासी विद्या भूषण ओझा के खिलाफ अमेठी कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस बहाल नहीं किया था। इसके बावजूद अस्पताल का संचालन बिना पंजीयन के ही अवैध तौर से हो रहा है।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जांच टीम में नामित मजिस्ट्रेट के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. प्रेमा गोदी को शामिल किया गया है। चार सदस्यीय टीम नवजात की मौत से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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संग्रामपुर के पूरे तालुकदार के पुरवा निवासी अजय सिंह की पत्नी वंदना की इसी अस्पताल में सोमवार को डिलीवरी कराई गई थी। प्रसव के बाद नवजात की बिगड़ने के बाद एम्स रायबरेली रेफर कर दिया गया था। जहां ले जाते समय नवजात की मौत हो गई थी। इस मामले में नवजात के पिता अजय ने इलाज में लापरवाही बरतने आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है।
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आशीर्वाद नर्सिंग होम का 14 जून 2024 को निरीक्षण किया गया था। उस वक्त अस्पताल का पंजीकरण समाप्त हो गया था। 24 जुलाई 2024 को दोबारा निरीक्षण में मरीज भर्ती मिले, लेकिन कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इसी आधार पर एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने नर्सिंग होम संचालक मेहंदा बदलापुर गांव निवासी विद्या भूषण ओझा के खिलाफ अमेठी कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस बहाल नहीं किया था। इसके बावजूद अस्पताल का संचालन बिना पंजीयन के ही अवैध तौर से हो रहा है।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जांच टीम में नामित मजिस्ट्रेट के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद, डॉ. पीके उपाध्याय, डॉ. प्रेमा गोदी को शामिल किया गया है। चार सदस्यीय टीम नवजात की मौत से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
