अमेठी सिटी। सोने-चांदी की बेतहाशा बढ़ी कीमतों के कारण सहालग के दौर में भी सराफा बाजार में सूनापन है। बाबुल की हसरतें महंगाई के बोझ तले दब गई हैं। आलम ये है कि लोग बेटी की शादी के लिए जरूरी जेवर भी नहीं खरीद पा रहे हैं। सोना खरीदना तो दूर, चांदी की पायजेब और हाफपेटी जैसे आभूषण भी इस बार चलन से बाहर होते दिख रहे हैं।
बीते साल की तुलना में सोने और चांदी के दाम काफी बढ़ गए हैं। बीते साल 10 ग्राम सोना 96 हजार रुपये और चांदी 1.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस साल चार लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा छूकर इस समय भी तीन लाख के करीब है। बुधवार को चांदी दो लाख 95 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तो सोना 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। महंगे दाम होने से सोना खरीदने से लोग पीछे हट रहे हैं। हार, मंगलसूत्र, चूड़ी, कंगन, लॉकेट, झुमकी, माथ बेंदी और अंगूठी जैसे आभूषण न के बराबर बिक रहे हैं।
पुराने जेवर गला कर ले रहे नए आभूषण
अमीर तबका तो महंगाई के दौर में भी जेवरों की खरीदारी कर रहा है, लेकिन मध्यम वर्ग पुराने जेवर को गलाकर नया बनवा रहा है। इसके बदले में उन्हें बनवाई ही देनी पड़ रही है। जेवर के नाम पर लोग चांदी की पायल, बिछिया ही खरीद पा रहे हैं। आभूषण विक्रेता आकाश सोनी बताते हैं कि सहालग में भी बाजार में सन्नाटा है। लोग पायजेब, हाफपेटी भी नहीं खरीद पा रहे हैं।