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Amethi News: पहली बार जा रहा था स्कूल, मौत ने छीन ली मुस्कान
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 23 Apr 2026 12:11 AM IST
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मुसाफिरखाना। पूरे काजिम अली गांव की हंसी-खुशी बुधवार सुबह कुछ ही पलों में गहरे मातम में बदल गई। चार वर्षीय मोहम्मद उजैद पहली बार स्कूल जाने के लिए तैयार हुआ था। घर में नई शुरुआत की खुशी थी, लेकिन किसे पता था कि यह सुबह परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन जाएगा।
मां मकसूदा ने बेटे को नए कपड़े पहनाए और उसके बाल संवारते हुए बार-बार उसे निहारती रहीं। उन्होंने उसके छोटे से बैग में कॉपी-किताबें और टिफिन रखा। बेटे के स्कूल जाने की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। उजैद भी उत्साहित था और मासूम मुस्कान के साथ घर से निकला। उजैद अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और पूरे परिवार का दुलारा था।
पिता मोहम्मद जमाल करीब एक माह पहले ही सऊदी अरब से घर लौटे थे और तब से ज्यादातर समय बेटे के साथ ही बिताते थे। चाचा मोहम्मद जफर बताते हैं कि उजैद की किलकारियों से घर-आंगन हमेशा गुलजार रहता था। उसकी हर अदा परिवार के लिए खुशी का कारण थी। बुधवार सुबह जब उजैद पहली बार स्कूल जाने के लिए घर से निकला, तो मां ने उसे दुलारते हुए विदा किया।
सड़क किनारे खड़ा उजैद स्कूल बस का इंतजार कर रहा था, तभी अचानक बस की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर जैसे ही गांव पहुंची, हर कोई सन्न रह गया। मां मकसूदा बदहवास होकर बार-बार बेसुध हो जाती रहीं। पिता मोहम्मद जमाल का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन और गांव की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं। गांव में सन्नाटा पसरा है। हर आंख नम है और हर कोई यही कह रहा है कि पहली बार स्कूल जाने निकला यह मासूम हमेशा के लिए सबको छोड़ गया।
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मां मकसूदा ने बेटे को नए कपड़े पहनाए और उसके बाल संवारते हुए बार-बार उसे निहारती रहीं। उन्होंने उसके छोटे से बैग में कॉपी-किताबें और टिफिन रखा। बेटे के स्कूल जाने की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। उजैद भी उत्साहित था और मासूम मुस्कान के साथ घर से निकला। उजैद अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और पूरे परिवार का दुलारा था।
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पिता मोहम्मद जमाल करीब एक माह पहले ही सऊदी अरब से घर लौटे थे और तब से ज्यादातर समय बेटे के साथ ही बिताते थे। चाचा मोहम्मद जफर बताते हैं कि उजैद की किलकारियों से घर-आंगन हमेशा गुलजार रहता था। उसकी हर अदा परिवार के लिए खुशी का कारण थी। बुधवार सुबह जब उजैद पहली बार स्कूल जाने के लिए घर से निकला, तो मां ने उसे दुलारते हुए विदा किया।
सड़क किनारे खड़ा उजैद स्कूल बस का इंतजार कर रहा था, तभी अचानक बस की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर जैसे ही गांव पहुंची, हर कोई सन्न रह गया। मां मकसूदा बदहवास होकर बार-बार बेसुध हो जाती रहीं। पिता मोहम्मद जमाल का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन और गांव की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं। गांव में सन्नाटा पसरा है। हर आंख नम है और हर कोई यही कह रहा है कि पहली बार स्कूल जाने निकला यह मासूम हमेशा के लिए सबको छोड़ गया।

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