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Amethi News: खाद व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:32 AM IST
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कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन देते संगठन के पदाधिकारी। स्रोत- संगठन
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अमेठी सिटी। उर्वरक व्यापारियों ने सोमवार को एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें कृषि से जुड़े खुदरा विक्रेताओं की समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष विजय कुमार शुक्ल ने कहा कि कृषि व्यापार से जुड़े खुदरा विक्रेता कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उर्वरकों के परिवहन का बढ़ता बोझ और लंबे समय से स्थिर डीलर मार्जिन उनकी प्रमुख समस्याएं हैं। उन्होंने कृषि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करते हुए उर्वरकों की डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि यूरिया, डीएपी, एनपीके और एमओपी सीधे दुकानों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में परिवहन का अतिरिक्त खर्च छोटे दुकानदारों को आर्थिक रूप से कमजोर कर रहा है। बढ़ती महंगाई, दुकान किराया और बिजली बिल को देखते हुए डीलर मार्जिन में वृद्धि जरूरी है। साथ ही कीटनाशक दवाओं के नमूने फेल होने की स्थिति में केवल खुदरा विक्रेता को जिम्मेदार न ठहराने और खराब गुणवत्ता के लिए निर्माता कंपनी की जवाबदेही तय करने की मांग की गई। इसके अलावा छोटे खुदरा बीज विक्रेताओं को साथी पोर्टल की तकनीकी जटिलताओं से राहत देने की मांग भी उठाई गई। इस दौरान राम किशोर त्रिवेदी, रामकिंकर त्रिपाठी, गौरव सिंह, सूबेदार सिंह, यतेंद्र प्रताप त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष विजय कुमार शुक्ल ने कहा कि कृषि व्यापार से जुड़े खुदरा विक्रेता कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उर्वरकों के परिवहन का बढ़ता बोझ और लंबे समय से स्थिर डीलर मार्जिन उनकी प्रमुख समस्याएं हैं। उन्होंने कृषि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करते हुए उर्वरकों की डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि यूरिया, डीएपी, एनपीके और एमओपी सीधे दुकानों तक पहुंच सके।
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उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में परिवहन का अतिरिक्त खर्च छोटे दुकानदारों को आर्थिक रूप से कमजोर कर रहा है। बढ़ती महंगाई, दुकान किराया और बिजली बिल को देखते हुए डीलर मार्जिन में वृद्धि जरूरी है। साथ ही कीटनाशक दवाओं के नमूने फेल होने की स्थिति में केवल खुदरा विक्रेता को जिम्मेदार न ठहराने और खराब गुणवत्ता के लिए निर्माता कंपनी की जवाबदेही तय करने की मांग की गई। इसके अलावा छोटे खुदरा बीज विक्रेताओं को साथी पोर्टल की तकनीकी जटिलताओं से राहत देने की मांग भी उठाई गई। इस दौरान राम किशोर त्रिवेदी, रामकिंकर त्रिपाठी, गौरव सिंह, सूबेदार सिंह, यतेंद्र प्रताप त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

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