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Amethi News: श्रद्धा, धैर्य और संकल्प से मिलती है सफलता
Mon, 26 Oct 2026 01:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:48 AM IST
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तिलोई के लोधवरिया गांव में कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
तिलोई। लोधवरिया स्थित बाबा परमहंस राम मंगलदास सेवा मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को प्रवाचक सुमनलता उनियाल ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। कहा कि श्रद्धा, धैर्य और दृढ़ संकल्प से सफलता मिलती है।
प्रवाचक ने बताया कि बालक ध्रुव ने अपमानित होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने भगवान को प्राप्त करने का संकल्प लिया और कठिन तपस्या में लीन हो गए। उनकी अटूट श्रद्धा और दृढ़ निश्चय से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दर्शन दिए। ध्रुव का जीवन बताता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मन में सच्ची लगन और विश्वास हो तो व्यक्ति अपने उद्देश्य से विचलित नहीं होता।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य और मेहनत के साथ निरंतर प्रयास करना जरूरी है। असफलता या कठिनाइयों से निराश होकर लक्ष्य छोड़ने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। मनुष्य को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ काम करना चाहिए। कथा में राकेश त्रिपाठी, श्रुति अवस्थी, वैभव मिश्र, राजकुमार मिश्र, राजीव सिंह, दुर्योधन सिंह, रोहित त्रिपाठी और बृजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने बताया कि बालक ध्रुव ने अपमानित होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने भगवान को प्राप्त करने का संकल्प लिया और कठिन तपस्या में लीन हो गए। उनकी अटूट श्रद्धा और दृढ़ निश्चय से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दर्शन दिए। ध्रुव का जीवन बताता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मन में सच्ची लगन और विश्वास हो तो व्यक्ति अपने उद्देश्य से विचलित नहीं होता।
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उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य और मेहनत के साथ निरंतर प्रयास करना जरूरी है। असफलता या कठिनाइयों से निराश होकर लक्ष्य छोड़ने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। मनुष्य को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ काम करना चाहिए। कथा में राकेश त्रिपाठी, श्रुति अवस्थी, वैभव मिश्र, राजकुमार मिश्र, राजीव सिंह, दुर्योधन सिंह, रोहित त्रिपाठी और बृजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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