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Amethi News: टीसीएस की नौकरी छोड़ नौसेना में अफसर बनीं गरिमा
Mon, 26 Oct 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:44 AM IST
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अमेठी सिटी। निजी कंपनी टीसीएस में नौकरी करने के बाद देश सेवा का संकल्प लेकर भारतीय नौसेना में अधिकारी बनीं तिलोई के भवानी नगर निवासी गरिमा सिंह ने जिले का मान बढ़ाया है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने निजी क्षेत्र की नौकरी छोड़कर नौसेना में जाने का निर्णय लिया। 23 अक्तूबर 2026 को उन्हें भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला। इससे परिवार व अन्य लोगों में खुशी है।
गरिमा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में नौकरी शुरू की थी। निजी क्षेत्र में काम करने के बावजूद देश सेवा के प्रति उनका संकल्प बना रहा। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने नौसेना में अधिकारी बनने की तैयारी की। उनका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा में हुआ। तकनीकी शिक्षा और निजी कंपनी में काम करने के अनुभव के बाद नौसेना में उनका चयन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
गरिमा के पिता हरिशंकर सिंह का वर्ष 2020 में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां ने दोनों बच्चों की परवरिश और पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाली। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। आज उनका बेटा थल सेना में मेजर और बेटी भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर देश सेवा कर रही हैं। गरिमा की उपलब्धि परिवार के संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।
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गरिमा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में नौकरी शुरू की थी। निजी क्षेत्र में काम करने के बावजूद देश सेवा के प्रति उनका संकल्प बना रहा। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने नौसेना में अधिकारी बनने की तैयारी की। उनका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा में हुआ। तकनीकी शिक्षा और निजी कंपनी में काम करने के अनुभव के बाद नौसेना में उनका चयन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
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गरिमा के पिता हरिशंकर सिंह का वर्ष 2020 में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां ने दोनों बच्चों की परवरिश और पढ़ाई की जिम्मेदारी संभाली। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। आज उनका बेटा थल सेना में मेजर और बेटी भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनकर देश सेवा कर रही हैं। गरिमा की उपलब्धि परिवार के संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।
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