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Amethi News: स्कूल के सहपाठी ने ही ले ली अमिता की जान
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:22 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के चतुरीपुर मऊ गांव में 24 वर्षीय अमिता की हत्या का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया। फोन पर बात करने से इन्कार करने पर नाराज दो युवकों ने साजिश रचकर नहर किनारे बुलाया और चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने मामले में सनोज कोरी और उसके साथी दुर्गेश्वरी गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से खून से सना कपड़ा, चाकू और मृतका का मोबाइल बरामद किया गया है। एएसपी ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि सनोज और अमिता एक ही स्कूल में पढ़ते थे और दोनों के बीच बातचीत होती थी। कुछ समय से अमिता द्वारा बात करने से इन्कार करने पर सनोज नाराज रहने लगा था।
सीओ गौरीगंज अखिलेश वर्मा के अनुसार, जांच में सामने आया कि दुर्गेश्वरी ने सनोज को बताया था कि अमिता किसी अन्य युवक से भी बात करती है। इससे दोनों के मन में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए एक दिन पहले ही चाकू खरीद लिया गया था।
14 अप्रैल की रात सनोज ने अमिता को फोन कर गांव के बाहर नहर किनारे बुलाया, जहां पहले से दुर्गेश्वरी मौजूद था। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर सनोज ने चाकू से गला रेत दिया, जबकि दुर्गेश्वरी ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। मौके पर ही अमिता की मौत हो गई।
पुलिस ने सनोज को जामों मार्ग से गिरफ्तार किया। पूछताछ में दुर्गेश्वरी का नाम सामने आने पर उसे भी हिरासत में लिया गया। दोनों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर चालान न्यायालय भेजा गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अंतिम कॉल से खुला राज
हत्या के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मोबाइल की अंतिम कॉल डिटेल खंगाली। इसी आधार पर सनोज को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। उसके बयान के बाद दुर्गेश्वरी की भूमिका भी सामने आई।
फोन व्यस्त मिलने से बढ़ा शक
पूछताछ में सनोज ने बताया कि घटना से पहले अमिता का फोन लगातार व्यस्त मिल रहा था। इससे उसे शक हुआ और गुस्सा बढ़ता गया। मिलने पर इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो हत्या तक पहुंच गया।
चेहरों पर नहीं दिखा पछतावा
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के चेहरे पर किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा। पुलिस पूछताछ में उन्होंने सामान्य ढंग से जवाब दिए। जेल भेजे जाने के दौरान भी वे सहज नजर आए।
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पुलिस ने मामले में सनोज कोरी और उसके साथी दुर्गेश्वरी गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से खून से सना कपड़ा, चाकू और मृतका का मोबाइल बरामद किया गया है। एएसपी ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि सनोज और अमिता एक ही स्कूल में पढ़ते थे और दोनों के बीच बातचीत होती थी। कुछ समय से अमिता द्वारा बात करने से इन्कार करने पर सनोज नाराज रहने लगा था।
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सीओ गौरीगंज अखिलेश वर्मा के अनुसार, जांच में सामने आया कि दुर्गेश्वरी ने सनोज को बताया था कि अमिता किसी अन्य युवक से भी बात करती है। इससे दोनों के मन में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए एक दिन पहले ही चाकू खरीद लिया गया था।
14 अप्रैल की रात सनोज ने अमिता को फोन कर गांव के बाहर नहर किनारे बुलाया, जहां पहले से दुर्गेश्वरी मौजूद था। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर सनोज ने चाकू से गला रेत दिया, जबकि दुर्गेश्वरी ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। मौके पर ही अमिता की मौत हो गई।
पुलिस ने सनोज को जामों मार्ग से गिरफ्तार किया। पूछताछ में दुर्गेश्वरी का नाम सामने आने पर उसे भी हिरासत में लिया गया। दोनों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर चालान न्यायालय भेजा गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अंतिम कॉल से खुला राज
हत्या के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मोबाइल की अंतिम कॉल डिटेल खंगाली। इसी आधार पर सनोज को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। उसके बयान के बाद दुर्गेश्वरी की भूमिका भी सामने आई।
फोन व्यस्त मिलने से बढ़ा शक
पूछताछ में सनोज ने बताया कि घटना से पहले अमिता का फोन लगातार व्यस्त मिल रहा था। इससे उसे शक हुआ और गुस्सा बढ़ता गया। मिलने पर इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो हत्या तक पहुंच गया।
चेहरों पर नहीं दिखा पछतावा
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के चेहरे पर किसी तरह का पछतावा नहीं दिखा। पुलिस पूछताछ में उन्होंने सामान्य ढंग से जवाब दिए। जेल भेजे जाने के दौरान भी वे सहज नजर आए।

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