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Amethi News: खरमास खत्म, 19 को फिर से बजेगी शहनाई
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:45 AM IST
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अमेठी सिटी। ग्रहों के राजा सूरज के 14 अप्रैल को मेष राशि में आने के साथ ही मलमास (खरमास) समाप्त हो गया। इससे पिछले एक महीने से मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट गई। विवाह, देव प्रतिष्ठा, नूतन गृह निर्माण और गृह प्रवेश जैसे आयोजन बुधवार से फिर शुरू हो सकेंगे। इस सीजन का पहला विवाह मुहूर्त 19 अप्रैल को रहेगा।
ज्योतिषाचार्य स्वामी राघवेंद्राचार्य महाराज ने बताया कि भगवान सूरज 14 अप्रैल को सुबह 9.30 बजे मेष राशि में प्रवेश कर गए। कहा कि मेष राशि का स्वामी मंगल अश्विनी नक्षत्र और इसके स्वामी केतु हैं। इससे मलमास समाप्त होकर मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। संग्रामपुर के ओझा का पुरवा के पंडित सुनील कुमार ओझा शास्त्री के अनुसार जब तक सूरज मीन राशि में रहता है, शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। अब 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ ही यह अवधि पूरी हो गई और 16 संस्कार व अन्य शुभ काम किए जा सकेंगे।
इस सीजन में शादियों की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अमृत मुहूर्त से हो रही है। अबूपुर मुहूर्त (जैसे अक्षय तृतीया, वसंत पंचमी और देव प्रबोधिनी एकादशी) में बिना विचार किए शुभ कार्य किए जा सकते हैं। ऐसे लोग जो नए घर में प्रवेश (गृह प्रवेश) या वाहन, स्वर्ण आभूषण खरीदना चाहते हैं, उनके लिए 14 अप्रैल से 16 मई के बीच का समय सबसे फलदायी है।
कालिकन धाम के पीठाधीश्वर श्रीमहाराज का कहना है कि 14 अप्रैल से चातुर्मास के प्रारंभ तक मांगलिक कार्य होंगे। बीच में 17 मई से 15 जून तक अधिक मास की वजह से विवाह और अन्य मांगलिक नहीं होंगे। फिर 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू हो जाएगा। यह 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक चलेगा। मान्यता के अनुसार इस अवधि में भी शुभ कार्य नहीं होंगे। 20 नवंबर के बाद तुलसी विवाह के साथ ही शहनाइयां दोबारा गूंजेंगी।
दिसंबर तक 39 विवाह मुहूर्त
-अप्रैल : इस माह में 19, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29
-मई : एक, तीन, पांच, छह, सात, आठ, 13 और 14
-जून : 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29
- जुलाई : एक, छह, सात और 11
-नवंबर : 21, 24, 25 और 26
-दिसंबर : दो, तीन, चार, पांच, छह, 11 और 12
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ज्योतिषाचार्य स्वामी राघवेंद्राचार्य महाराज ने बताया कि भगवान सूरज 14 अप्रैल को सुबह 9.30 बजे मेष राशि में प्रवेश कर गए। कहा कि मेष राशि का स्वामी मंगल अश्विनी नक्षत्र और इसके स्वामी केतु हैं। इससे मलमास समाप्त होकर मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। संग्रामपुर के ओझा का पुरवा के पंडित सुनील कुमार ओझा शास्त्री के अनुसार जब तक सूरज मीन राशि में रहता है, शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। अब 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ ही यह अवधि पूरी हो गई और 16 संस्कार व अन्य शुभ काम किए जा सकेंगे।
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इस सीजन में शादियों की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अमृत मुहूर्त से हो रही है। अबूपुर मुहूर्त (जैसे अक्षय तृतीया, वसंत पंचमी और देव प्रबोधिनी एकादशी) में बिना विचार किए शुभ कार्य किए जा सकते हैं। ऐसे लोग जो नए घर में प्रवेश (गृह प्रवेश) या वाहन, स्वर्ण आभूषण खरीदना चाहते हैं, उनके लिए 14 अप्रैल से 16 मई के बीच का समय सबसे फलदायी है।
कालिकन धाम के पीठाधीश्वर श्रीमहाराज का कहना है कि 14 अप्रैल से चातुर्मास के प्रारंभ तक मांगलिक कार्य होंगे। बीच में 17 मई से 15 जून तक अधिक मास की वजह से विवाह और अन्य मांगलिक नहीं होंगे। फिर 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू हो जाएगा। यह 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक चलेगा। मान्यता के अनुसार इस अवधि में भी शुभ कार्य नहीं होंगे। 20 नवंबर के बाद तुलसी विवाह के साथ ही शहनाइयां दोबारा गूंजेंगी।
दिसंबर तक 39 विवाह मुहूर्त
-अप्रैल : इस माह में 19, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29
-मई : एक, तीन, पांच, छह, सात, आठ, 13 और 14
-जून : 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29
- जुलाई : एक, छह, सात और 11
-नवंबर : 21, 24, 25 और 26
-दिसंबर : दो, तीन, चार, पांच, छह, 11 और 12
