{"_id":"69ea7f9340e5dee75101de80","slug":"dont-be-discouraged-by-low-marks-keep-trying-amethi-news-c-96-1-ame1008-164107-2026-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: कम अंक से न हों निराश, जारी रखें प्रयास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: कम अंक से न हों निराश, जारी रखें प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमेठी सिटी। परीक्षा में कम अंक आने या असफलता मिलने पर निराश होने की बजाय उसे सुधार का अवसर मानना चाहिए। सफलता लगातार प्रयास और मेहनत से ही मिलती है। जिले के अधिकारियों ने छात्रों को यही संदेश दिया है कि लक्ष्य तय कर पूरे मनोयोग से पढ़ाई करें, सफलता जरूर मिलेगी।
एसडीएम प्रीति तिवारी ने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए। लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
दूसरे प्रयास में खंड विकास अधिकारी और तीसरे प्रयास में एसडीएम बनीं। लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर निरंतर मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी ने बताया कि कम अंक या असफलता से हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी करते हुए लक्ष्य हासिल किया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने कहा कि असफलता हमें अपनी कमियों को समझने और सुधारने का मौका देती है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि अंक ही सब कुछ नहीं होते। वास्तविक सफलता ज्ञान और प्रतिभा के आधार पर मिलती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करें, सफलता जरूर मिलेगी।
छात्र निराश होने के बजाय दोगुने उत्साह के साथ आगे बढ़ें और अपने भविष्य को बेहतर बनाएं।
Trending Videos
एसडीएम प्रीति तिवारी ने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए। लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरे प्रयास में खंड विकास अधिकारी और तीसरे प्रयास में एसडीएम बनीं। लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर निरंतर मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी ने बताया कि कम अंक या असफलता से हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी करते हुए लक्ष्य हासिल किया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने कहा कि असफलता हमें अपनी कमियों को समझने और सुधारने का मौका देती है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि अंक ही सब कुछ नहीं होते। वास्तविक सफलता ज्ञान और प्रतिभा के आधार पर मिलती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करें, सफलता जरूर मिलेगी।
छात्र निराश होने के बजाय दोगुने उत्साह के साथ आगे बढ़ें और अपने भविष्य को बेहतर बनाएं।

कमेंट
कमेंट X